पूर्व दस्यु जगन गुर्जर को जान से मारने की मिली धमकी, पुरानी अदावत का है मामला
इनामी दस्यु रहे जगन गुर्जर को धौलपुर के बाड़ी में जान से मारने की धमकी दी गई. उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है.

Published : March 17, 2025 at 4:26 PM IST
|Updated : March 17, 2025 at 6:09 PM IST
धौलपुर: राजस्थान के इनामी दस्यु रहे जगन गुर्जर को जान से मारने की धमकी मिली है. किसी ने पूर्व दस्यु के मोबाइल पर गाली गलौच करके धमकी दी. जगन ने नामजद आरोपी के खिलाफ कोतवाली पुलिस थाने में रिपोर्ट दी है.
पूर्व दस्यु जगन गुर्जर मूलत: भभूतिपुरा का रहने वाला है. वह फिलहाल बाड़ी के गुम्मट मोहल्ला में रहता है. बाड़ी के कोतवाली थाना प्रभारी अमित शर्मा ने बताया कि गुर्जर ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि उसके मोबाइल पर धोंसपुर गांव निवासी रिंकू गुर्जर पुत्र शंकर गुर्जर का मोबाइल पर कॉल आया. उसने फोन पर ही गाली गलौच की और जान से मारने की धमकियां दी. पूर्व दस्यु ने आरोप लगाया कि आरोपी कई दिन से कॉल करके धमकियां दे रहा था. इस पर पूर्व दस्यु ने बाड़ी के कोतवाली थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई. थानाप्रभारी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. धमकी देने वाले आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है.
पुरानी रंजिश का है मामला: थानाप्रभारी ने बताया कि रिंकू गुर्जर और पूर्व दस्यु जगन गुर्जर में पुरानी दुश्मनी चली जा रही है. इसे लेकर जगन गुर्जर को जान से मारने की धमकी दी गई है. पुलिस मामले के हर पहलू पर जांच कर रही है.
कौन है पूर्व दस्यु जगन गुर्जर: पूर्व दस्यु जगन गुर्जर धौलपुर ही नहीं, अपितु राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में आतंक का पर्याय रह चुका है. जगन के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मुठभेड़, पुलिस पर फायरिंग, रंगदारी और मारपीट जैसे 100 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं. जगन गुर्जर पूर्व में राजस्थान समेत मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में संगीन वारदातों को अंजाम दे चुका है. जगन गुर्जर पर 10 लाख रुपए का इनामी भी घोषित हो चुका था.
अपराध की दुनिया से किया तौबा: पूर्व दस्यु जगन गुर्जर जमानत मिलने पर जेल से छूटकर बाहर आ चुका है. जगन गुर्जर ने बताया वह समाज की मुख्य धारा से जुड़ चुका है. अपराध को तौबा कर परिवार के साथ शांतिपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है, लेकिन समाज के कुछ लोग उसे परेशान करने पर उतारू हैं. गुर्जर ने बताया अब वह अपराध के दलदल में कभी नहीं जाएगा. परेशानी और समस्या आने पर कानून का सहारा लेगा.

