रैगिंग मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, याचिकाकर्ता को शपथ पत्र पर जवाब पेश करने को कहा
उत्तराखंड हाईकोर्ट में उच्च शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक व मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग मामले 17 नवंबर को फिर सुनवाई होगी.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : November 3, 2025 at 5:02 PM IST
नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक व मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग को रोकने के दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई हेतु 17 नवंबर की तिथि नियत की है. तब तक मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से सरकार व केंद्र के द्वारा पेश किए गए शपथ पत्र में अपना जवाब पेश करने को कहा है. सुनवाई में याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि सारे कानून बने हैं, लेकिन उनका अनुपालन नहीं हो पा रहा है.
साल 2025 में ही भीमताल के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया. एक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर देश मे 2025 में 51 रैगिंग के सामने आए. जिसमें से 20 छात्रों ने खुदकुशी की. कानून इनको रोकने में असफल हो रहा है. जिस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा है कि जो रिपोर्ट पेश की गई है, उस पर अपना प्रति उत्तर न्यायालय में पेश करें. मामले के अनुसार कोर्ट ने मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के 27 छात्रों के साथ रैगिंग किए जाने के खिलाफ दायर सचिदानंद डबराल की जनहित याचिका पर सुनवाई की.
जिसमें कहा है कि हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज में 27 छात्रों का सिर मुड़वाकर कर उनके साथ रैगिंग की गई. उनके पीछे बाकायदा एक सुरक्षा गार्ड भी खड़ा किया गया. हालांकि, कॉलेज प्रबंधन का कहना था कि उनके पास रैगिंग की कोई शिकायत नहीं आई. सुनवाई के दौरान याचिकर्ता के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट को बताया गया था कि वायरल वीडियो में 27 छात्र एक लाइन में खड़े कर सिर मुड़वाये हुए है और सभी के हाथ पीछे की ओर है एक गार्ड उनके पीछे खड़ा हुआ है, ताकि छात्र भाग न पाएं. रैगिंग करना सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के विरुद्ध है.
समाचार पत्रों में छपी खबर व वायरल वीडियो में पता लगा कि ये सभी छात्र एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं. प्रथम वर्ष के सभी स्टूडेंट्स को बाल कटवाने के निर्देश इनके सीनियर छात्रों ने दिए थे. इस मामले को रैंगिंग से जोड़कर देखा जा रहा है. जहां तक छात्रों के बाल काटने का मामला है. कॉलेज की तरफ से कहा जा रहा है कि छात्रों के सिर में डेंड्रफ व जू पड़ गए थे, इसलिए इनके बाल मुड़वा दिए. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा वायरल वीडियो को कोर्ट में दिखाया गया था.
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