खेजड़ी संरक्षण पर सरकार वादे से पीछे, बिल लाने में देरी दुर्भाग्यपूर्ण : हरीश चौधरी
बायतु विधायक ने कहा कि राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि पर्यावरण, पारिस्थितिकी और ग्रामीण जीवन का आधार है.

Published : March 7, 2026 at 10:17 AM IST
|Updated : March 7, 2026 at 10:33 AM IST
बाड़मेर : बायतु विधायक हरीश चौधरी ने भजनलाल सरकार को खेजड़ी संरक्षण बिल के वादे को याद दिलाते हुए जमकर निशाना साधा. चौधरी ने कहा कि सरकार ने खेजड़ी संरक्षण को लेकर तत्काल काननू लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक उस वादे को पूरा नहीं किया गया. खेजड़ी संरक्षण बिल लाने में देरी दुर्भाग्यपूर्ण है. बिल आने तक सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए.
बायतु विधायक हरीश चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार ने राजस्थान की जनता से खेजड़ी के संरक्षण को लेकर तत्काल कानून लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक उस वादे को पूरा नहीं किया गया है. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार की घोषणा के बावजूद प्रदेश में लगातार खेजड़ी के पेड़ कट रहे हैं और सरकार इस विषय पर कोई ठोस कदम उठाती नजर नहीं आ रही है.
पढ़ें. खेजड़ी बचाने की जंग में बड़ी जीत: बीकानेर में जारी महापड़ाव समाप्त, सरकार बनाएगी सख्त कानून
उन्होंने बताया कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में कांग्रेस दल की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया कि जब तक खेजड़ी संरक्षण से संबंधित विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाना चाहिए. राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि पर्यावरण, पारिस्थितिकी और ग्रामीण जीवन का आधार है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश में इससे अधिक महत्वपूर्ण विषय शायद ही कोई हो सकता है. खेजड़ी का संरक्षण सीधे तौर पर पर्यावरण, पशुपालन, कृषि और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ा हुआ है. सरकार को अपने वादे के अनुरूप तुरंत खेजड़ी संरक्षण बिल लाकर इसे कानूनी सुरक्षा देनी चाहिए. कांग्रेस दल और वे स्वयं हर लोकतांत्रिक माध्यम से खेजड़ी के संरक्षण और इस बिल को विधानसभा में लाने की मांग को लगातार उठाते रहेंगे, ताकि राजस्थान की इस अमूल्य प्राकृतिक धरोहर की रक्षा सुनिश्चित हो सके.

