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सदन में उठा लोक सेवा निवारण कानून पर सवाल, JDU ने दिया जवाब

जेडीयू मंत्री संजय झा ने कहा कि अब तक राज्य में तकरीबन 6 लाख 25 हजार मामले लोक शिकायत निवारण अधिनियम कानून में दर्ज किए गए हैं.

sanjay jha
संजय झा

Published : November 27, 2019 at 7:25 PM IST

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पटना: शीतकालीन सत्र में मंगलवार को लोक शिकायत निवारण कानून पर कई सवाल उठे. विधान परिषद सदस्य कृष्ण कुमार सिंह ने इस कानून के तहत कई मामले निष्पादित नहीं होने का आरोप भी लगाया. जिसका जेडीयू मंत्री संजय झा ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कृष्ण कुमार सिंह को गलत जानकारी मिली है.

जेडीयू मंत्री संजय झा ने कहा कि अब तक राज्य में तकरीबन 6 लाख 25 हजार मामले लोक शिकायत निवारण अधिनियम कानून में दर्ज किए गए हैं. इसमें से तकरीबन 6 लाख मामलों का निष्पादन भी हो चुका है. उन्होंने ये भी कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में कई काम जनता के हित में किया गया है.

जल संसाधन मंत्री संजय झा

संजय झा का आरजेडी पर तंज
सदन के अंदर इस मामले पर आरजेडी के रवैये पर भी संजय झा ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि शोर करना उनकी नियति है. जल संसाधन मंत्री संजय झा ने कहा कि आरजेडी के सदस्य कभी भी किसी भी मामले को गंभीरता से नहीं लेते हैं. इनसे ज्यादा उम्मीद भी नहीं की जा सकती है.

कृष्ण कुमार ने क्या कहा?
बता दें कि विधान परिषद सदस्य कृष्ण कुमार सिंह ने इस कानून के तहत कई मामले निष्पादित नहीं होने का आरोप लगाया है. बीजेपी सदस्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा था कि आज भी तकरीबन 40% से अधिक मामले अधर में लटके हुए हैं.

Intro:बिहार में लोक शिकायत निवारण कानून लागू है। थान परिषद सदस्य कृष्ण कुमार सिंह ने इस कानून के तहत कई मामले निष्पादित नहीं होने का आरोप लगाया। बीजेपी सदस्य किस कुमार सिंह के द्वारा कहा गया कि आज भी तकरीबन 40% से अधिक मामले अधर में लटके हुए।

जिस सरकार के जवाब में मंत्री संजय झा ने कहा कि सदस्य के पास जो सूचना है वह गलत है।


Body:संजय झा ने कहा कि अब तक राज्य में तकरीबन 6 लाख 25 हजार मामले लोक शिकायत निवारण अधिनियम कानून में दर्ज किए गए हैं। इसमें से तकरीबन 6 लाख मामलों का निष्पादन भी हो चुका है।
संजय झा ने कहा कि बीजेपी एमएलसी कृष्ण कुमार सिंह को इस मामले में मिली जानकारी सही नहीं है।
नीतीश सरकार कई बेहतरीन काम राज्य की जनता के हित में किये है। लेकिन लोक शिकायत निवारण कानून को कई राज्यों ने अनुसरण भी किया है।


Conclusion:सदन के अंदर इस मामले पर राजद के रवैया पर संजय झा ने कहा कि शोर करना उनकी नियति है। राजद के सदस्य कभी भी किसी भी मामले को गंभीरता से नहीं लेते। उनसे इससे ज्यादा उम्मीद भी नहीं की जा सकती।