केदारनाथ हेली सर्विस के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने वाला अरेस्ट, हेलीकॉप्टर कंपनी की बनाई थी फर्जी वेबसाइट - Kedarnath Heli Seva tickets
Dehradun cyber criminal arrested, Uttarakhand latest news: केदारनाथ हेली सर्विस के नाम पर श्रद्धालुओं से ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने हेलीकॉप्टर कंपनी की फर्जी वेबसाइट बनाई थी, उसी के जरिए आरोपी लोगों को अपना शिकार बनाता था.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : October 3, 2024 at 9:26 PM IST
|Updated : October 3, 2024 at 9:36 PM IST
देहरादून: केदारनाथ हेली सर्विस के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी को देहरादून के प्रेम नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को मसूरी बस अड्डा ऋषिकेश से अरेस्ट किया है. आरोपी ने ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्र में घूमकर चार धाम यात्रा की जानकारी ली जाती थी. उसी जानकारी के आधार पर आरोपी ने हेलीकॉप्टर कंपनी की फर्जी वेबसाइट तैयार की और लोगों को केदारनाथ हेली सर्विस टिकट के नाम पर ऑनलाइन ठगा.
पुलिस ने बताया कि झाझरा के रहने वाले प्रीतिश कुमार ने बीती 9 मई को प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. अपनी शिकायत में प्रीतिश कुमार ने बताया था कि उन्होंने केदारनाथ हेली सर्विस के लिए इंटरनेट पर टिकट सर्च किए थे. इसके बाद उन्होंने पवन हंस हेली सर्विस नाम की वेबसाइट से केदारनाथ से लिए हेलीकॉप्टर की टिकट बुक की.
प्रीतिश कुमार की शिकायत के अनुसार उन्होंने केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के लिए करीब एक लाख 30 रुपए ऑनलाइन दिए थे. इसके बाद उन्होंने साइड से टिकट भी मिला था. हालांकि बाद में उन्हें पता चला कि उन्होंने पवन हंस हेली सर्विस नाम से बनी फर्जी वेबसाइट के टिकक बुक की है.
इसके बाद प्रीतिश कुमार ने प्रेम नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने मोबाइल नंबर की सीडीआर आदि चेक की गई तो ठग नीरज उर्फ बबलू उर्फ मैना निवासी सरस्वती गली नियर लक्ष्मी मंदिर सर्वहदी नालंदा बिहार का नाम सामने आया. जिसे पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर मसूरी बस अड्डा ऋषिकेश से गिरफ्तार किया.
थाना प्रेमनगर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि आरोपी अन्य राज्यों से फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम लेकर उस नम्बर को पवन हंस हेली सर्विस केदारनाथ यात्रा की फर्जी वेबसाइट पर डालकर लोगों से साइबर धोखाधड़ी करता है. लोगों से धोखाधड़ी करने से पहले आरोपी ऋषिकेश और उसके आसपास के क्षेत्र में घूम कर पहले चारधाम यात्रा से संबंधित जानकारियां प्राप्त की जाती थी. फर्जी वेबसाइट के माध्यम से जानकारी को लोगों के साथ साझा करते हुए उन्हें विश्वास में लिया जाता था. आज भी आरोपी वर्तमान में जारी चार धाम यात्रा के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए ऋषिकेश आया था.
पढ़ें---

