श्री श्यामेश्वर महादेव मंदिर ; महाभारत काल से है नाता, भयानक सर्प करता है शिवलिंग की रक्षा
मान्यता है कि हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम छपकौली में स्थित महादेव मंदिर के शिवलिंग की लम्बाई हर साल बढ़ती है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 27, 2025 at 9:15 AM IST
हापुड़ : सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित माना जाता है. भगवान भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप और उनकी कृपा की तमाम मान्यताएं हैं. ऐसा ही एक रहस्यमयी और चमत्कारिक महाभारत कालीन प्राचीन शिव मंदिर हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र के ग्राम छपकौली में है. श्री श्यामेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान शिवलिंग अद्भुत और चमत्कारिक है. मान्यता है कि स्वयंभू शिवलिंग की रक्षा एक भयानक सर्प करता है और शिवलिंग की लम्बाई हर साल बढ़ जाती है. यहां दर्शन करने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी लोग आते हैं.
हापुड़ के बाबूगढ़ क्षेत्र स्थित ग्राम छपकौली के श्री श्यामेश्वर महादेव का मंदिर के बारे में अनेक मान्यताएं हैं. कहा जाता है कि महाभारत कालीन समय में एक लकड़हारा जंगल में लड़कियां काटने गया था. अचानक उसकी कुल्हाड़ा एक पत्थर से टकराया जो पेड़ के रूप में था. इसके बाद लकड़हारे को आवाज आई कि यहां पर शिवलिंग है. लकड़हारा डर से चला गया और ग्रामीणों को यह बात बताई. इसके बाद धीरे-धीरे यहां पर मंदिर का निर्माण हुआ और मंदिर का निर्माण होने के बाद इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई.

मंदिर में सेवा करने वाले पुजारी पंडित सतीश ने बताया कि उनकी पीढ़ियां मंदिर में पूजा पाठ और सेवा करती आ रही हैं. यह उनकी 15वीं पीढ़ी है. उनके पूर्वज ही इस मंदिर में सेवा का कार्य करते रहे. यह मंदिर महाभारत कालीन है. यहां पर विराजमान शिवलिंग स्वयंभू शिवलिंग है. जिसकी लंबाई हर साल बढ़ती है और इसकी रक्षा एक भयानक सर्प करता है, जिसके सिर पर मुकुट है. जो सर्प को देख लेता है उसका कई महीनों तक बुखार नहीं उतरता है. यहां पर देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं. यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. शिवरात्रि पर यहां पर लाखों शिव भक्त आकर जलाभिषेक करते हैं.
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