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कौन हैं डॉक्टर हेमंत कुमार, जिन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया? जानिए इनके संघर्ष की कहानी

डॉ. हेमंत कुमार को चिकित्सा के क्षेत्र में योगदान को लेकर पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया. ईटीवी भारत से बातचीत में जानें संघर्ष की कहानी.

Padmashri Dr Hemant Kumar
पद्मश्री डॉक्टर हेमंत कुमार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : January 27, 2025 at 1:06 PM IST

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पटना: पद्मश्री डॉक्टर हेमंत कुमार आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है. चिकित्सा के क्षेत्र में खासकर बिहार में इनका योगदान अहम रहा है. गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉक्टर हेमंत कुमार को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा. डॉक्टर हेमंत कुमार के नाम तो कई अवार्ड हैं, लेकिन पद्मश्री अवार्ड मिलना एक सपने सच होने जैसा है. आईये जानते हैं इनकी कहानी.

पद्मश्री डॉक्टर हेमंत कुमार मूल रूप से बिहार के भागलपुर में रहने वाले हैं. चिकित्सा के क्षेत्र में खासकर नेफ्रो में इनका अहम योगदान है. नेफ्रो एक किडनी से जुड़ी बीमारियों का निदान और इलाज करने से जुड़ा एक मेडिकल क्षेत्र है. इसमें हेमंत कुमार को महारत हासिल है. इन्होंने इस क्षेत्र में एक अहम योगदान निभाया जो बिहार के लोगों के विए वरदान साबित हुआ.

डॉ. हेमंत कुमार से बातचीत (ETV Bharat)

35 साल से सेवा: एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले डॉक्टर हेमंत कुमार पिछले 35 साल से सेवा दे रहे हैं. 1983 में एमबीबीएस के बाद पीएमसीएच 1989 में एमडी की डिग्री हासिल की. इसके साथ नेफ्रोलॉजी के क्षेत्र में डीएम की डिग्री हासिल की. हेमंत कुमार बिहार के पहले ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने नेफ्रोलॉजी में डीएम की डिग्री हासिल की.

लोगों को कर रहे जागरूक: हेमंत कुमार ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतना बड़ा पुरस्कार मिलेगा, लेकिन सरकार ने इस लायक समझा और पद्मश्री दिया गया. उन्होंने इसके लिए बिहार सरकार और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया. कहा कि पिछले 35 साल से बिहार की सेवा कर रहे हैं. हर पेशेंट के साथ जो अटेंडेंट आते हैं, उनका मुफ्त इलाज और काउंसलिंग करते हैं. किडनी का रोग ना हो इसके लिए लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं.

Dr Hemant Kumar
डॉ. हेमंत कुमार को पद्मश्री (ETV Bharat)

"इस सम्मान के लिए मैं बिहार और केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं. मुझे उम्मीद नहीं थी कि इतना बड़ा सम्मान मिलेगा. बिहार से स्वास्थ्य के लिए पलायन काफी कम हुआ है. बिहार के तमाम बड़े अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था हो जाएगी तब लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी. मुझे उम्मीद है कि पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की व्यवस्था सरकार शीघ्र बहाल करेगी." -डॉक्टर हेमंत कुमार, नेफ्रोलॉजिस्ट

आईजीआईएमएस में डायलिसिस: डॉ हेमंत कुमार ने राजधानी पटना के तीन बड़े अस्पतालों में सेवा दी. उनके प्रयासों से ही तमाम बड़े अस्पतालों में डायलिसिस की प्रक्रिया शुरू हुई. डॉक्टर हेमंत कुमार ने 1990 से लेकर 2005 तक इंदिरा गांधी आयुर्वेद संस्थान में डिपार्टमेंट हेड के तौर पर काम किया उनके प्रयासों से ही आईजीआईएमएस में डायलिसिस की सुविधा शुरू हुई.

Dr Hemant Kumar
डॉ. हेमंत कुमार को पद्मश्री (ETV Bharat)

पीएमसीएच में डायलिसिस: 2014 में डॉक्टर हेमंत कुमार ने पीएमसीएच में डिपार्टमेंट हेड के तौर पर ज्वाइन किया और इस दौरान उन्होंने न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के डायरेक्टर का काम भी देखा. न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल में भी डायलिसिस की सुविधा उनके प्रयासों से शुरू हुई. इनके कार्यकाल में ही पीएमसीएच में 24 घंटे डायलिसिस की व्यवस्था की शुरुआत हुई.

कम खर्च में इलाज: राजधानी पटना के तमाम बड़े अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा उनके प्रयासों से शुरू हुई. जिसके चलते डायलिसिस के लिए बिहार के लोगों को दूसरे राज्य का रुख नहीं करना पड़ता है. लोगों का इलाज भी कम खर्चे में हो रहा है. इनके इस योगदान के कारण इन्हें पद्मश्री पुरस्कार दिया गया.

Dr Hemant Kumar
डॉ. हेमंत कुमार को पद्मश्री (ETV Bharat)

द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित: साल 2024 में डॉक्टर हेमंत कुमार को बेंगलुरु में द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित किया गया. इसके अलावा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिला. 2024 में डॉक्टर हेमंत कुमार को कुल मिलाकर चार राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार मिले. पद्मश्री पुरस्कार डॉ हेमंत कुमार के लिए सबसे बड़ी पुरस्कार है.

पद्मश्री क्या है?: यह एक भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला सम्मान है जो किसी भी भारतीय को उनके क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए दिया जाता है. इसे भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी कहा जाता है.

Dr Hemant Kumar
डॉ. हेमंत कुमार को पद्मश्री (ETV Bharat)

पद्मश्री में क्या मिलता?: पुरस्कार प्राप्त कर्ता को एक विशेष पदक (Medal) दिया जाता है. पदक सोना और चांदी का बना होता है. इसके साथ एक प्रमाण पत्र मिलता है, जिसमें नाम, योगदान और पुरस्कार लिखा होता है. इस पुरस्कार के साथ कोई धन राशि नहीं दी जाती है. राष्ट्रपति के द्वारा यह सम्मान दिया जाता है.

मिलने वाली सुविधा?: इसे प्राप्त करने वाले व्यक्ति को कई सुविधाएं और सम्मान मिलता है. राज्य और केंद्र सरकार से सम्मान मिलता है. विशेष अवसरों पर अतिथि के तौर पर आमंत्रण दिया जाता है. इसके साथ यात्रा, सुरक्षा, और अन्य प्रशासनिक सुविधाएं दी जाती है. केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं में प्राथमिकता मिलती है.

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