सरगुजा के जंगलों में आग बनी चुनौती : वनकर्मी हड़ताल पर, डीएफओ बुझा रहे आग
सरगुजा के जंगल में आगजनी की घटनाएं बढ़ रही हैं. बावजूद इसके वनविभाग का दावा है कि हालात काबू में हैं. लेकिन ईटीवी की टीम के सामने वन विभाग के दावों की पोल खुल गई.
सरगुजा : छत्तीसगढ़ में वन कर्मचारियों की हड़ताल का खामियाजा वनों को भुगतना पड़ रहा है. सरगुजा वन वृत्त में कई जगह आगजनी की घटनाएं हो रही हैं. वन विभाग के सामने इस आग को बुझाना अब चुनौती बनता जा रहा है. हालात ये हैं कि डीएफओ आग बुझाने के लिए ग्राम समितियों की मदद ले रहे हैं. बावजूद इसके सरगुजा वन वृत्त में आग बुझाने का काम युद्ध स्तर पर नहीं हो पा रहा है. जिससे आग बेतरतीब फैल रही है. डीएफओ ने कई जगह खुद खड़े होकर आग बुझाई है. लेकिन बिना कर्मचारियों के आग पर काबू पाना आसान नहीं है.
कई जगह आग की सूचना : सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में मंगलवार को जंगल में आग लगने की सूचना मिली. जिसके बाद ईटीवी भारत की टीम ने पूरे संभाग के वन वृत्त, अभ्यारण्य और नेशनल पार्क में आग की सूचना इकट्ठा की. जो जानकारी सामने आई वो चौंकाने वाली है. इनमें सबसे अधिक आग कोरिया जिले में लगी थी. कोरिया वन परिक्षेत्र में 56 स्थानों पर, मनेन्द्रगढ़ में 42 स्थानों पर, सूरजपुर जिले में 43, बलरामपुर जिले में 29, जशपुर में 2, सरगुज़ा जिले में 1, गुरु घासीदास उद्यान में 42 और तमोर पिंगला सेंचुरी में 8 स्थानों पर आग लगी थी.
हड़ताल ने बढ़ाई चुनौती : गर्मी का मौसम आते ही जंगल में आग लगना आम बात है. लेकिन इस बार आग वन विभाग के लिए चुनौती है. क्योंकि गर्मी के मौसम में वनविभाग के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं.इसके बाद भी वन विभाग के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि हालात काबू में हैं.अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने वन ग्राम समिति की मदद से कई जगहों पर लगी आग को बुझाया है.
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डीएफओ ने संभाला मोर्चा : इस सबंध में हमारी टीम ने सीसीएफ से बात करनी चाही. लेकिन वो वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त थे. हालांकि उन्होंने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि सभी डीएफओ मौके पर खुद गये थे. वन विभाग के मुताबिक ग्राम वन समिति के लोगों के सहयोग से आग बुझाने का काम किया गया है.


