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जम्मू-कश्मीर में इस साल 2025 दर्ज की गई 81 प्रतिशत कम बारिश, जानें वजह

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में शुष्क मौसम जनवरी के अंत तक जारी रहेगा.

Jammu Kashmir RAINFALL
प्रतीकात्मक तस्वीर. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 23, 2025 at 8:24 AM IST

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श्रीनगर: मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि जम्मू और कश्मीर में 2025 के पहले तीन हफ्तों में 81 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिससे घाटी में सबसे कठोर 40-दिवसीय सर्दियों की अवधि चिल्ला-ए-कलां के दौरान चिंताएं बढ़ गई हैं.

मौसम विभाग के श्रीनगर केंद्र ने पूर्वानुमान लगाया है कि जनवरी के अंत तक शुष्क मौसम जारी रहेगा. इस दौरान बादल छाए रहेंगे और मौसम शुष्क रहेगा. मौसम विज्ञानियों ने 23 जनवरी और 29 से 30 जनवरी के बीच छिटपुट हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना भी जताई है. हालांकि, इस क्षेत्र में किसी भी तरह की भारी वर्षा की संभावना कम है.

केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में 1 से 22 जनवरी तक केवल 11.4 मिमी बारिश हुई, जो इस अवधि के लिए सामान्य वर्षा स्तर 60.5 मिमी से बहुत कम है. जम्मू संभाग के कठुआ जिले में 98% कम बारिश हुई है. श्रीनगर में 71% की कमी दर्ज की गई है, जबकि शोपियां में 94% की कमी के साथ दूसरा सबसे बड़ा स्थान है. अन्य जिले जिनमें 90% से अधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है, उनमें रियासी, किश्तवाड़, कुलगाम, जम्मू और डोडा शामिल हैं.

जम्मू संभाग के उधमपुर, सांबा और रामबन में भी बारिश की कमी रही; कमी 80% से अधिक रही. दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग और पुलवामा में क्रमशः 77% और 75% की कमी दर्ज की गई. मध्य और उत्तरी जिलों में वर्षा की कमी क्रमशः 69% और 63% थी, जिसमें बडगाम और बांदीपोरा शामिल हैं. चल रही शुष्क अवधि 2024 में अभूतपूर्व वर्षा की कमी के बाद आई है, जो पिछले पचास वर्षों में जम्मू और कश्मीर में सबसे सूखा वर्ष था.

पिछले साल इस क्षेत्र में केवल 870.9 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य वार्षिक औसत 1,232.3 मिमी से 29% कम थी. दिलचस्प बात यह है कि 2024 सामान्य से कम वर्षा का लगातार पांचवा वर्ष है. 2023 में, जम्मू और कश्मीर में 1,146.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 7% की कमी को दर्शाती है. 2022, 2021 और 2020 में वर्षा का स्तर भी सामान्य से कम था मौसम विभाग के श्रीनगर केंद्र के अनुसार, बारिश में क्रमशः 16%, 28% और 20% की कमी आई है.

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