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स्याह तस्वीर! बीमार महिला को डोली से पहुंचाया अस्पताल, उफनता गदेरा पार करने को मजबूर लोग

नैनीताल में खतरनाक रास्तों और उफनती नदी को पार कर बीमार महिला को डोली से पहुंचाया अस्पताल,उत्तरकाशी के मोरी से भी सामने आई डरावनी तस्वीरें

UTTARKASHI VILLAGERS CROSSING RIVER
हलारा गाड़ पार करते लोग (फोटो सोर्स- Villagers)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 20, 2025 at 3:07 PM IST

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Updated : August 20, 2025 at 5:37 PM IST

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हल्द्वानी/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में लोग एयर एंबुलेंस के जमाने में मरीजों को डंडी कंडी पर लादकर मीलों का सफर तय कर सड़क तक पहुंचाने को मजबूर हैं. ऐसा ही मजबूरी और पीड़ा की तस्वीर नैनीताल जिले से सामने आई है. जहां बीमार बुजुर्ग महिला को ग्रामीण डोली पर लादकर खतरनाक रास्तों और उफनती नदी पार कर अस्पताल तक लाए. यह तस्वीर पहाड़ की पीड़ा तो बयां करती ही है साथ ही सरकार और सिस्टम के व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रही है. उधर, उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में भी ग्रामीण जान जोखिम में डालकर गदेरे पार कर आवाजाही कर रहे हैं.

बीमार महिला को डोली पर लादकर पहुंचाया अस्पताल: जानकारी के मुताबिक, नैनीताल जिले में भीमताल के मलुवाताल स्थित कसैला तोक की रहने वाली 66 वर्षीय महिला गंगा देवी पत्नी चिंतामणि बीमार पड़ गई. ऐसे में गंगा देवी को अस्पताल पहुंचाने के लिए डोली (डंडी कंडी) का बंदोबस्त किया. जिसके बाद उन्हें डोली पर लादकर अस्पताल की ओर निकले. जिसके तहत ग्रामीण सबसे पहले डोली के सहारे बीमार महिला को घर से नदी तक लाए. फिर उन्होंने अपनी जान पर खेलकर उफनाई गौला नदी पार कराई.

उत्तराखंड में ग्रामीणों की पीड़ा (वीडियो सोर्स- Villagers)

इसके बाद सड़क मार्ग से गंगा देवी को हल्द्वानी अस्पताल पहुंचाया गया है. जहां गंगा देवी का इलाज चल रहा है. बरसातों के दौरान उफनती नदी को पैदल भारी डोली लेकर पार करना एक जानलेवा चुनौती से कम नहीं थी. कई किलोमीटर पैदल चलकर ये ग्रामीण गंगा देवी को लेकर मोटर मार्ग तक पहुंचे, लेकिन तब तक उनके हालात खराब हो गए. वहीं, ग्रामीण मनोज शर्मा और पूर्व ग्राम प्रधान दयाकिशन बेलवाल ने ग्रामीणों की पीड़ा को सामने रखा.

"गांव में किसी की भी अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें डोली के सहारे नदी पार पैदल मुख्य मोटरमार्ग तक पहुंचाया जाता है. अभी तक उनका गांव पूरी तरह से पिछड़ा हुआ है और गांव को जोड़ने के लिए कोई रास्ता नहीं है. बरसात के समय नदी उफना जाती है. जिसके चलते काफी ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है."- दयाकिशन बेलवाल, पूर्व ग्राम प्रधान

क्या बोले ग्रामीण: ग्रामीण मनोज शर्मा और दयाकिशन बेलवाल ने बताया कि कई बार तो तत्काल इलाज नहीं मिलने के कारण प्रसव पीड़ित महिला या अन्य बीमार की मौत या गंभीर बीमारी के शिकार हो जाते हैं. ग्रामीणों के अनुसार वो लंबे समय से सरकार से मोटर मार्ग की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड बनने के 25 साल बाद भी उनके गांव तक पहुंचने के लिए कोई सड़क या कोई पुल नहीं है.

WOMAN CARRY ON DANDI KANDI Nainital
बीमार महिला को डोली पर लादकर पहुंचाया अस्पताल (फोटो सोर्स- Villagers)

ग्रामीणों के मुताबिक, भटेलिया-अमदौ-दुदुली मोटर मार्ग के निर्माण की मांग का प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन अभी तक इस प्रस्ताव पर कोई विचार नहीं किया गया है. काश्तकारों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ती है. जहां अपनी उपज को बाजारों तक ले जाने में बड़ी परेशानी होती है. इतना ही नहीं यहां गांव में पढ़ाई लिखाई करने वाले छात्रों को भी बड़ी परेशानी होती है. जहां पढ़ाई करने वाले बच्चों को शहर में रहकर पढ़ाई करनी पड़ती है.

वहीं, नैनीताल की इस तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि नदी पार करने में केवल बीमार महिला की नहीं बल्कि, डोली पकड़ने वाले सभी 6 लोगों की जान को भी भारी खतरा था. ग्रामीणों ने सरकार और शासन से गांव तक सड़क एवं पुल बनाने की मांग की है. ताकि, कसैला गांव के अस्तित्व को बचाया जा सके. ग्रामीणों का कहना है कि हालात ऐसे रहे तो गांव के लोग धीरे-धीरे पलायन कर जाएंगे.

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बीमार महिला को लादकर नदी पार करते ग्रामीण (फोटो सोर्स- Villagers)

उत्तरकाशी में मोरी क्षेत्र में उफनते गदेरे को पार कर आवाजाही कर रहे ग्रामीण: उत्तरकाशी जिले में लगातार बारिश के कारण आम लोगों का जीना मुश्किल हो रखा है. बारिश की वजह से कई ग्रामीण लिंक मार्ग बाधित हैं. मोरी विकासखंड के सौड़ तालुका के बीच हलारा गाड़ उफान पर आने से बडासू पट्टी के 5 गांवों की यातायात ठप हो गई. जिसके चलते ग्रामीण अपनी जान को जोखिम में डालकर पैदल ही उफनते गदेरे को पार करते दिखे.

बारिश के कारण हलारा गाड में आए उफान और भारी मलबे के कारण बडासू पट्टी के ढाटमीर, गंगाड, ओसला, पवाणी और तालुका की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई. जिससे 5 गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनते गदेरे को पार कर तहसील मुख्यालय तक पहुंच रहे हैं.

UTTARKASHI VILLAGERS CROSSING RIVER
जान जोखिम में डालकर आवाजाही (फोटो सोर्स- Villagers)

"बारिश से तालुका ओसला, गंगाड, ढाटमीर और पवाणी के बीच का मार्ग भी पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है. इसके साथ ही हलारा गदेरे में बड़े-बड़े पत्थर और मलबा आने के कारण आवाजाही बंद हो गई. जिससे ग्रामीण को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों को रोजमर्रा काम के लिए मोरी तहसील तक गदेरे से जान जोखिम में डालकर जाना पड़ता है."- राजपाल रावत, स्थानीय निवासी

आराकोट-चिवां मोटर मार्ग भी हो रहा बाधित: वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन चौहान ने बताया कि आराकोट-चिवां मोटर मार्ग पर जगह-जगह मलबा आने से बाधित हो रहा है. इससे बागवानों के गोदामों में रखे सेब खराब होने लगे हैं. ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को पत्र लिखकर जल्द ही क्षेत्र में बंद पड़ सड़कों को खोलने की मांग की है.

"जेसीबी मशीन मौके पर पहुंच चुकी है, लेकिन लगातार बारिश और गदेरे में उफान पर आने से मलबा हटाने का काम शुरू नहीं हो पा रहा है. मौसम साफ होने और गदेरे का उफान कम होने पर ही मलबा हटाने का काम शुरू किया जाएगा."- सुभाष दौरियाल, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई, पुरोला

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Last Updated : August 20, 2025 at 5:37 PM IST