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पिछड़ों का हितैषी कौन? बीजेपी पर लगाए जा रहे ओबीसी के अपमान का आरोप, भाजपा नेता दे रहे सफाई - Forward vs backward Politics

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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : May 15, 2024, 12:36 PM IST

Updated : May 15, 2024, 1:11 PM IST

Forward vs backward Politics in Godda. गोड्डा से बीजेपी प्रत्याशी निशिकांत दुबे के नामांकन के दौरान एक तस्वीर को लेकर अगड़ा बनाम पिछड़ा की राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस और ओबीसी मोर्चा लगातार बीजेपी पर ओबीसी का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं, बीजेपी नेता खुद को ओबीसी का सबसे बड़ा हितैषी बताने की कोशिश कर रहे हैं.

Forward vs backward Politics in Godda
ईटीवी डिजाइन इमेज (ETV BHARAT)
भाजपा नेताओं की सफाई (ETV BHARAT)

गोड्डा: जिले में अगड़ा बनाम पिछड़ा की राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस और ओबीसी मोर्चा के लोग भाजपा पर पिछड़ों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों का जवाब दिया जा रहा है. दरअसल, बीजेपी प्रत्याशी निशिकांत दुबे के नामांकन के दौरान एक तस्वीर ने सियासी बवाल मचा दिया है.

निशिकांत दुबे के नामांकन के दिन गोड्डा में रोड शो के लिए रथ की व्यवस्था की गई थी. रथ पर राजनाथ सिंह, निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी अनुकांत दुबे सवार थे. लेकिन उसी तस्वीर में गोड्डा विधायक अमित मंडल, देवघर विधायक नारायण दास और पूर्व विधायक अशोक भगत सभी रथ के नीचे भीड़ में घूमते दिखे. इधर, इस मामले को लेकर ओबीसी मोर्चा ने पूरे मामले को तूल देते हुए कहा है कि यह समाज के लोगों का अपमान है.

अब ये मुद्दा राजनीतिक होने लगा है. बीजेपी अपने तरीके से कह रही है कि बीजेपी ओबीसी का अपमान नहीं करती. जो लोग भाजपा की संस्कृति को नहीं जानते वे ही ऐसी बात कर रहे हैं.

वहीं, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजकुमार भगत द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया, जिसमें कहा गया है कि यह पिछड़ा वर्ग का अपमान है. इस पूरे मामले पर सांसद निशिकांत दुबे ने भी राजकुमार भगत को ब्लैकमेलर बताया है.

वहीं ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमनंदन मंडल ने कहा है कि मंच पर राजनाथ सिंह के साथ विधायक का नहीं होना उनका अपमान है. बीजेपी हमेशा से ओबीसी का अपमान करती रही है.

"यह कार्यक्रम कम समय में निर्धारित किया गया था. वाहन पर बने मंच पर जगह कम थी, इसलिए ज्यादा लोग उसमें सवार नहीं हो सके. राजनाथ सिंह एक बड़े नेता हैं, उनका काफिला लंबा था. इससे विधायकों की गाड़ी पीछे रह गई थी, जब पहुंचे तो भाषण शुरू हो गया था, इसलिए बीच में गाड़ी में जाना उचित नहीं था. हेलीपैड पर राजनाथ सिंह का स्वागत सभी ने किया था." - अमित मंडल, विधायक, देवघर

इस मुद्दे पर बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक अशोक भगत ने कहा कि बीजेपी ओबीसी की सबसे बड़ी हितैषी है. वहीं उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ओबीसी हितों की बात न करें तो बेहतर है.

आजसू के केंद्रीय सचिव संजीव महतो भी बीजेपी के सुर में सुर मिलाते नजर आए. उन्होंने एनडीए को ओबीसी का हितैषी बताया. बीजेपी लगातार इस मुद्दे पर अपना पक्ष रख रही है, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश में है.

ऐसे में गोड्डा लोकसभा चुनाव अगड़ा बनाम पिछड़ा हो इसकी कवायद चल रही है. जहां प्रत्याशियों की जातीय स्थिति भी कुछ वैसी ही है. एक तरफ बीजेपी से निशिकांत दुबे हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस से प्रदीप यादव हैं.

इस पूरे मामले पर राजनीति के जानकार पत्रकार हेमचंद्र की मानें तो उनका कहना है कि गोड्डा में कांग्रेस अपने नारे 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी' पर काम कर रही है. इसलिए उसने दीपिका पांडे का टिकट काटकर प्रदीप यादव को मैदान में उतारा है.

वहीं वरिष्ठ पत्रकार रंजन बहादुर भी मानते हैं कि राजनीति में जाति को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए अगड़ा बनाम पिछड़ा जैसी कोई बात होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है.

यह भी पढ़ें: शहजादे को उनकी उम्र से भी कम सीटें मिलेंगी, कांग्रेस ओबीसी और एससी एसटी का आरक्षण मुसलमानों को देगी, चतरा में बोले पीएम मोदी - PM MODI PUBLIC MEETING IN CHATRA

यह भी पढ़ें: कांग्रेस और झामुमो ने रांची में प्रधानमंत्री के रोड शो को बताया फ्लॉप शो, भाजपा को बताया ओबीसी और आदिवासी विरोधी - PM Modi roadshow in Ranchi

यह भी पढ़ें: ओबीसी की हकमारी कर मुसलमानों को आरक्षण देने की कोशिश कर रही कांग्रेस - अमित मंडल - BJP MLA on Congress

भाजपा नेताओं की सफाई (ETV BHARAT)

गोड्डा: जिले में अगड़ा बनाम पिछड़ा की राजनीति शुरू हो गई है. कांग्रेस और ओबीसी मोर्चा के लोग भाजपा पर पिछड़ों की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं. वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों का जवाब दिया जा रहा है. दरअसल, बीजेपी प्रत्याशी निशिकांत दुबे के नामांकन के दौरान एक तस्वीर ने सियासी बवाल मचा दिया है.

निशिकांत दुबे के नामांकन के दिन गोड्डा में रोड शो के लिए रथ की व्यवस्था की गई थी. रथ पर राजनाथ सिंह, निशिकांत दुबे और उनकी पत्नी अनुकांत दुबे सवार थे. लेकिन उसी तस्वीर में गोड्डा विधायक अमित मंडल, देवघर विधायक नारायण दास और पूर्व विधायक अशोक भगत सभी रथ के नीचे भीड़ में घूमते दिखे. इधर, इस मामले को लेकर ओबीसी मोर्चा ने पूरे मामले को तूल देते हुए कहा है कि यह समाज के लोगों का अपमान है.

अब ये मुद्दा राजनीतिक होने लगा है. बीजेपी अपने तरीके से कह रही है कि बीजेपी ओबीसी का अपमान नहीं करती. जो लोग भाजपा की संस्कृति को नहीं जानते वे ही ऐसी बात कर रहे हैं.

वहीं, राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजकुमार भगत द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया गया, जिसमें कहा गया है कि यह पिछड़ा वर्ग का अपमान है. इस पूरे मामले पर सांसद निशिकांत दुबे ने भी राजकुमार भगत को ब्लैकमेलर बताया है.

वहीं ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमनंदन मंडल ने कहा है कि मंच पर राजनाथ सिंह के साथ विधायक का नहीं होना उनका अपमान है. बीजेपी हमेशा से ओबीसी का अपमान करती रही है.

"यह कार्यक्रम कम समय में निर्धारित किया गया था. वाहन पर बने मंच पर जगह कम थी, इसलिए ज्यादा लोग उसमें सवार नहीं हो सके. राजनाथ सिंह एक बड़े नेता हैं, उनका काफिला लंबा था. इससे विधायकों की गाड़ी पीछे रह गई थी, जब पहुंचे तो भाषण शुरू हो गया था, इसलिए बीच में गाड़ी में जाना उचित नहीं था. हेलीपैड पर राजनाथ सिंह का स्वागत सभी ने किया था." - अमित मंडल, विधायक, देवघर

इस मुद्दे पर बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक अशोक भगत ने कहा कि बीजेपी ओबीसी की सबसे बड़ी हितैषी है. वहीं उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ओबीसी हितों की बात न करें तो बेहतर है.

आजसू के केंद्रीय सचिव संजीव महतो भी बीजेपी के सुर में सुर मिलाते नजर आए. उन्होंने एनडीए को ओबीसी का हितैषी बताया. बीजेपी लगातार इस मुद्दे पर अपना पक्ष रख रही है, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश में है.

ऐसे में गोड्डा लोकसभा चुनाव अगड़ा बनाम पिछड़ा हो इसकी कवायद चल रही है. जहां प्रत्याशियों की जातीय स्थिति भी कुछ वैसी ही है. एक तरफ बीजेपी से निशिकांत दुबे हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस से प्रदीप यादव हैं.

इस पूरे मामले पर राजनीति के जानकार पत्रकार हेमचंद्र की मानें तो उनका कहना है कि गोड्डा में कांग्रेस अपने नारे 'जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी' पर काम कर रही है. इसलिए उसने दीपिका पांडे का टिकट काटकर प्रदीप यादव को मैदान में उतारा है.

वहीं वरिष्ठ पत्रकार रंजन बहादुर भी मानते हैं कि राजनीति में जाति को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए अगड़ा बनाम पिछड़ा जैसी कोई बात होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है.

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Last Updated : May 15, 2024, 1:11 PM IST
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