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झारखंड में बना है देश का सबसे बड़ा हाईकोर्ट, राष्ट्रपति करेंगी उद्घाटन, सुविधाओं और खासियत की है भरमार

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Published : May 22, 2023, 3:53 PM IST

24 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू झारखंड हाईकोर्ट के नए भवन का उद्घाटन करेंगी. 550 करोड़ की लागत से बने इस हाईकोर्ट परिसर में गांधी जी के बचपन से लेकर बापू बनने तक के सफर को तस्वीरों के माध्यम से बताया गया है. इसके अलावा और भी कई खासियत हैं इस नए हाई कोर्ट की...

New High Court of Jharkhand
डिजाइन इमेज
जानकारी देते ब्यूरो चीफ राजेश कुमार सिंह

रांची: झारखंड में देश का सबसे बड़ा हाईकोर्ट बनकर तैयार है. 24 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसका उद्घाटन करेंगी. 165 एकड़ में फैले इस हाईकोर्ट में सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है. एंट्री गेट से ही इसकी भव्यता और खूबसूरती की झलक दिखने लगती है. कोर्ट बिल्डिंग के दोनों ओर भव्य बिल्डिंग बनाई है जिसमें महाधिवक्ता के अलावा वकीलों के बैठने की जगह और लाइब्रेरी की व्यवस्था है. पूरे कोर्ट परिसर सेंट्रलाइज्ड एसी लगी हुई है. उद्घाटन समारोह में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएस चंद्रचूड़, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र समेत कई जस्टिस और गणमान्य मौजूद रहेंगे. हाईकोर्ट भवन के उद्घाटन, तैयारियों और खासियत का जायजा लिया ईटीवी भारत के ब्यूरो चीफ राजेश कुमार सिंह ने.

ये भी पढ़ें- Khunti visit of President: खूंटी में राष्ट्रपति के आगमन की तैयारी, अधिकारियों ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

क्या खासियत है इस हाईकोर्ट भवन की

  1. देश का पहला हाईकोर्ट है जो 165 एकड़ क्षेत्र में फैला है. यह सुप्रीम कोर्ट से भी कई गुणा बड़ा है.
  2. इस भवन में 1200 अभिवक्ताओं के बैठने के लिए दो हॉल बनाए गये हैं. अलग से 540 चेंबर और महाधिवक्ता के लिए भवन है.
  3. इसको बनाने में 550 करोड़ की लागत आई है. इसमें 500 सीसीटीवी कैमरों से सेंट्रालाज्ड निगरानी रखी जाएगी
  4. इस भवन में 30 हजार वर्गफीट में लाइब्रेरी बनी है. यहां 2000 से ज्यादा वाहनों के पार्किंग की सुविधा है.
  5. सौर ऊर्जा की भी सुविधा है. 25 वातानुकूलित कोर्ट रूम हैं.
  6. कोर्ट बिल्डिंग में जाने के लिए दो रास्ते हैं. एक सामने की सीढ़ी से और दूसरा बेसमेंट में एलिवेटर के जरिए.
  7. पूरा कोर्ट भवन 68 एकड़ में बना हुआ है. पहले फ्लोर पर चीफ जस्टिस के कोर्ट के अलावा कुल 13 कोर्ट बनाया गया है.
  8. सत्तर पुलिकर्मियों के लिए बैरक भी बना है.
  9. महाधिवक्ता का कार्यालय अलग से बना है. इसमें चार अपर महाधिवक्ता और 95 सरकारी वकीलों के लिए चेंबर है.
  10. कोर्ट परिसर में 30 लोगों के अलग से बैठने के लिए हॉल है.

इन खासियतों के अलावा नवनिर्मित हाईकोर्ट भवन कैंपस में करीब साढ़े चार हजार पौधे लगाए गये हैं. इसके अलावा पोस्टल ऑफिस, रेलवे बुकिंग काउंटर और डिस्पेंसरी की भी व्यवस्था है. एंट्री गेट से मुख्य भवन के पास जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है. यहां पहुंचने से पहले कई फव्वारे लगाए गये हैं. एंट्री हॉल में पुराने हाईकोर्ट भवन की यादगार तस्वीरों के अलावा झारखंड के वीर सपूतों की तस्वीरें हैं. साथ ही संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराम अंबेदकर की अलग-अलग तस्वीरें लगायी गई हैं. दीवार के एक छोर पर महात्मा गांधी के बचपन से लेकर उनके वकील और फिर बापू बनने का सफर तस्वीरों के जरिए दिखाया गया है. खास बात है कि इसी कोर्ट भवन के बिल्कुल पास में ही नवनिर्मित विधानसभा का भवन है. इसी इलाके में विधायकों के लिए आवास का भी निर्माण कराया जा रहा है.

जानकारी देते ब्यूरो चीफ राजेश कुमार सिंह

रांची: झारखंड में देश का सबसे बड़ा हाईकोर्ट बनकर तैयार है. 24 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसका उद्घाटन करेंगी. 165 एकड़ में फैले इस हाईकोर्ट में सुविधाओं का विशेष ख्याल रखा गया है. एंट्री गेट से ही इसकी भव्यता और खूबसूरती की झलक दिखने लगती है. कोर्ट बिल्डिंग के दोनों ओर भव्य बिल्डिंग बनाई है जिसमें महाधिवक्ता के अलावा वकीलों के बैठने की जगह और लाइब्रेरी की व्यवस्था है. पूरे कोर्ट परिसर सेंट्रलाइज्ड एसी लगी हुई है. उद्घाटन समारोह में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएस चंद्रचूड़, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र समेत कई जस्टिस और गणमान्य मौजूद रहेंगे. हाईकोर्ट भवन के उद्घाटन, तैयारियों और खासियत का जायजा लिया ईटीवी भारत के ब्यूरो चीफ राजेश कुमार सिंह ने.

ये भी पढ़ें- Khunti visit of President: खूंटी में राष्ट्रपति के आगमन की तैयारी, अधिकारियों ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

क्या खासियत है इस हाईकोर्ट भवन की

  1. देश का पहला हाईकोर्ट है जो 165 एकड़ क्षेत्र में फैला है. यह सुप्रीम कोर्ट से भी कई गुणा बड़ा है.
  2. इस भवन में 1200 अभिवक्ताओं के बैठने के लिए दो हॉल बनाए गये हैं. अलग से 540 चेंबर और महाधिवक्ता के लिए भवन है.
  3. इसको बनाने में 550 करोड़ की लागत आई है. इसमें 500 सीसीटीवी कैमरों से सेंट्रालाज्ड निगरानी रखी जाएगी
  4. इस भवन में 30 हजार वर्गफीट में लाइब्रेरी बनी है. यहां 2000 से ज्यादा वाहनों के पार्किंग की सुविधा है.
  5. सौर ऊर्जा की भी सुविधा है. 25 वातानुकूलित कोर्ट रूम हैं.
  6. कोर्ट बिल्डिंग में जाने के लिए दो रास्ते हैं. एक सामने की सीढ़ी से और दूसरा बेसमेंट में एलिवेटर के जरिए.
  7. पूरा कोर्ट भवन 68 एकड़ में बना हुआ है. पहले फ्लोर पर चीफ जस्टिस के कोर्ट के अलावा कुल 13 कोर्ट बनाया गया है.
  8. सत्तर पुलिकर्मियों के लिए बैरक भी बना है.
  9. महाधिवक्ता का कार्यालय अलग से बना है. इसमें चार अपर महाधिवक्ता और 95 सरकारी वकीलों के लिए चेंबर है.
  10. कोर्ट परिसर में 30 लोगों के अलग से बैठने के लिए हॉल है.

इन खासियतों के अलावा नवनिर्मित हाईकोर्ट भवन कैंपस में करीब साढ़े चार हजार पौधे लगाए गये हैं. इसके अलावा पोस्टल ऑफिस, रेलवे बुकिंग काउंटर और डिस्पेंसरी की भी व्यवस्था है. एंट्री गेट से मुख्य भवन के पास जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई है. यहां पहुंचने से पहले कई फव्वारे लगाए गये हैं. एंट्री हॉल में पुराने हाईकोर्ट भवन की यादगार तस्वीरों के अलावा झारखंड के वीर सपूतों की तस्वीरें हैं. साथ ही संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराम अंबेदकर की अलग-अलग तस्वीरें लगायी गई हैं. दीवार के एक छोर पर महात्मा गांधी के बचपन से लेकर उनके वकील और फिर बापू बनने का सफर तस्वीरों के जरिए दिखाया गया है. खास बात है कि इसी कोर्ट भवन के बिल्कुल पास में ही नवनिर्मित विधानसभा का भवन है. इसी इलाके में विधायकों के लिए आवास का भी निर्माण कराया जा रहा है.

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