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थाने पर कब्जा कर उपद्रवियों ने की थी पुलिसवालों को जलाने की कोशिश, पहले से थी हिंसा की तैयारी, उत्तराखंड में हाई अलर्ट

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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : Feb 9, 2024, 11:49 AM IST

Updated : Feb 9, 2024, 2:07 PM IST

Haldwani Banbhoolpura Riots हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके में हुए उपद्रव पर उत्तराखंड सरकार कड़ी नजर बनाए हुए है. सीएम धामी ने थोड़ी देर पहले देहरादून में अपने आवास पर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है. सीएम ने उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं. पुलिस के अनुसार उपद्रव में 3 लोगों की मौत हुई है. 300 से ज्यादा लोग घायल हैं. उत्तराखंड में इस उपद्रव के बाद हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

Haldwani Banbhoolpura Violence
हल्द्वानी उपद्रव
स्थिति को लेकर डीएम नैनीताल का बयान.

देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सरकारी जमीन से अवैध मदरसे और मस्जिद को हटाने के दौरान हुए उपद्रव पर उत्तराखंड की धामी सरकार सख्त है. सीएम धामी ने देहरादून में अफसरों के साथ हाई लेवल की मीटिंग कर उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. सीएम धामी ने कहा कि पथराव और आगजनी करने वाले एक-एक उपद्रवियों की पहचान की जा रही है.

हल्द्वानी को लेकर सीएम ने ली उच्च स्तरीय बैठक: सीएम धामी ने कहा कि शांति और सौहार्द बिगाड़ने वाले उपद्रवियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी की जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है. सीएम धामी ने कहा कि जनता पुलिस प्रशासन का सहयोग करे. जो भी उपद्रवी शहर का अमन चैन बिगाड़ने की कोशिश करे, उसके बारे में तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित करें. इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार ने बनभूलपुरा हिंसा के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.

पुलिस छावनी में तैनात वनभूलपुरा: उधर गुरुवार रात 3 बजे के बाद पुलिस प्रशासन को स्थिति नियंत्रण में लेने में सफलता मिली है. इलाके में तनावपूर्ण शांति है. उपद्रव वाले बनभूलपुरा इलाके में 5 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स जिसमें आईटीबीपी शामिल है तैनात की गई हैं. 5 कंपनी पीएसी भी तैनात है. इसके साथ ही कुमाऊं मंडल की तमाम चौकियों और थानों से पुलिस फोर्स को हल्द्वानी बुला लिया गया है. कुमाऊं की चौकियों और थानों से करीब 1100 पुलिस के जवान और अफसर हल्द्वानी आ चुके हैं.

एसएसपी ने उपद्रव को बताया सुनियोजित साजिश: एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि ये उपद्रव बड़ी साजिश के तहत किया गया प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने पुलिस फोर्स पर लाइसेंसी हथियारों और अवैध असलहों से पहले फायरिंग शुरू कर दी. बनभूलपुरा धाने के एसओ और पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर जलाकर मारने की कोशिश की. इसके बाद जब उपद्रवी बेकाबू हो गए तो सीएम समेत उच्चाधिकारियों ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए. तब पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई. पुलिस ने फिलहाल 2 लोगों की मौत की पुष्टि की है. 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी, पत्रकार और आम जनता घायल हुई है.

4 उपद्रवी गिरफ्तार: एसएसपी ने बताया कि उपद्रवी इतने आक्रामक थे कि उन्हें जो वाहन मिला उसे उन्होंने आग के हवाले कर दिया. 70 से ज्यादा वाहनों को फूंक दिया गया. उपद्रव को लीड करने और भड़काने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. बाकी उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी हुई है.

डीएम ने दी पूरी जानकारी: जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि जो हल्द्वानी बनभूलपुरा क्षेत्र में जहां ये घटनाक्रम हुआ वो नगर निगम की प्रॉपर्टी है. उसपर काफी लंबे समय से एंक्रोचमेंट (अतिक्रमण) है. हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर लगातार प्रशासन की ड्राइव चल रही है तो इस एरिया में भी 30 जनवरी नोटिस दिया गया था जिसमें बताया गया था कि ये स्ट्रक्चर अवैध है, नगर निगम की जमीन पर बना है इसलिए इस स्ट्रक्चर को हटा लिया जाए नहीं तो नगर निगम द्वारा बलपूर्वक इसे हटाया जाएगा. 30 तारीख को नोटिस दिए जाने के बाद भी संबंधित लोगों ने स्ट्रक्चर को नहीं हटाया. उसके बाद तीन दिन बाद की एक डेट तय की गई.

तीन दिन बाद जब अतिक्रमण हटाने की पूरी तैयारी हो गई थी उसके बाद संबंधित पक्ष के कुछ व्यक्तियों ने 2007 के कोर्ट का आदेश दिखाया, जिसमें एक प्रार्थना पत्र के निस्तारण के निर्देश हाईकोर्ट द्वारा दिए गए थे. कोर्ट ऑर्डर के डिस्पोजल के लिए उस दिन ड्राइव को रोक दिया गया, क्योंकि प्रशासन यह चाहता था कि जो भी कार्रवाई हो वो वैधानिक तरीके से हो. उस प्रार्थना पत्र का डिस्पोजल अगले दिन किया गया. इस बीच संबंधित पक्ष हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र लेकर गया जिसमें नगर निगम की डिमोलिशन ड्राइव को रोके जाने और नोटिस को वापस लेने की मांग की गई थी. आज (8 फरवरी) की सुनवाई में हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को किसी भी तरह का रिलीफ नहीं दिया.

नगर निगम पहले से ही एक्शन ले चुका था सिर्फ निस्तारण के लिए उसको रोका गया था इसलिए नगर निगम ने अपनी टीमों को मूव कराया. पुलिस और प्रशासन की टीमों ने इस प्रक्रिया को शांतिपूर्वक करने की कोशिश की, लेकिन जिस प्रकार उपद्रवी तत्वों ने वहां रिएक्शन दिया, पेट्रोल बम फेंके गए, बोतल में डीजल भर के आग लगाने की कोशिश की गई, सरकारी संपत्तियों और पुलिस प्रशासन के वाहनों को आग लगाई गई, पुलिस, प्रशासन की टीमों और पत्रकारों पर पथराव किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है. इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं.

पहले से तैयार थे उपद्रवी: जो भी उपद्रवी हैं उन सब की वीडियो रिकॉर्डिंग प्रशासन के पास हैं, उन सभी को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा. कानून के प्रावधानों के अनुसार सभी दोषियों को दंड दिया जाएगा. जो सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान हुआ है उनकी वसूली उनसे की जाएगी. लगातार लोगों को आईडेंटिफाई और गिरफ्तार किया जा रहा है. डीएम ने बताया कि पथराव काफी ज्यादा हुआ है और घटनाक्रम से ये पता चल रहा है कि संबंधित उपद्रवियों ने पहले से ही पूरी तैयारी की हुई थी कि किसी भी दिन अगर अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाती तो इसी प्रकार का घटनाक्रम किया जाता. यह चिंताजनक है. इसकी जांच करवाई जा रही है. इसकी भी जांच करवाई जा रही है कि यह कौन लोग हैं जो शहर के माहौल को बिगड़ने का काम कर रहे हैं.

सीसीटीवी फुटेज से हो रही उपद्रवियों की पहचान: डीएम वंदना सिंह ने बताया कि उपद्रव सुनियोजित था. उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को जब हमने ड्रोन से इलाके का सर्वे कराया तो तब घटनास्थल के आसपास के घरों की छतों पर ईंट और पत्थर नहीं थे. गुरुवार को जब उपद्रव हुआ तो घरों से पुलिस पर ईंट और पत्थर फेंके गए. इससे साफ पता चलता है कि ये उपद्रव सुनियोजित था. डीएम ने कहा कि पुलिस प्रशासन इलाके के सारे सीसीटीवी फुटेज चेक कर रहा है. घटना के दिन 3 ड्रोन से इलाके की रिकॉर्डिंग की गई. उन ड्रोन की फुटेज से भी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है. डीएम वंदना सिंह ने कहा कि किसी भी उपद्रवी को छोड़ा नहीं जाएगा.

हालात नियंत्रण में हैं: डीएम ने बताया कि उन्होंने हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया है जहां काफी सारे लोग घायल हैं. अस्पताल के पूरे प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. यह भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हल्द्वानी की शांति व्यवस्था बनी रहे. हल्द्वानी शहर के अंदर किसी भी प्रकार का उपद्रव न होने पाए इसके लिए सारी टीमें लगी हुई हैं, अतिरिक्त फोर्स और पैरामिलिट्री भी तैनात है. अभी पूरा प्रयास यही है कि बनभूलपुरा और हल्द्वानी के सभी क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनी रहे. आगे किसी भी प्रकार का डैमेज न हो. अभी हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है.

लालकुआं में रुकेंगी हल्द्वानी आने वाली ट्रेनें: हल्द्वानी काठगोदाम आने वाली सभी ट्रेनों को लालकुआं तक संचालित किया जा रहा है. डीआरएम रेखा आर्य ने हल्द्वानी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया. उन्होंने यात्रियों को हर तरह की सुरक्षा देने को कहा. आरपीएफ और जीआरपी को विशेष सुरक्षा उपाय बरतने को कहा गया है. देहरादून एक्सप्रेस और रानीखेत एक्सप्रेस काठगोदाम पहुंची. काठगोदाम से दिल्ली जाने वाली उत्तरांचल संपर्क क्रांति और नैनी दून जन शताब्दी का संचालन काठगोदाम से किया गया. तमाम ट्रेनें फिलहाल लालकुआं तक ही आएंगी.

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स्थिति को लेकर डीएम नैनीताल का बयान.

देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित हल्द्वानी के बनभूलपुरा में सरकारी जमीन से अवैध मदरसे और मस्जिद को हटाने के दौरान हुए उपद्रव पर उत्तराखंड की धामी सरकार सख्त है. सीएम धामी ने देहरादून में अफसरों के साथ हाई लेवल की मीटिंग कर उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. सीएम धामी ने कहा कि पथराव और आगजनी करने वाले एक-एक उपद्रवियों की पहचान की जा रही है.

हल्द्वानी को लेकर सीएम ने ली उच्च स्तरीय बैठक: सीएम धामी ने कहा कि शांति और सौहार्द बिगाड़ने वाले उपद्रवियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी की जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है. सीएम धामी ने कहा कि जनता पुलिस प्रशासन का सहयोग करे. जो भी उपद्रवी शहर का अमन चैन बिगाड़ने की कोशिश करे, उसके बारे में तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित करें. इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार ने बनभूलपुरा हिंसा के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.

पुलिस छावनी में तैनात वनभूलपुरा: उधर गुरुवार रात 3 बजे के बाद पुलिस प्रशासन को स्थिति नियंत्रण में लेने में सफलता मिली है. इलाके में तनावपूर्ण शांति है. उपद्रव वाले बनभूलपुरा इलाके में 5 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स जिसमें आईटीबीपी शामिल है तैनात की गई हैं. 5 कंपनी पीएसी भी तैनात है. इसके साथ ही कुमाऊं मंडल की तमाम चौकियों और थानों से पुलिस फोर्स को हल्द्वानी बुला लिया गया है. कुमाऊं की चौकियों और थानों से करीब 1100 पुलिस के जवान और अफसर हल्द्वानी आ चुके हैं.

एसएसपी ने उपद्रव को बताया सुनियोजित साजिश: एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि ये उपद्रव बड़ी साजिश के तहत किया गया प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि उपद्रवियों ने पुलिस फोर्स पर लाइसेंसी हथियारों और अवैध असलहों से पहले फायरिंग शुरू कर दी. बनभूलपुरा धाने के एसओ और पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर जलाकर मारने की कोशिश की. इसके बाद जब उपद्रवी बेकाबू हो गए तो सीएम समेत उच्चाधिकारियों ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए. तब पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए गोली चलाई. पुलिस ने फिलहाल 2 लोगों की मौत की पुष्टि की है. 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी, पत्रकार और आम जनता घायल हुई है.

4 उपद्रवी गिरफ्तार: एसएसपी ने बताया कि उपद्रवी इतने आक्रामक थे कि उन्हें जो वाहन मिला उसे उन्होंने आग के हवाले कर दिया. 70 से ज्यादा वाहनों को फूंक दिया गया. उपद्रव को लीड करने और भड़काने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. बाकी उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी हुई है.

डीएम ने दी पूरी जानकारी: जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि जो हल्द्वानी बनभूलपुरा क्षेत्र में जहां ये घटनाक्रम हुआ वो नगर निगम की प्रॉपर्टी है. उसपर काफी लंबे समय से एंक्रोचमेंट (अतिक्रमण) है. हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर लगातार प्रशासन की ड्राइव चल रही है तो इस एरिया में भी 30 जनवरी नोटिस दिया गया था जिसमें बताया गया था कि ये स्ट्रक्चर अवैध है, नगर निगम की जमीन पर बना है इसलिए इस स्ट्रक्चर को हटा लिया जाए नहीं तो नगर निगम द्वारा बलपूर्वक इसे हटाया जाएगा. 30 तारीख को नोटिस दिए जाने के बाद भी संबंधित लोगों ने स्ट्रक्चर को नहीं हटाया. उसके बाद तीन दिन बाद की एक डेट तय की गई.

तीन दिन बाद जब अतिक्रमण हटाने की पूरी तैयारी हो गई थी उसके बाद संबंधित पक्ष के कुछ व्यक्तियों ने 2007 के कोर्ट का आदेश दिखाया, जिसमें एक प्रार्थना पत्र के निस्तारण के निर्देश हाईकोर्ट द्वारा दिए गए थे. कोर्ट ऑर्डर के डिस्पोजल के लिए उस दिन ड्राइव को रोक दिया गया, क्योंकि प्रशासन यह चाहता था कि जो भी कार्रवाई हो वो वैधानिक तरीके से हो. उस प्रार्थना पत्र का डिस्पोजल अगले दिन किया गया. इस बीच संबंधित पक्ष हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र लेकर गया जिसमें नगर निगम की डिमोलिशन ड्राइव को रोके जाने और नोटिस को वापस लेने की मांग की गई थी. आज (8 फरवरी) की सुनवाई में हाईकोर्ट ने उस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को किसी भी तरह का रिलीफ नहीं दिया.

नगर निगम पहले से ही एक्शन ले चुका था सिर्फ निस्तारण के लिए उसको रोका गया था इसलिए नगर निगम ने अपनी टीमों को मूव कराया. पुलिस और प्रशासन की टीमों ने इस प्रक्रिया को शांतिपूर्वक करने की कोशिश की, लेकिन जिस प्रकार उपद्रवी तत्वों ने वहां रिएक्शन दिया, पेट्रोल बम फेंके गए, बोतल में डीजल भर के आग लगाने की कोशिश की गई, सरकारी संपत्तियों और पुलिस प्रशासन के वाहनों को आग लगाई गई, पुलिस, प्रशासन की टीमों और पत्रकारों पर पथराव किया गया, वह स्वीकार्य नहीं है. इसको लेकर मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए हैं.

पहले से तैयार थे उपद्रवी: जो भी उपद्रवी हैं उन सब की वीडियो रिकॉर्डिंग प्रशासन के पास हैं, उन सभी को चिन्हित कर गिरफ्तार किया जाएगा. कानून के प्रावधानों के अनुसार सभी दोषियों को दंड दिया जाएगा. जो सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान हुआ है उनकी वसूली उनसे की जाएगी. लगातार लोगों को आईडेंटिफाई और गिरफ्तार किया जा रहा है. डीएम ने बताया कि पथराव काफी ज्यादा हुआ है और घटनाक्रम से ये पता चल रहा है कि संबंधित उपद्रवियों ने पहले से ही पूरी तैयारी की हुई थी कि किसी भी दिन अगर अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जाती तो इसी प्रकार का घटनाक्रम किया जाता. यह चिंताजनक है. इसकी जांच करवाई जा रही है. इसकी भी जांच करवाई जा रही है कि यह कौन लोग हैं जो शहर के माहौल को बिगड़ने का काम कर रहे हैं.

सीसीटीवी फुटेज से हो रही उपद्रवियों की पहचान: डीएम वंदना सिंह ने बताया कि उपद्रव सुनियोजित था. उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को जब हमने ड्रोन से इलाके का सर्वे कराया तो तब घटनास्थल के आसपास के घरों की छतों पर ईंट और पत्थर नहीं थे. गुरुवार को जब उपद्रव हुआ तो घरों से पुलिस पर ईंट और पत्थर फेंके गए. इससे साफ पता चलता है कि ये उपद्रव सुनियोजित था. डीएम ने कहा कि पुलिस प्रशासन इलाके के सारे सीसीटीवी फुटेज चेक कर रहा है. घटना के दिन 3 ड्रोन से इलाके की रिकॉर्डिंग की गई. उन ड्रोन की फुटेज से भी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है. डीएम वंदना सिंह ने कहा कि किसी भी उपद्रवी को छोड़ा नहीं जाएगा.

हालात नियंत्रण में हैं: डीएम ने बताया कि उन्होंने हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया है जहां काफी सारे लोग घायल हैं. अस्पताल के पूरे प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. यह भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हल्द्वानी की शांति व्यवस्था बनी रहे. हल्द्वानी शहर के अंदर किसी भी प्रकार का उपद्रव न होने पाए इसके लिए सारी टीमें लगी हुई हैं, अतिरिक्त फोर्स और पैरामिलिट्री भी तैनात है. अभी पूरा प्रयास यही है कि बनभूलपुरा और हल्द्वानी के सभी क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनी रहे. आगे किसी भी प्रकार का डैमेज न हो. अभी हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है.

लालकुआं में रुकेंगी हल्द्वानी आने वाली ट्रेनें: हल्द्वानी काठगोदाम आने वाली सभी ट्रेनों को लालकुआं तक संचालित किया जा रहा है. डीआरएम रेखा आर्य ने हल्द्वानी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया. उन्होंने यात्रियों को हर तरह की सुरक्षा देने को कहा. आरपीएफ और जीआरपी को विशेष सुरक्षा उपाय बरतने को कहा गया है. देहरादून एक्सप्रेस और रानीखेत एक्सप्रेस काठगोदाम पहुंची. काठगोदाम से दिल्ली जाने वाली उत्तरांचल संपर्क क्रांति और नैनी दून जन शताब्दी का संचालन काठगोदाम से किया गया. तमाम ट्रेनें फिलहाल लालकुआं तक ही आएंगी.

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Last Updated : Feb 9, 2024, 2:07 PM IST
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