PM मोदी की मां को गाली देने का मामला, पटना कोर्ट में राहुल, तेजस्वी और सहनी पर परिवाद दायर
पीएम मोदी की मां को गाली देने के मामले में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और मुकेश साहनी पर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है.

Published : September 2, 2025 at 8:48 PM IST
पटना: दरभंगा में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहे जाने को लेकर विवाद गहरा गया है. पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता और समाजसेवी अवधेश कुमार पांडेय ने पटना सिविल कोर्ट में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी और मो रिजवी उर्फ राजा के खिलाफ परिवाद दायर किया है. आरोप है कि इन नेताओं की उपस्थिति में गाली दी गई और किसी ने विरोध नहीं किया.
पीएम मोदी की मां को गाली: दरअसल, वोटर अधिकार यात्रा के दौरन बिहार के दरभंगा में पीएम मोदी को एक शख्स ने मां की गाली दी थी. हालांकि, उस समय मंच पर न राहुल गांधी थे और न ही तेजस्वी यादव. लेकिन, मंच सजा था राहुल और तेजस्वी की वोटर अधिकार यात्रा के लिए. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार के कोने-कोने में रैलियां की थीं. अब अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने परिवाद दायर किया है.
शिक्षकों के वेतन विवाद पर सुनवाई: वहीं दूसरी ओर पटना हाईकोर्ट ने बी एड शिक्षकों के वेतन विवाद पर ए एन कालेज,पटना को प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट अगली सुनवाई में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया दिया है. कोर्ट ने बीएड शिक्षकों के वेतन, ईपीफ और फंड से जुड़े मामले पर ये आदेश पारित किया है.
डॉ. रीता सिंह ने दायर की याचिका: यह याचिका डॉ. रीता सिंह एवं अन्य की ओर से दायर की गई थी, जिस पर जस्टिस हरीश कुमार ने सुनवाई की. इसमें वेतन-एरियर को प्रतिगामी प्रभाव से देने, नियुक्ति तिथि से ईपीएफ योगदान सुनिश्चित करने, बीएड विभाग के फंड का स्वतंत्र ऑडिट कराने और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकृत 20 प्रतिशत वेतनवृद्धि बहाल करने की मांग की गई थी. साथ ही ए.एन. कॉलेज द्वारा कॉर्पस फंड खाते को विभाजित करने के आदेश को भी चुनौती दी गई.
दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश: कोर्ट ने अंतरिम आवेदन पर सुनवाई करते हुए ए.एन. कॉलेज के प्राचार्य को निर्देश दिया कि वे तत्काल एनसीटीई को शपथपत्र सौंपें. साथ ही पोर्टल खुलने पर प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (पीएआर) जमा करें. कोर्ट ने कॉलेज को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. सुनवाई में बताया गया कि नालंदा कॉलेज पहले ही रिपोर्ट जमा कर चुका है.
22 सितंबर को होगी सुनवाई: कोर्ट ने पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय और एनसीटीई को भी दो हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया. याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता अशोक कुमार चौधरी, अधिवक्ता ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ला और अमन असीष ने बहस की. राज्य की ओर से जीपी-16 सीताराम यादव, विश्वविद्यालय की ओर से राणा विक्रम सिंह और रुशिका ने पक्ष प्रस्तुत किया. इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2025 को होगी.
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