टीबी मुक्त भारत अभियान : डीडवाना में निक्षय मित्र घर-घर बांट रहे पोषण किट, हुआ ये बड़ा असर
डीडवाना के बांगड़ अस्पताल में निक्षय मित्र के तहत नगर में टीबी रोगियों को अवधि छह माह पोषण किट मुहैया कराने का बीड़ा उठाया है.

Published : June 27, 2025 at 12:16 PM IST
कुचामन सिटी: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की निक्षय मित्र योजना टीबी मुक्त भारत की दिशा में सहायक सिद्ध हो रही है. डीडवाना के बांगड़ राजकीय जिला अस्पताल में जिले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने निक्षय मित्र बनाते हुए डीडवाना नगर क्षेत्र में टीबी रोगियों को उपचार अवधि छह माह तक पोषण किट मुहैया कराने का बीड़ा उठाया है.
जिला क्षय रोग अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि डीडवाना कुचामन जिले में टीबी के लगभग 1500 मरीज हैं. इनमें एक हजार को अब तक फायदा मिला है, जो टीबी रोग से उबरने लगे हैं. राजकीय बांगड़ जिला चिकित्सालय डीडवाना में टीबी रोगियों को पोषण किट बांटे गए. यहां बताते चलें कि निक्षय मित्र मरीजों को पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवन शैली मुहैया कराने में मदद करते हैं. उचित पोषण के चलते मरीजों को दवाओं से प्रभावी उपचार मिलता है. ऐसे पोषण किट डीडवाना के टीबी रोगियों को अगले 6 माह नियमित उपलब्ध कराएंगे. समूचे जिले में योजना के तहत सभी रोगियों को ऐसा पोषण किट उपलब्ध करवाने के प्रयास हैं.
केस फाइंडिंग अभियान : जिला क्षय रोग अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि टीबी रोगियों की पहचान के लिए एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान भी चलाया जा रहा है. इसमें घर—घर जाकर मरीजों की जांच की जा रही है. टीबी मरीज पाए जाने पर उपचार शुरू किया जा रहा है. निक्षय मित्र बने लोग योजना की सराहना कर रहे हैं.,उनका मानना है कि योजना के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सहायता मिलेगी.
क्या है निक्षय मित्र योजना : इसमें कोई भी सामान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, धर्मगुरु, गैर सरकारी संस्थान, राजकीय कर्मचारी, व्यवसायिक संस्थान निक्षय मित्र बन सकते हैं. इसके पीछे भावना है कि टीबी रोगी समाज में खुद को उपेक्षित महसूस ना करें. समाज में अपनापन महसूस करे. टीबी रोगियों को निक्षय मित्रों के जरिए पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवन शैली उपलब्ध कराई जाती है. रोगियों के लिए विशेष पोषण किट तैयार कराते हैं. इनमें सोयाबीन, मूंगफली, चने, मूंग, मोठ आदि को मिलाकर प्रतिमाह 1 किट दिया जाता है ताकि प्रोटीन, आयरन व फाइबर की पूर्ति हो सके.

