शीतकाल के लिए बंद हुई विश्व धरोहर फूलों की घाटी, इस साल पहुंचे 19,436 पर्यटक
330 विदेशी पर्यटकों ने भी किए फूलों की घाटी के दीदार, सैलानियों की संख्या बढ़ने से पार्क प्रशासन की आय भी हुई अच्छी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : October 31, 2024 at 2:11 PM IST
|Updated : October 31, 2024 at 5:51 PM IST
चमोली (उत्तराखंड): चमोली जनपद के उच्च हिमालई भ्यूडार वैली में पुष्पावती नदी के दूसरे छोर पर स्थित नंदन कानन में इस वर्ष अच्छी तादात में प्रकृति प्रेमी पर्यटक पहुंचे. पर्यटकों ने फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क की सैर की. इससे पार्क प्रशासन को भी अच्छी आमदनी हुई. वन्य जीव सुरक्षा को देखते हुए शीतकाल के लिए फूलों की घाटी को बंद कर दिया गया है.
फूलों की घाटी शीतकाल के लिए बंद: इस साल फूलों की घाटी में 19,436 पर्यटक पहुंचे. इनमें 330 विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे. पर्यटकों की संख्या बढ़ने से पार्क प्रशासन की अच्छी आय हुई. फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क में दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों और वन संपदा की सुरक्षा को देखते हुए पार्क प्रशासन द्वारा अभी पांच ट्रैप कैमरे घाटी के महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए गए हैं. ताकि इन कैमरों से घाटी में हो रही हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके. फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क हर साल एक जून को खोली जाती है और 31 अक्टूबर को बंद कर दी जाती है.
करीब 20 हजार पर्यटक पहुंचे फूलों की घाटी: आज बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे फूलों की घाटी को आम पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया. वहीं इस साल घाटी में करीब 19, हजार 436 पर्यटक पहुंचे जिसमें 330 विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे. इससे पार्क प्रशासन को 39 लाख 39 हजार 250 रुपये की आय प्राप्त हुई है.
फूलों की घाटी की निगरानी के लिए लगे 5 ट्रैप कैमरे: फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क की वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि इस साल वैली में प्रकृति प्रेमी पर्यटक काफ़ी अच्छी तादात में पहुंचे हैं. इससे विभाग को अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ है. वहीं घाटी की जैवविधता और दुर्लभ वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए अभी घाटी में पांच ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं. वहीं शीतकाल में बर्फबारी तक पार्क प्रशासन की रेकी टीम समय-समय पर घाटी का निरीक्षण करने के लिए जाती रहेगी.
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