केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने CM हेमंत सोरेन से की मुलाकात, झरिया मास्टर प्लान समेत कई मुद्दों पर हुई खास चर्चा
केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कोल खनन परियोजनाओं से अवगत कराया.

Published : December 25, 2025 at 7:14 AM IST
रांची: झारखंड दौरे पर आए केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके रोड रांची स्थित आवास पर मुलाकात की. इस दौरान राज्य सरकार और कोल मंत्रालय एवं कोल इंडिया की सहायक इकाइयों के अधिकारियों के बीच कोयला एवं खनन क्षेत्र में सुधार को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई. साथ ही राज्य में कोल माइंस से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ.
इन मुद्दों पर हुई खास चर्चा
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कोल माइंस से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों सहित झरिया मास्टर प्लान, बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना, गवर्नमेंट लैंड कंपनसेशन, खनन कार्य पूर्ण हो चुके भूमि की वापसी, शेष का रिव्यू, नई कोल खनन परियोजनाओं का संचालन इत्यादि मुद्दे पर राज्य सरकार का पक्ष रखा. वहीं, केंद्रीय कोयला मंत्री ने कोल खनन परियोजनाओं को लेकर आ रही समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से ही कोल माइंस से जुड़े समस्याओं का समाधान संभव है. मुख्यमंत्री ने कहा कि झरिया मास्टर प्लान तथा बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल है. इन परियोजनाओं के तहत विस्थापित परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सकेगा. वहीं, जल्द झरिया मास्टर प्लान हेतु पूर्णकालिक सी.ई.ओ. की नियुक्ती पर भी चर्चा हुई.

कोयला एवं खनन परियोजनाओं पर सकारात्मक कदम उठाए जाने पर जोर
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी की उपस्थिति में अधिकारियों के बीच हुई खनिजों पर मिलने वाली रॉयल्टी, विस्थापितों का पुनर्वास, नौकरी और मुआवजा, सरकारी भूमि पर जमाबंदी को लेकर नीतिगत निर्णय लिए पर सहमति, शेष का रिव्यू, रिकॉन्सिलिएशन कार्य में राज्य सरकार द्वारा मदद प्रदान किए जाने पर चर्चा हुई.
इसके अलावा खनन कार्य पूरा हो चुके जमीन की वापसी, खदानों में अवैध खनन की वजह से हो रहे हादसों पर नियंत्रण, खनन क्षेत्र और आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों को रोजगार, कोल परियोजनाओं के ऑपरेशनल करने में आ रही अड़चनों का समाधान और सीएसआर फंड के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बातचीत हुई.

