हिमाचल क्रिप्टो करेंसी मामले में ₹2500 करोड़ की ठगी, 5000 सरकारी कर्मचारियों ने भी लगाया था पैसा, कई पुलिस कर्मी भी जाल में फंसे

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By ETV Bharat Hindi Desk

Published : Nov 4, 2023, 6:56 PM IST

Updated : Nov 4, 2023, 9:39 PM IST

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Himachal Crypto Currency Case: हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करेंसी मामले में एक नया खुलासा हुआ है. डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि हिमाचल में करीब 5000 सरकारी कर्मचारियों ने अपनी जमा पूंजी क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया था. वहीं, कई लोगों ने सरकारी नौकरी छोड़ क्रिप्टो करेंसी को अपना धंधा बना लिया. वहीं, ठगों की जाल में कई पुलिस वाले भी फंसे हैं. मामले में करीब 1 लाख लोगों से 2500 करोड़ की ठगी हुई है. वहीं, इस स्कैम को अंजाम देने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पढ़िए पूरी खबर...

हिमाचल क्रिप्टो करेंसी फ्रॉड मामला

शिमला: हिमाचल प्रदेश में 5000 सरकारी कर्मचारियों ने भी क्रिप्टो करेंसी में पैसा लगाया है. डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कुछ कर्मचारियों ने तो इस काली कमाई के लिए नौकरी तक छोड़ दी और समय से पहले रिटायरमेंट लेकर खुद भी पैसा इन्वेस्ट किया. इतना ही नहीं उन्होंने और लोगों से भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश करवाया. वहीं, इन ठगों की जाल में कई पुलिस कर्मी भी फंस कर अपनी जमा पूंजी गंवा दी. क्रिप्टो करेंसी के नाम पर फ्रॉड करने वालो को नहीं बख्शा जाएगा.

क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ₹2500 करोड़ का घोटाला: डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ₹2500 करोड़ का घोटाला हुआ है. देवभूमि में इस तरह का फ्रॉड बर्दाश्त नहीं होगा. सरकार द्वारा गठित एसआईटी तत्परता से काम कर रही है. आने वाले समय में और गिरफ्तारियां की जाएगी. हिमाचल के एक लाख लोगों को इसमें ठगा गया है. डिप्टी सीएम ने कहा यह एक डिजिटल स्कैम है. इस बारे में शुरू में आठ शिकायतें मिली थी, लेकिन अब 300 शिकायतें आ चुकी हैं. इनकी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है.

किंगपिन को जारी किया लुक आउट नोटिस: मुकेश अग्निहोत्री ने कहा सरकाघाट के रहने वाले आरोपी सुभाष शर्मा ने क्रिप्टो करेंसी से 200 करोड़ कमाया और अब दुबई भाग गया है. उसके लिए लुक आउट नोटिस जारी किए गए हैं. मंडी और हमीरपुर के लोगों ने सबसे ज्यादा पैसा लगाया है. उन्होंने कहा 100 लोगों ने 2-2 करोड़ रुपए और 200 लोगों ने एक-एक करोड़ रुपए क्रिप्टो करेंसी से कमाए हैं. पहले चरण में दो-दो करोड़ कमाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है. इसके बाद एक-एक करोड़ कमाने वालों पर कार्रवाई होगी. क्रिप्टो करेंसी स्कैम में 80 से ज्यादा मोबाइल जब्त किए जा चुके हैं. उन्होंने कहा सुभाष, हेम राज, सुखदेव और अभिषेक ने हिमाचल में क्रिप्टो करेंसी में अच्छे रिटर्न का लालच देकर लोगों से निवेश करवाया और इस स्कैम को अंजाम दिया.

मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार: मुकेश अग्निहोत्री ने कहा हमारा फोकस है कि आने वाले समय में इस तरह की और धोखाधड़ी प्रदेश के लोगों के साथ न हो. दूसरे राज्य की पुलिस भी अब इस मामले में सतर्क हो गई है. इस मामले में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. जबकि 50 के करीब और लोगों की गिरफ्तारी की जा सकती है.

अनाधिकृत योजनाओं में निवेश न करने की अपील: बता दें कि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी की जांच से संबंधी एक समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा क्रिप्टो करेंसी के जरिए कम समय में अधिक लाभ का झांसा देकर प्रदेश के भोले-भाले लोगों को सुनियोजित तरीके से ठगा गया है. प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये के अवैध निवेश से जुड़ी क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी मामले को लेकर उन्होंने चिंता जाहिर की. डिप्टी सीएम ने लोगों से अपील किया कि वे इस तरह की अनाधिकृत योजनाओं में निवेश न करें. उन्होंने कहा नियमन के अभाव में निवेशकों को ऐसे निवेश से धोखाधड़ी और हेराफेरी का जोखिम बना रहता है.

क्रिप्टो करेंसी स्कैम में लोगों के 500 करोड़ रुपये डूबे: मुकेश अग्निहोत्री ने कहा लोग फोरलेन और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं से मिले मुआवजे का पैसा भी क्रिप्टो करेंसी में लगा कर डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं. उन्होंने कहा लोगों को सतर्क रहते हुए इस तरह की धोखाधड़ी वाली योजनाओं के झांसे में नहीं आना चाहिए. क्रिप्टो करेंसी के झांसे में आकर लोगों की मेहनत की कमाई के लगभग 500 करोड़ रुपये डूब गए हैं. भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भी क्रिप्टो करेंसी और बिटकॉइन में प्रमाणिकता के संबंध में अस्पष्टता की पुष्टि की है. राज्य के विभिन्न जिलों से क्रिप्टो धोखाधड़ी की शिकायतें निरंतर सामने आ रही हैं. अब तक क्रिप्टो करेंसी धोखाधड़ी की 300 से अधिक शिकायतें पुलिस को प्राप्त हुई हैं. इसके सरगनाओं ने प्रदेश के लोगों को धोखा दिया है.

आरोपी सुभाष शर्मा को जल्द पकड़ेगी पुलिस: उन्होंने कहा पुलिस क्रिप्टो करेंसी सरगनाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई कर प्रदेश के लोगों को न्याय दिलाएगी. उन्होंने क्रिप्टो नेटवर्क को तोड़ने और मंडी से आरोपी हेमराज और सुखदेव, ऊना से अरुण गुलेरिया और अभिषेक सहित कई गिरफ्तारियां करने के लिए हिमाचल पुलिस की सराहना की. उन्होंने कहा मंडी जिला के सरकाघाट का एक अन्य आरोपी सुभाष शर्मा को भी पुलिस शीघ्र गिरफ्तार कर लेगी.

क्रिप्टो करेंसी स्कैम में 70 से 80 धोखेबाज शामिल: वहीं, हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू ने बताया विभाग ने क्रिप्टो घोटाले में संलिप्त लगभग 2.5 लाख अलग-अलग आईडी वाली वेबसाइटों का पता लगाया है. क्रिप्टो करेंसी के इस जाल में आरंभिक स्तर पर 70 से 80 धोखेबाज शामिल होने का अनुमान है. पुलिस ने धोखेबाजों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर हिमाचल और जीरकपुर में विभिन्न स्थानों पर अब तक 8.5 करोड़ की संपत्ति जब्त की है. उन्होंने कहा इसमें पंजाब पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है. गृह मंत्रालय ने भी हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है.

उन्होंने कहा अपराधियों के खिलाफ अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी विधेयक 2019 के तहत कार्रवाई की जा रही है. इस अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है. क्रिप्टो करेंसी डिजिटल घोटाले की जांच कर रहे विशेष जांच दल के प्रमुख एवं डीआईजी उत्तरी रेंज अभिषेक दुल्लर ने मामले में विस्तृत जानकारी दी.

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Last Updated :Nov 4, 2023, 9:39 PM IST
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