हल्द्वानी में 111 निर्धन कन्याओं को मिले जीवन साथी, सामूहिक विवाह में दिखी बांग्ला गोरखा संस्कृति की झलक
हरिशरण जन संस्था (Harisharan Jan Sanstha) द्वारा आयोजित सामूहिक शादी समारोह में 111 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह (Haldwani Mass Marriage) कराया गया. कन्याओं को गृहस्थी का सामान भी उपहार स्वरूप दिया गया. सामूहिक विवाह में सभी समाज की भागीदारी रही. समारोह में मौजूद सभी ने अपनी रीति रिवाज के अनुसार इस वैवाहिक कार्यक्रम में अपनी भागीदारी निभाई.
हल्द्वानी: हरिशरण जन संस्था (Harisharan Jan Sanstha) द्वारा पिछले 8 नवंबर से हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज के प्रांगण में कई तरह के सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कराए जा रहे हैं. कार्यक्रम के आज अंतिम दिन 111 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह (Haldwani Mass Marriage) कराया गया. कन्याओं को गृहस्थी का भी सामान उपहार स्वरूप दिया गया. भव्य विवाह कार्यक्रम में तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. महिलाओं द्वारा वैवाहिक मांगलिक गीत गाए गए.
सामूहिक विवाह समारोह में उत्तराखंड के सीमांत के जोहार समाज (johar society) के लोग कन्याओं के लिए बारात लेकर आये. बंगाली और गोरखा समाज के लोगों ने अपनी रीति रिवाज के अनुसार बारात का स्वागत किया गया. इस दौरान विधि-विधान के साथ ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ विवाह संपन्न कराए गए. हरिशरण जन संस्था के संस्थापक राम गोविंद दास भाई जी ने बताया कि 111 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया गया. उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों से वर और दुल्हन पक्ष के लोग पहुंचे. सभी कन्याओं का हिंदू रीति रिवाज के अनुसार विवाह कराया गया. सभी कन्याओं को उनके गृहस्थी का सामान उपहार स्वरूप दिया गया.
उन्होंने बताया कि सामूहिक विवाह में सभी समाज की भागीदारी रही. सभी ने अपनी रीति रिवाज के अनुसार इस वैवाहिक कार्यक्रम में अपनी भागीदारी निभाई. उन्होंने कहा कि पहली बार हल्द्वानी में इस तरह का आयोजन किया गया है. 111 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया गया. गौरतलब है कि संस्था द्वारा पिछले 8 नवंबर से कई तरह के सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन कराया जा रहा है. प्रख्यात कथावाचक मृदुल महाराज द्वारा भागवत कथा का भी आयोजन किया जा रहा है.

