प्रयागराज. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थी पिछले कुछ समय से ऑनलाइन परीक्षा कराए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए थे. इसे देखते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. शुक्रवार को देर शाम विश्वविद्यालय प्रशासन की हाई लेवल कमेटी ने आपातकालीन बैठक कर छात्रों की सभी मांगों को स्वीकार कर लिया है.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र करीब डेढ़ महीने से ऑनलाइन परीक्षा करवाने की मांग कर रहे थे. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांग को दरकिनार करते हुए गुरुवार को ऑफलाइन परीक्षा करवाने की घोषणा कर दी थी. इस फैसले के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित हुए. इस दौरान सभी छात्र ऑनलाइन परीक्षा करवाने की मांग कर रहे थे. वहीं, एक छात्र ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया. इसके बाद पुलिस ने उस छात्र के ऊपर पानी डालकर उन्हें समझाना शुरू किया. थोड़ी देर के लिए यूनिवर्सिटी परिसर में अफरा-तफरी मच गयी. सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों के साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन से बातचीत की. इसके बाद स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लेने के साथ ही स्नातक तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा ऑनलाइन मोड में करवाने की मांग मान ली है.
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं का कहना है कि जब छात्रों ने ऑनलाइन मोड में जूम पर क्लास की तो वो परीक्षा भी ऑनलाइन मोड में रूम से ही देंगे. इन छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई बेहतर नहीं हुई है. इसी वजह से छात्र ऑफलाइन परीक्षा नहीं देना चाहते हैं. जैसे पढ़ाई हुई है जिस तरह से कोर्स करवाया गया है, उसी तरह से वो परीक्षा भी देंगे.
ऑफलाइन की अपेक्षा ऑनलाइन परीक्षा देना आसान
ऑनलाइन परीक्षा देने के दौरान छात्रों को कई तरह की सुविधा मिल सकती है. कई छात्र एक साथ बैठकर ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं. जिससे उन्हें पेपर सॉल्व करने में कोई दिक्कत नहीं होगी. ऑनलाइन पेपर देकर कॉपी सबमिट करने के लिए भी अतिरिक्त समय मिल सकता है. इससे उन्हें परीक्षा देने में ज्यादा सुविधा होगी. हालांकि ऑनलाइन परीक्षा देने की मांग करने वाले छात्र सिर्फ एक ही तर्क दे रहे है कि जिस तरह से पढ़ाई हुई है, उसी तरह से परीक्षा भी देंगे.
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कोरोना काल के दौरान जिस वक्त ऑनलाइन क्लास के बाद ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करवायी जा रही थी, तब इसी विश्वविद्यालय के तमाम छात्र ऑनलाइन क्लास से लेकर ऑनलाइन परीक्षा तक का विरोध किया करते थे. हालांकि अब वही छात्र ऑनलाइन परीक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं. यहां तक कि ऑनलाइन परीक्षा करवाने के लिए खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह तक की धमकी दे चुके हैं. शुक्रवार को छात्र ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर जान देने की धमकी दी थी. इसके बाद ही विश्वविद्यालय प्रशासन अपने ऑफलाइन परीक्षा के फैसले को वापस लेते हुए ऑनलाइन परीक्षा करवाने के लिए राजी हो गया. छात्रनेता विश्वविद्यालय के बैकफुट पर आने को अपनी जीत बता रहे हैं.
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