गढ़वा में डीजे पर प्रतिबंध लगाने से हजारों लोग बेरोजगार, हटाने की एसोसिएशन कर रहा है मांग
गढ़वा में डीजे संचालकों के साथ टेंट एसोसिएशन ने विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी को पत्र सौंपकर दोबारा डीजे संचालन करने की गुहार लगाई है.

Published : December 28, 2024 at 4:36 PM IST
गढ़वा: टेंट डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी को मांग पत्र सौंपकर साउंड सिस्टम के ऊपर लगे प्रतिबंध में राहत दिलाने की मांग की है. सौंपे गए मांग पत्र में टेंट डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा है कि जिला प्रशासन के द्वारा गढ़वा जिले में शादी-विवाह सहित अन्य कार्यक्रम में साउंड बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. हम सभी साउंड व्यवसायी सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करते हैं और ध्वनि प्रदूषण नियम के अनुसार साउंड सिस्टम का संचालन के लिए रात दस बजे तक जिला प्रशासन से अनुमति चाहते हैं.
चार हजार लोग हो जाएंगे बेरोजगार
टेंट डेकोरेटर्स एसोसिएशन के लोगों ने कहा कि एक साउंड व्यवसायी के साथ दस से अधिक लोग जुड़े होते हैं. साउंड सिस्टम पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाने के बाद गढ़वा जिले के करीब चार सौ से अधिक टेंट डेकोरेटर्स से जुड़े हजारों लोग बेरोजगारी और भूखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं.
इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे
विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि उनके रहते किसी के साथ कोई नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के कुछ भ्रष्ट अधिकारी दोहरा चरित्र अपना रहे हैं. कुछ दिनों पहले जिला मुख्यालय के बगल में कल्याणपुर के एक होटल में वरिष्ट कलाकार अक्षरा सिंह के आयोजित कार्यक्रम में बड़े-बड़े साउंड सिस्टम और डीजे लगाया गया था. प्रशासन के नाक के नीचे साउंड सीमा की लिमिट को भी दरकिनार कर कार्यक्रम आयोजित किया गया.
उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों से सवलिया लहजे में कहा कि बड़े-बड़े कलाकारों के कार्यक्रम में डीजे बजाने का कानून अलग है क्या! उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी सिर्फ टेंट डेकोरेटर्स के तहत अपना व्यवसाय कर रहे लोगों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हैं.
विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का नियम सभी के लिए है. एक बाजार में दो भाव कैसे हो सकता है. विधायक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में लिमिट साउंड बजाने में किसी भी प्रकार का कोई आपत्ति दर्ज नहीं की है. उन्होंने कहा कि वे जिले के डीसी से मिलकर टेंट डेकोरेटर्स की समस्याओं को रखेंगे. साथ ही विधानसभा के सत्र में भी इस मामलें को उठाकर इससे प्रभावित हो रहे चार हजार से अधिक लोगों को न्याय दिलाने में कोई कसर नही छोड़ेंगे.

