फूूलों की घाटी का बढ़ रहा क्रेज, वैली में शुरू हुई पर्यटकों की आमद, आज पहुंचे 64 टूरिस्ट
उत्तराखंड के चमोली जिले में मौजूद है फूलों की घाटी, हर साल बड़ी संख्या में पहुंचते हैं पर्यटक

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 2, 2025 at 7:51 PM IST
|Updated : June 2, 2025 at 7:56 PM IST
चमोली: उत्तराखंड चमोली जनपद की उच्च हिमालई भ्यूंडार वैली में मौजूद यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क में प्रकृति प्रेमी पर्यटकों की आमद शुरू होने लगी है. जिससे पार्क प्रशासन सहित यात्रा बेस कैम्प घांघरिया के स्थानीय होटल कारोबारी सहित वैली के लिए टूर पैकेज चलाने वाले छेत्र के पर्यटन कारोबारियों के चेहरे भी खिलने लगे हैं. आज 64 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे.
अपने प्राकृतिक आवास में ही करीब 350 प्रजाति के दुर्लभ अल्पाइन हिमालई पुष्पों को आश्रय देने वाली इस पुष्प जैव विविधता से भरे उद्यान की सैर करने प्रति वर्ष हजारों की तादात में देशी विदेशी सैलानियों को भीड़ इस भ्यूंडार वैली पहुंचते हैं.
ब्रिटिश पर्वतारोही और वनस्पति विज्ञानी फ्रैंक स्मिथ द्वारा वर्ष 1932में अपने कॉमेंट पर्वतारोहण अभियान के दौरान खोजी गई इस पुष्प घाटी के मुख्य द्वार इस वर्ष के ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए रविवार एक जून को खोल दिए गए हैं. जून माह में अभी वैली में प्रकृति प्रेमियों को बामन धोड से आगे सफेद प्रीमुला पुष्पों की क्यारियां और घाटी के बीचों बीच बहने वाली पुष्पावती नदी के शोर के साथ रतवन,घोड़ी पर्वत, ओर टिपरा ग्लेशियर का शानदार दृश्य खूब भा रही है.

पार्क रेंज ऑफिसर चेतना काण्डपाल ने बताया सोमवार 2 जून को घाटी में 63 भारतीय पर्यटकों के साथ एक विदेशी पर्यटक ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है. पार्क प्रशासन द्वारा पुष्पवती नदी के उदगम स्थल टिपरा खर्क, कुंठ खाल छेत्र तक के इलाके में वैली की वन संपदा ओर वन्य जीवन की सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है. घाटी के चप्पे चप्पे पर पार्क कर्मियों द्वारा कड़ी नजर रखी जा रही है.

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