काशी से लड्डू गोपाल के दरबार में मथुरा जाएगा बाबा का गुलाल, बाबा भी लगाएंगे नंद गोपाल को भस्म
लड्डू गोपाल को काशी विश्वनाथ धाम की तरफ से रंग-गुलाल, वस्त्र और चॉकलेट का उपहार दिया जाएगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : March 8, 2025 at 10:52 AM IST
वाराणसी : काशी में इस बार रंगभरी एकादशी का पर्व बेहद खास होने वाला है. रंगभरी एकादशी के मौके पर बाबा विश्वनाथ जहां लड्डू गोपाल के दिए गए उपहार को स्वीकार करेंगे. वहीं लड्डू गोपाल के दरबार में भी बाबा विश्वनाथ का दिया हुआ गुलाल अर्पित किया जाएगा. जी हां काशी विश्वनाथ धाम की ओर से नई शुरुआत की गई है. इसके तहत मथुरा में विराजमान लड्डू गोपाल को विश्वनाथ धाम में बाबा की तरफ से रंग गुलाल, वस्त्र और चॉकलेट का उपहार दिया जाएगा. यही नहीं लड्डू गोपाल की ओर से भी बाबा विश्वनाथ के लिए भस्म और वस्त्र आएगा.
बता दें, यह पहला मौका है जब विश्वनाथ धाम में इस तरीके की शुरुआत की गई है. विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण ने बताया कि इस वर्ष होली के पर्व पर रंगभरी एकादशी से पहले श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान विश्वनाथ द्वारा श्री कृष्ण जन्मस्थान मथुरा में विराजमान लड्डू गोपाल को तथा श्री कृष्ण जन्मस्थान से भगवान लड्डू गोपाल द्वारा श्री विश्वेश्वर महादेव को परस्पर उपहार सामग्री भेंट की जाएगी. इस संबंध में श्री कृष्ण जन्मस्थान मथुरा के सचिव कपिल शर्मा और गोपेश्वर चतुर्वेदी से बातचीत की गई जहां श्री कृष्ण जन्मस्थान के अधिकारियों ने भी इस विचार का समर्थन किया.
नंद गोपाल को अर्पित किए जाएंगे काशी विश्वनाथ के अबीर, गुलाल और वस्त्र : विश्व भूषण ने बताया कि श्री कृष्ण जन्मस्थान मथुरा से बाबा विश्वनाथ को अबीर, गुलाल, रंग, आदि अर्पित किए जाएंगे. इसी प्रकार श्री काशी विश्वनाथ धाम से भगवान लड्डू गोपाल के लिए भस्म, अबीर-गुलाल, वस्त्र और चॉकलेट आदि भेंट किए जाएंगे. श्री कृष्ण और शिव भक्ति की दो प्रमुख सनातन धारा को जोड़ने वाला यह आयोजन सनातन धर्म की परंपराओं को और समृद्ध करेगा. मथुरा और काशी दोनों ही मोक्ष दायिनी नगरी हैं, और इन दो तीर्थस्थलों के बीच समन्वय और श्रद्धा का आदान-प्रदान एक अभिनव पहल है. जिसे इस वर्ष के रंगभरी एकादशी और होली पर्व में सम्मिलित किया जाएगा.
पौराणिक मान्यताओं में है विशेष महत्व : विश्व भूषण ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार रंगभरी एकादशी की कथा भगवान कृष्ण ने राधा रानी को सुनाई थी. तभी से यह पर्व मनाया जाता है. काशी विश्वनाथ धाम में भी रंगभरी एकादशी का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, जो न केवल स्थानीय महत्व रखता है, बल्कि इसका वैश्विक महत्व भी है. इस उपहार आदान-प्रदान के साथ, दोनों धामों के भक्तों को विशेष रूप से भगवान लड्डू गोपाल के रूप में बाल स्वरूप के भगवान और बाबा विश्वनाथ से आशीर्वाद प्राप्त होगा. इस अवसर पर दोनों पवित्र स्थलों से उपहार भेजते समय तथा परस्पर प्राप्त उपहार स्वीकार करते समय समारोहपूर्वक उत्सव भी किया जाएगा.
शुरू होगा माता के गौना का उत्सव, आज लगेगी हल्दी : इसी क्रम में मां गौरा का गौना उत्सव आज से शुरू हो गया. आज मां के विग्रह पर कामाख्या से आई हल्दी को अर्पित की गई. साथ ही मंगल गीत गाकर हल्दी तेल की रस्म को पूरा किया गया. इस मौके पर गौनीहारों की टोली के जरिए मंगल गीत गाकर माता को हल्दी कुमकुम लगाया गया. काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी के बेटे वाचस्पति तिवारी टेढ़ी नीम स्थित अपने आवास पर रजत प्रतिमा पर माता के गौने की रस्म की शुरुआत हुई है. इस मौके पर सभी काशीवासी मंगल गीत गाकर बाबा विश्वनाथ, मां पार्वती के सुखद दांपत्य जीवन की कामना करेंगे. मंगल गीत गाए जाएंगे और गीतों के माध्यम से मां की सुंदरता और बाबा विश्वनाथ के गुण का बखान किया जाएगा.

