बीते दस सालों में 5.41 मीटर नीचे गिरा हरियाणा का भूजल स्तर, प्रदेश के 107 ब्लॉक डार्क जोन में पहुंचे
Groundwater level of Haryana: हरियाणा में बीते कई वर्षों से भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है. ये विषय चिंता का विषय बना हुआ है.

Published : March 21, 2025 at 8:51 AM IST
पंचकूला: हरियाणा में बीते कई वर्षों से भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है. ये विषय ना केवल प्रदेश के लोगों के लिए बल्कि हरियाणा सरकार के लिए भी चिंता का विषय है. यदि भूजल स्तर को संतुलित नहीं किया जा सका, तो प्रदेश के लिए जल संकट का खतरा बन सकता है. बीते 10 वर्षों की बात करें तो भूजल स्तर 5.41 मीटर नीचे जा चुका है. नतीजतन प्रदेश के 107 ब्लॉक डार्क जोन की श्रेणी में पहुंच गए हैं.
हरियाणा सरकार के जल स्तर बढ़ाने के प्रयास: हरियाणा सरकार की ओर से नीचे खिसक रहे भूजल और अत्यधिक जल दोहन को रोकने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है. इससे प्रदेश के 14 जिलों की 1647 ग्राम पंचायत में अटल भूजल योजना लागू कर नीचे जाते भूजल स्तर को रोकने और जल स्तर को बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे. यही कारण है कि प्रदेश सरकार द्वारा धान की परंपरागत रोपाई के बजाय सीधी बिजाई का विकल्प तैयार किया गया है.
धान की सीधी बिजाई पर सरकार किसान को साढ़े चार हजार रुपए प्रति एकड़ मदद देगी. जबकि धान की बुआई नहीं करने वाले किसान को दोगुनी 8 हजार प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जाएगा.
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने क्या कहा? प्रदेश की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी 11 विधायकों द्वारा गिरते भूजल स्तर के सवालों पर सदन में भी जवाब दे चुकी हैं. उन्होंने कहा कि सरकार भूजल और गुणवत्ता के पहलुओं पर निगरानी रखे हुए है. जल जमाव में वृद्धि ने भूजल लवणता को बढ़ा दिया है. वर्टिकल ड्रेनेज तकनीक का उपयोग कर 2018-19 से जल भराव मुक्त करने का अभियान शुरू किया गया था, जिससे भूजल गुणवत्ता में सुधार हुआ है. इस अवधि के दौरान 108 करोड़ रूपये खर्च कर 26 हजार 110 एकड़ भूमि से जल भराव की समस्या दूर की गई है.
केंद्र की अटल भूजल योजना 1647 ग्राम पंचायत में लागू: हरियाणा सरकार द्वारा केंद्र की अटल भूजल योजना को 14 जिलों की 1647 ग्राम पंचायत में लागू किया गया है. जिला महेंद्रगढ़ में महेंद्रगढ़ नहर जल सेवा मंडल नारनौल द्वारा कृष्णावती नदी तल से कच्चा नाला निर्माण, कृष्णावती और दोहन नदी में भूजल रिचार्ज के लिए आरसीसी पाइपलाइन बिछाने और बांध निर्माण पर 14.43 करोड रुपये की राशि खर्च की गई है.
13 जिलों में जल भराव क्षेत्र में किया सुधार: हरियाणा के 13 जिले- रोहतक, झज्जर, सोनीपत, भिवानी, हिसार, जींद, चरखी दादरी, फतेहाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सिरसा, पलवल और नूहं में उप सतही वर्टिकल जल निकासी तकनीक के माध्यम से जल भराव क्षेत्र का उद्धार किया गया है. इनमें वर्ष 2022-23 में 25490 एकड़, 2023 24 में 78155 एकड़ और 2024 25 में 53167 एकड़ भूमि शामिल है.
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने प्राकृतिक भूजल संसाधन के संरक्षण को लेकर फसल विविधीकरण कार्यक्रम शुरू किया है. पानी की अधिक खपत वाली धान की फसल की जगह मक्का, सूरजमुखी, कपास, सब्जियां, बाजरा और ग्रीष्मकालीन मूंग की वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है.

