ETV Bharat / state

काशी विश्वनाथ धाम में शिव-पार्वती विवाह का नाट्य रूप में मंचन, दक्षिण भारत के कलाकारों की शानदार प्रस्तुति देख झूम उठे श्रद्धालु

विश्वनाथ धाम स्थित शंकराचार्य चौक (सांस्कृतिक मंच) पर बेंगलुरु से आये कलाकारों ने प्रस्तुति दी.

विश्वनाथ धाम स्थित शंकराचार्य चौक पर कलाकारों ने दी प्रस्तुति
विश्वनाथ धाम स्थित शंकराचार्य चौक पर कलाकारों ने दी प्रस्तुति (Photo credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 26, 2025 at 10:54 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

वाराणसी : श्री काशी विश्वनाथ धाम में भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह का संगीत एवं नाट्य रूप में मंचन किया गया. विश्वनाथ धाम स्थित शंकराचार्य चौक (सांस्कृतिक मंच) पर बेंगलुरु से आये कलाकारों ने प्रस्तुति दी. इस कार्यक्रम में वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह का संगीत एवं नाट्य रूप में मंचन हुआ, जो उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत मनमोहक और भव्य अनुभव बना.

मंदिर प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, कार्यक्रम से पूर्व बाबा विश्वनाथ की प्रतिमा का विधि विधान से पूजन डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण द्वारा संपन्न किया गया, जिसके बाद बाबा विश्वनाथ और मां पार्वती के विवाह के दौरान हो रहे धार्मिक अनुष्ठानों को नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया गया. यह नाट्य प्रस्तुति शास्त्रों के अनुसार की गई, जिसमें विवाह के समय किए जाने वाले सभी धार्मिक क्रियाकलापों को पूरी श्रद्धा के साथ दर्शाया गया. खासतौर पर गोत्र बोला जाना, कंगन धारण, मांगल्य धारण, जयमाल धारण जैसे सभी वैदिक अनुष्ठान शास्त्रों के अनुसार प्रस्तुत किए गए.

विज्ञप्ति के मुताबिक, इस कार्यक्रम का एक विशेष उद्देश्य था कि वह श्रद्धालु जो विवाह में आ रही किसी प्रकार की बाधाओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें इस शिव-पार्वती विवाह के माध्यम से एक सकारात्मक और दिव्य ऊर्जा मिले, जिससे उनके विवाह के मार्ग में आने वाली सभी बाधाएं दूर हों और उनका विवाह मंगलमय रूप से संपन्न हो. कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने जो अभिनय किया और शास्त्रों के अनुसार जो धार्मिक अनुष्ठान दर्शाए, उससे श्रद्धालुओं ने एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की और भगवान शिव एवं मां पार्वती की विवाह यात्रा में सम्मिलित होकर श्रद्धा का अनुभव किया.

विश्वनाथ मंदिर के निकट मौजूद अन्नपूर्णा मंदिर मठ में कुम्भाभिषेक आयोजन के 48वें दिन तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं. माता दुर्गा और माता काली के स्वरूप में दुष्टों का संघार करती मां का भव्य और विकराल स्वरूप आज कलाकारों ने प्रदर्शित किया. इसके अलावा संगीत में प्रस्तुतियों से पूरा मंदिर गुंजायमान रहा.

यह भी पढ़ें : काशी में अन्नकूट महापर्व VIDEO; अन्नपूर्णा मंदिर में 21 कुंतल लड्डू की दीवार, 511 कुंतल 56 भोग अर्पित