जयपुर के 'वेस्ट टू एनर्जी' प्लांट को समझने पहुंचे हिमाचल व कर्नाटक के जनप्रतिनिधि, निगम बनाएगा कचरे से बिजली
जयपुर में कचरे से बिजली बनाने का प्लांट अगले माह शुरू होगा. प्रोजेक्ट को देखने व समझने के लिए हिमाचल प्रदेश के जनप्रतिनिधि जयपुर पहुंचे.

Published : February 12, 2025 at 6:02 PM IST
|Updated : February 12, 2025 at 6:46 PM IST
जयपुर: राजधानी में अगले महीने से कचरे से बिजली बनने लगेगी. जयपुर के लांगड़ियावास में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट को तैयार किया गया है. इस प्रोजेक्ट को समझने के लिए पहले कर्नाटक और अब हिमाचल के जनप्रतिनिधि जयपुर पहुंचे. उन्होंने न सिर्फ कचरे को निस्तारित करने की प्रकिया जानी, बल्कि जयपुर की सभ्यता, स्थापत्य कला और संस्कृति को भी जाना. साथ ही कचरा निस्तारण करने वाले प्रोजेक्ट्स को अपने क्षेत्र में भी शुरू करने की बात कही. इससे पहले कर्नाटक के जनप्रतिनिधि भी इस प्रोजेक्ट को आकर देख चुके.
राजधानी में करीब 700 टन कचरे को रिसाइकल करके करीब 12 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा. वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से बनने वाली बिजली को जयपुर विद्युत वितरण निगम को दिया जाएगा. इस प्लांट के संचालन के लिए जिंदल ग्रुप की ओर से हेरिटेज निगम को प्रति टन 66 रुपए दिए जाएंगे. साथ ही इससे निकलने वाले पानी को साफ कर पेड़-पौधों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. यानी कि इस मल्टीपरपज प्रोजेक्ट से बिजली व पानी मिलने के साथ-साथ आमदनी भी हो रही है.
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इस प्रोजेक्ट की ख्याति शुरू होने से पहले ही पूरे देश में होने लगी. यही वजह है कि इसे समझने के लिए पहले कर्नाटक और अब हिमाचल के मेयर और पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल जयपुर पहुंचा. कचरा निस्तारित करने वाले दूसरे प्रोजेक्ट के बारे में भी इन जन प्रतिनिधियों को बताया गया. हेरिटेज निगम मेयर कुसुम यादव ने बताया कि पहले कर्नाटक और अब हिमाचल से डेलिगेशन जयपुर पहुंचा. इसमें मेयर के साथ-साथ उनके पार्षद भी मौजूद थे.
जयपुर की स्थाप्त्य कला भी देखी: उन्होंने यहां जयपुर की स्थापत्य कला, जल महल, हवा महल परकोटा की खूबसूरती को निहारा. साथ ही यहां की संस्कृति और सभ्यता से भी रूबरू हुए. इसके साथ ही निगम के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का भी विजिट किया. यहां उन्हें बताया गया कि किस तरह कचरे से बिजली बनाई जाती है. कचरे का निस्तारण किया जा रहा है. दोनों डेलिगेशन ने यहां सेवापुरा लांगड़ियावास में बने कचरे को निस्तारित करने वाले सीएंडडी प्लांट, एमआरएफ प्लांट और बायो माइनिंग प्लांट को भी देखा. इसके साथ ही जिस तरह निगम ट्रिपल आर कॉन्सेप्ट पर काम कर रहा है, उसे भी समझा. साथ ही अपने क्षेत्र में उतारने की बात कही है.

सेवापुरा में अगले माह से शुरू होगा प्लांट: महापौर ने बताया कि सेवापुरा में तैयार वेस्ट एनर्जी प्लांट अगले महीने शुरू कर दिया जाएगा. यहां कचरे से बिजली बनाई जाएगी और यहां जो वेस्ट पानी होगा, उसे आरओ के माध्यम से क्लीन किया जा रहा है. कोशिश ये है कि ये पानी पीने योग्य बन सके. हालांकि फिलहाल इस पानी को पेड़ पौधों की सिंचाई में इस्तेमाल किया जाएगा.

