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उत्तराखंड में आसमानी आफत के बीच बड़ा फैसला, बंद की गई फूलों की घाटी

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज तल्ख है. लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है.

Chamoli Valley of Flowers
फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही पर अस्थायी रोक (Photo-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 6, 2025 at 1:47 PM IST

3 Min Read
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चमोली (उत्तराखंड): भारी बारिश के कारण विश्व धरोहर फूलों की घाटी में पार्क प्रशासन ने पर्यटकों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है. जिले के ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) क्षेत्र में घांघरिया क्षेत्र की कुंठ खाल, टिपरा ग्लेशियर छेत्र भ्यूंडार वैली में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क में अग्रिम आदेशों तक पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. उप वन संरक्षक नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ तरुण एस ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर ये कदम उठाया गया है.

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ने जानकारी दी है कि अग्रिम आदेशों तक फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है. हालांकि, बारिश के बावजूद भी आज सुबह कई पर्यटक घांघरिया बेस कैंप से फूलों की घाटी के प्रवेश द्वार तक पहुंचे, जिन्हें पार्क कर्मियों द्वारा वापस घांघरिया भेज दिया गया. भारी बारिश के अलर्ट के मद्देनजर आज से पर्यटकों की लिए फूलों की घाटी में पूरी तरह से प्रवेश वर्जित रहेगा.

Uttarakhand heavy rain
आदेश की कॉपी (Issued Nanda Devi National Park Jyotirmath)

बता दें कि, विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान में मंगलवार 5 अगस्त को दोपहर बाद उच्च हिमालयी लोकपाल घाटी में भारी बारिश के चलते वैली ऑफ फ्लावर्स के प्रवेश द्वार से आगे घूसा नाला उफान पर आ गया था. जिसके चलते नाला पार करने के लिए बनी अस्थायी पुलिया बहने से घाटी से लौट रहे पर्यटक दूसरे छोर पर फंस गए. जिन्हें पार्क कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू कर सकुशल दूसरे छोर पर पहुंचाया. वहीं पार्क की वन क्षेत्र अधिकारी चेतना कांडपाल समेत डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ने भी पार्क कर्मियों के बचाव कार्य की सराहना की.

प्राकृतिक सौंदर्य और फूलों की विविधता के लिए प्रसिद्ध है घाटी: फूलों की घाटी उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित हैं. फ्लावर ऑफ वैली ट्रेकिंग और प्राकृतिक रूप से खिलने वाले रंग-बिरंगे फूलों के लिए दुनिया भर में मशहूर है. हर साल देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग फूलों की घाटी का दीदार करने पहुंचते हैं. जहां रंग-बिरंगे प्राकृतिक फूल बरबस ही लोगों को आकर्षित करते हैं. प्रत्येक साल एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुलती हैं, अक्टूबर माह में बंद होती है.

फूलों की घाटी जैव विविधता का अनुपम खजाना है और फूलों की घाटी में 500 से अधिक प्रजाति के रंग बिरंगी फूल खिलते हैं. इसी साल जून माह में यूरोपीय देश चेक रिपब्लिक की 11 महिला प्रकृति प्रेमी पर्यटकों के दल सहित बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक फूलों की घाटी का दीदार करने पहुंचे. यहां से लौटते समय चेक रिपब्लिक देश की महिला पर्यटक दल की सदस्या जाना जिनकोवाजी, ईवा जिनसोवा और जितका क्रोसोवा काफी खुश नजर आईं थी.

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