बूढ़ापहाड़ और छकरबंधा में शान से लहराया तिरंगा, नक्सलियों के गढ़ में निकाली गई तिरंगा यात्रा
Tiranga Yatra in Budha Pahad. पलामू के बूढ़ापहाड़ और छकरबंधा में इस बार शान से तिरंगा लहराया. जिन इलाकों के लोग नक्सलियों के भय से घरों में दुबके रहते थे, वे ही लोग आज सुरक्षाबलों की मौजूदगी में गर्व से तिरंगा फहरा रहे हैं.

Published : January 26, 2024 at 7:54 PM IST
पलामू: जब भी बूढ़ापहाड़ और छकरबंधा का जिक्र होता है तो एक तस्वीर उभर कर सामने आती है, नक्सलियों के दहशत की वह तस्वीर काफी भयावह होती है. एक वक्त था जब पूरा इलाका नक्सलियों के दहशत के साये में रहा करता था. नक्सलियों का इस कदर खौफ था कि इलाके में लोग स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस तक नहीं मना सकते थे. लेकिन अब इलाके की इस दहशत वाली तस्वीर में बदलाव आया है. इस इलाके पर अब सुरक्षा बलों ने कब्जा कर लिया है और पूरे इलाके में शांति कायम की है. कई दशकों के बाद इलाके में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है.
फहराया गया तिरंगा: 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर बूढ़ापहाड़ और छकरबंधा इलाके में तिरंगा फहराया गया. इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. नक्सली इलाके में विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें भी बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. यह तिरंगा 100 मीटर से ज्यादा लंबा था जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया. यह तिरंगा यात्रा बूढ़ापहाड़ और छकरबंधा इलाके में निकाली गयी.
कई इलाकों में पहली बार हुआ झंडोत्तोलन: दरअसल, बूढ़ा पहाड़ इलाके में कई दशकों से झंडा फहराया नहीं गया था. क्षेत्र में 2023 में पहली बार ध्वजारोहण किया गया था. वहीं बूढ़ा पहाड़ से सटे कई गांवों में इस गणतंत्र दिवस को पहली बार झंडोत्तोलन हुआ है. पलामू जोनल आईजी राजकुमार लकड़ा ने कहा कि इलाके का माहौल पूरी तरह से बदल रहा है, सुरक्षा बलों की मौजूदगी में शांति स्थापित हो गयी है और ग्रामीण सरकारी तंत्र के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं. बड़ी संख्या में ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़े हैं और क्षेत्र में बदलाव आ रहा है.
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