टीबी के मरीजों को केवल दवा की ही नहीं, बल्कि प्रेम, सहानुभूति और मानवीयता की भी जरूरत: राज्यपाल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में आयोजित बैठक के दौरान प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम की समीक्षा की और दिशा निर्देश दिए.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 14, 2025 at 10:49 AM IST
लखनऊ : टीबी मुक्त होकर कितने रोगी स्वस्थ हो चुके हैं ये सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. यह केवल नामांकन या गोद लेने तक ही सीमित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह देखना अधिक आवश्यक है कि गोद लिए गए मरीजों की देखभाल किस स्तर पर की गई. उन्हें समय पर पोषण पोटलियां दी गईं या नहीं, उन्हें चिकित्सकीय सेवाएं निरंतर प्राप्त हुईं या नहीं. यह बातें उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में आयोजित प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान कार्यक्रम के दौरान कहीं.
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रत्येक जिले में चिन्हित किए गए टीबी मरीजों की संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए. साथ यह भी रिकॉर्ड रखा जाए कि प्रत्येक मरीज को कितनी बार पोषण पोटली प्रदान की गई है, स्थिति में कितना सुधार आया है और अब तक कितने मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुके हैं. राज्यपाल ने सभी जिलाधिकारियों, मंडलायुक्तों एवं चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इन सभी आंकड़ों को नियमित रूप से अपडेट करें और विश्लेषण कर उन्हें राज्य सरकार को प्रेषित करें. यह अभियान केवल एक औपचारिकता न बने, बल्कि इसका उद्देश्य प्रत्येक टीबी रोगी को संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाना है.

राज्यपाल ने उल्लेख किया कि जी-20 बैठक के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों ने भारत के इस टीबी उन्मूलन अभियान में गहरी रुचि दिखाई और जानना चाहा कि किस प्रकार भारत समाज की भागीदारी से इस दिशा में प्रगति कर रहा है. राज्यपाल ने कहा कि टीबी के मरीजों को केवल दवा की ही नहीं, बल्कि प्रेम, सहानुभूति और मानवीयता की भी आवश्यकता होती है. उन्होंने अपने अस्पताल भ्रमण का मार्मिक अनुभव भी साझा किया.
इस अवसर पर यूपी के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जो अभिनव प्रयोग प्रारंभ हुआ, वह अब पूरे प्रदेश और देश में एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है. राजभवन से हुई शुरुआत उदाहरण बना और अब देश भर में आकार ले रहा है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 80 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं, और यह लक्ष्य जल्द ही पूरी तरह से प्राप्त कर लिया जाएगा.
बैठक में संसदीय कार्य चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण राज्यमंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह राजभवन से, मण्डलायुक्त, प्रदेश के 33 जनपदों से जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिकारीगण वर्चुअली माध्यम से सम्मिलित हुए और अपर निदेशक राज्य छय रोग डॉ. शैलेन्द्र भटनागर, निदेशक राष्ट्रीय कार्यक्रम डॉ. शुभा मिश्रा राजभवन से जुड़े.
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