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NEET में नहीं हुए सफल तो निराश होने की जरुरत नहीं, एक क्लिक में जानें स्वर्णिम करियर के ढेरों विकल्प - NEET Unsuccessful Student Options

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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 25, 2024, 10:07 PM IST

देश भर में लाखों छात्र-छात्राएं National Eligibility Entrance Test (NEET) देते हैं लेकिन सभी सफल नहीं होते. ऐसे में सफल नहीं हो पाए स्टूडेंट्स को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है. स्वर्णिम करियर बनाने के लिए कई विकल्प मौजूद हैं. इंदौर के नीट एग्जाम गाइड डॉ सुधीर काग से जानिए ये विकल्प.

NEET STUDENT OTHER NEW OPTIONS
NEET में असफल छात्रों के लिए स्वर्णिम करियर के ढेरों विकल्प (ETV Bharat)

NEET Unsuccessful Student Options: नीट(NEET) का परीक्षा परिणाम आने के बाद अब जहां प्रदेश के मेडिकल कॉलेज की 4000 मेडिकल सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है वहीं जो छात्र नीट के एग्जाम में सफल नहीं हो पाए उनके लिए भी स्वर्णिम करियर बनाने के कई विकल्प मौजूद हैं. इंदौर के नीट एग्जाम गाइड और शिक्षाविद् डॉ सुधीर काग के मुताबिक नीट एग्जाम में सफल नहीं होने वाले छात्रों के लिए तमाम पैरामेडिकल कोर्स, बीएचएमएस, बीएससी के अलावा टीचिंग के क्षेत्र में नोबल प्रोफेशन मौजूद हैं.

NEET में नहीं हुए सफल तो निराश होने की जरुरत नहीं (ETV Bharat)

पैरामेडिकल के क्षेत्र में करियर

देश भर में नीट का एग्जाम देने वाले हजारों छात्रों में से चुनिंदा छात्रों का ही सिलेक्शन हर साल हो पाता है. ऐसे में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र जो कई सालों से नीट के एग्जाम की तैयारी के बाद सिलेक्शन नहीं होने से निराश हो जाते हैं. उनके लिए कई सारे विकल्प मौजूद हैं. पैरामेडिकल के कोर्स चिकित्सा क्षेत्र से ही जुड़े ऐसे कोर्स हैं जिनमें मेडिकल क्षेत्र के कई आयाम तय किए जाते हैं. इसमें आसानी से करियर बनाया जा सकता है. नीट के अलावा मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ा ही बैचलर ऑफ होम्योपैथी की डिग्री है, जिसमें होम्योपैथी के क्षेत्र में उपचार और करियर एक महत्वपूर्ण विकल्प है.

MBBS के अलावा भी कई विकल्प

वर्तमान दौर में एमबीबीएस के अलावा बीएचएमएस(BHMS) और बीएएमएस(BAMS) डॉक्टर की भी बड़ी मांग है. बीएएमएस में आयुर्वेद से मेडिकल की डिग्री लेने के बाद देश के कई आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में करियर के विकल्प खुले हैं. इसके अलावा बीएससी(BSc) में भी अलग-अलग क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन के साथ डिग्री की जा सकती है. वहीं बीएससी के बाद एमएससी और पीएचडी करके शिक्षा के नोबल क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा टीचिंग को भले पहले उतना महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन अब टीचिंग के प्रोफेशन को अब एक अच्छे करियर के हिसाब से नोबल प्रोफेशन माना जा रहा है, जिसमें करियर की बड़ी संभावना है.

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असफल छात्रों के लिए ये है सीख

नीट एग्जाम गाइड और शिक्षाविद् डॉ सुधीर काग का कहना है कि "4000 सीटों के लिए मध्य प्रदेश में ही 45000 छात्र परीक्षा देते हैं लेकिन जो छात्र असफल हो जाते हैं उनके लिए सीख यही है कि ईश्वर ने उनके लिए कुछ बड़ा सोच रखा है. नीट की परीक्षा क्लियर करना एक विकल्प हो सकता है लेकिन यदि सिलेक्शन नहीं भी हुआ तो वह छात्र भविष्य में इससे भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं. इसलिए एक परीक्षा में असफलता कोई मायने नहीं रखती क्योंकि उससे भी बड़ी सफलता ऐसे छात्रों का इंतजार कर रही होती है."

NEET Unsuccessful Student Options: नीट(NEET) का परीक्षा परिणाम आने के बाद अब जहां प्रदेश के मेडिकल कॉलेज की 4000 मेडिकल सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने जा रही है वहीं जो छात्र नीट के एग्जाम में सफल नहीं हो पाए उनके लिए भी स्वर्णिम करियर बनाने के कई विकल्प मौजूद हैं. इंदौर के नीट एग्जाम गाइड और शिक्षाविद् डॉ सुधीर काग के मुताबिक नीट एग्जाम में सफल नहीं होने वाले छात्रों के लिए तमाम पैरामेडिकल कोर्स, बीएचएमएस, बीएससी के अलावा टीचिंग के क्षेत्र में नोबल प्रोफेशन मौजूद हैं.

NEET में नहीं हुए सफल तो निराश होने की जरुरत नहीं (ETV Bharat)

पैरामेडिकल के क्षेत्र में करियर

देश भर में नीट का एग्जाम देने वाले हजारों छात्रों में से चुनिंदा छात्रों का ही सिलेक्शन हर साल हो पाता है. ऐसे में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र जो कई सालों से नीट के एग्जाम की तैयारी के बाद सिलेक्शन नहीं होने से निराश हो जाते हैं. उनके लिए कई सारे विकल्प मौजूद हैं. पैरामेडिकल के कोर्स चिकित्सा क्षेत्र से ही जुड़े ऐसे कोर्स हैं जिनमें मेडिकल क्षेत्र के कई आयाम तय किए जाते हैं. इसमें आसानी से करियर बनाया जा सकता है. नीट के अलावा मेडिकल प्रोफेशन से जुड़ा ही बैचलर ऑफ होम्योपैथी की डिग्री है, जिसमें होम्योपैथी के क्षेत्र में उपचार और करियर एक महत्वपूर्ण विकल्प है.

MBBS के अलावा भी कई विकल्प

वर्तमान दौर में एमबीबीएस के अलावा बीएचएमएस(BHMS) और बीएएमएस(BAMS) डॉक्टर की भी बड़ी मांग है. बीएएमएस में आयुर्वेद से मेडिकल की डिग्री लेने के बाद देश के कई आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में करियर के विकल्प खुले हैं. इसके अलावा बीएससी(BSc) में भी अलग-अलग क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन के साथ डिग्री की जा सकती है. वहीं बीएससी के बाद एमएससी और पीएचडी करके शिक्षा के नोबल क्षेत्र में करियर बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा टीचिंग को भले पहले उतना महत्व नहीं दिया जाता था लेकिन अब टीचिंग के प्रोफेशन को अब एक अच्छे करियर के हिसाब से नोबल प्रोफेशन माना जा रहा है, जिसमें करियर की बड़ी संभावना है.

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असफल छात्रों के लिए ये है सीख

नीट एग्जाम गाइड और शिक्षाविद् डॉ सुधीर काग का कहना है कि "4000 सीटों के लिए मध्य प्रदेश में ही 45000 छात्र परीक्षा देते हैं लेकिन जो छात्र असफल हो जाते हैं उनके लिए सीख यही है कि ईश्वर ने उनके लिए कुछ बड़ा सोच रखा है. नीट की परीक्षा क्लियर करना एक विकल्प हो सकता है लेकिन यदि सिलेक्शन नहीं भी हुआ तो वह छात्र भविष्य में इससे भी बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं. इसलिए एक परीक्षा में असफलता कोई मायने नहीं रखती क्योंकि उससे भी बड़ी सफलता ऐसे छात्रों का इंतजार कर रही होती है."

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