ETV Bharat / state

हरियाणा में मानसून पड़ा कमजोर, 15 जिले सूखे की चपेट में, 3 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

हरियाणा में जुलाई में 27% कम बारिश दर्ज हुई. 15 जिले रेन डेफिसिट में हैं, जबकि 3 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट है.

Haryana Monsoon Update
हरियाणा में मानसून पड़ा कमजोर (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 1, 2026 at 9:45 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून के सबसे अहम महीने जुलाई में इस बार बारिश उम्मीद से काफी कम रही. भारतीय मौसम विभाग की मासिक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में जुलाई के दौरान 109.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 149.1 मिमी रहता है. यानी पूरे प्रदेश में करीब 40 मिमी यानी 27 प्रतिशत कम बारिश हुई. कमजोर मानसून का सबसे अधिक असर पश्चिमी और मध्य हरियाणा में देखने को मिला, जहां कई जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई.

15 जिले रेन डेफिसिट की चपेट में: प्रदेश के 22 जिलों में से 15 जिले सामान्य से कम बारिश वाले क्षेत्र में शामिल हो गए हैं. सबसे अधिक कमी सिरसा में 74 प्रतिशत, जबकि जींद और रोहतक में 66-66 प्रतिशत दर्ज की गई. हिसार में 45 प्रतिशत और कैथल में 43 प्रतिशत कम बारिश हुई. वहीं पलवल, कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में सामान्य से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे प्रदेश में बारिश का असंतुलन साफ दिखाई दे रहा है.

खेती पर बढ़ी चिंता, खरीफ फसलों पर असर: कम बारिश का सबसे बड़ा असर कपास और बाजरे की खेती वाले पश्चिमी हरियाणा पर पड़ने की आशंका है. सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, जींद और रोहतक जैसे जिलों में किसानों की सिंचाई पर निर्भरता बढ़ गई है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगस्त के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है.

जानें कहां हुई कितनी बारिश: उत्तर हरियाणा में अंबाला और पंचकूला में सामान्य से करीब आधी बारिश हुई, जबकि कुरुक्षेत्र में 20 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई. दक्षिण हरियाणा में पलवल में सामान्य से 30 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और नूंह में कमी सीमित रही. पश्चिम हरियाणा सबसे अधिक प्रभावित रहा, जबकि मध्य हरियाणा का रोहतक, जींद, कैथल और सोनीपत इलाका प्रदेश का सबसे बड़ा रेन डेफिसिट जोन बनकर उभरा.

तीन जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट: मौसम विभाग ने 1 अगस्त के लिए पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में भारी बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. वहीं हिसार, सिरसा और फतेहाबाद में केवल हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. विभाग का कहना है कि 3 और 4 अगस्त से मानसून दोबारा सक्रिय होने के आसार हैं, जिससे प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है.

तापमान में गिरावट: बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में कमी दर्ज की गई है. शुक्रवार को सिरसा 36.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा. इसके बाद नारनौल में 36.0 और हिसार में 35.1 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. रात के तापमान में नारनौल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार हवा में नमी अधिक रहने से आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय उमस बनी रह सकती है.

ये भी पढ़ें:हरियाणा में आज फिर 5 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 2 अगस्त से पूरे प्रदेश में जमकर बरसेंगे बादल