उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही, रेस्क्यू ऑपरेशन में 150 सैनिक, ITBP और NDRF की 7 टीमें तैनात
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से धराली गांव तबाह हो गया. कई लोग लापता हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन में ITBP, NDRF की टीमें लगी हैं.

Published : August 5, 2025 at 8:46 PM IST
नई दिल्ली: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में बादल फटने से भारी तबाही हुई है. अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग मलबे के सैलाब में दब गए हैं. पूरा धराली गांव तबाह हो गया है. मलबे के ढेर में दबे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ स्थानीय प्रशासन की टीमें बचाव अभियान में लगी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, सेना के कई जवान भी इसकी चपेट में आ गए हैं.
बादल फटने की घटना से क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है. सेना के जनसम्पर्क अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने जानकारी दी है कि 150 जवान रेस्क्यू में लगे हैं. 20 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है. साथ ही बादल फटने से आर्मी कैंप को भी नुकसान पहुंचा है. कई सैनिकों के लापता होने की खबर है.

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और धराली गांव में बादल फटने के बाद की स्थिति का जायजा लिया. शाह ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) दोनों की बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्र में तैनात करने का निर्देश दिया. आईटीबीपी की तीन टीमें पहले ही रवाना की जा चुकी हैं, जबकि एनडीआरएफ की चार टीमें भी भेज गई हैं और जल्द ही बचाव अभियान में शामिल होने की उम्मीद है.

गृह मंत्री शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में अचानक आई बाढ़ की घटना के संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात की और स्थिति का जायजा लिया. आईटीबीपी की तीन टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया है, और एनडीआरएफ की चार टीमों को भी घटनास्थल पर भेजा गया है. वे जल्द ही पहुंचकर बचाव अभियान शुरू करेंगी."
रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय उत्तरकाशी की त्रासदी पर कड़ी नजर रख रहा है और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए समय पर बचाव और राहत सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं.
एनडीआरएफ ने बताया कि उसकी तीन टीमें - मनेरा, बटकोट और देहरादून से एक-एक - उत्तरकाशी में बादल फटने वाली जगह पर भेजी गई हैं. इसके अलावा, दो टीमें शस्त्रधार हवाई पट्टी पर हवाई मार्ग से लोगों को निकालने के लिए तैयार हैं."

आईटीबीपी की 12वीं बटालियन की टीम भेजी गई
इस बीच, आईटीबीपी ने बताया कि उसकी 16 सदस्यीय टीम बचाव कार्यों में सहायता के लिए उत्तरकाशी में बादल फटने वाली जगह पर पहुंच गई है और उसकी 12वीं बटालियन की एक और टीम भी उत्तराखंड के मातली से भेजी गई है.
उत्तरकाशी जिले के हर्षिल स्थित भारतीय सेना शिविर से लगभग 4 किलोमीटर दूर धराली गांव के पास बादल फटने और भूस्खलन की घटना हुई. इसके बाद भारतीय सेना के जवान बचाव अभियान में जुटे हुए हैं. लगभग 15-20 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और घायलों का हर्षिल स्थित सेना के चिकित्सा केंद्र में उपचार चल रहा है.
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