श्रद्धालुओं के लिए खुल गए भगवान रुद्रनाथ के कपाट, अपने धाम को चली मदमहेश्वर की डोली, 20 को खुलेंगे द्वार - Panch Kedar Uttarakhand
Rudranath temple doors opened in Chamoli चमोली जिले में स्थित पंच केदार में से चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आज आम श्रद्धालुओं के दर्शनों हेतु खोल दिये गये हैं. कपाट खुलने के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुद्रनाथ धाम पहुंचे हैं. गोपेश्वर के सगर गांव से 22 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करने बाद भगवान रुद्रनाथ जी के मंदिर श्रद्धालु पहुंचते हैं. वहीं आज मदमहेश्वर की डोली भी अपने धाम के लिए रवाना हो गई. मदमहेश्वर धाम के कपाट 20 मई को खुलेंगे.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : May 18, 2024 at 12:23 PM IST
|Updated : May 18, 2024 at 5:02 PM IST
चमोली: भगवान रुद्रनाथ जी के मंदिर में भगवान शिव के मुखारबिंद के दर्शन होते हैं. भगवान रुद्रनाथ जी का शीतकालीन गद्दी स्थल गोपेश्वर स्थित भगवान गोपीनाथ के मंदिर में है. यहां से भगवान रुद्रनाथ की डोली बीती 16 मई को रुद्रनाथ के लिए प्रस्थान कर गई थी. दो पड़ावों में रात्रि विश्राम करने के पश्चात डोली 17 मई को ही रुद्रनाथ मंदिर पहुंच गई थी. जिसके बाद आज सुबह भगवान रुद्रनाथ जी के कपाट खोल दिये गये हैं.
रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खुले: चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की डोली यात्रा ब्रह्ममुहूर्त के बाद पहले पड़ाव ल्वींटी बुग्याल से रुद्रनाथ मंदिर पहुंच गई थी. इस दौरान श्रद्धालुओं सहित स्थानीय हक-हकूकधारियों में खासा उत्साह था. शनिवार को ब्रह्ममुहूर्त में रुद्रनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनाथ खोल दिए गए. उच्च हिमायली क्षेत्र में स्थित चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर की यात्रा अति दुर्गम मानी जाती है. गोपेश्वर के निकट सगर गांव से 22 किमी पैदल यात्रा कर भगवान रुद्रनाथ के मंदिर पहुंचा जा सकता है. रुद्रनाथ मंदिर में भगवान के मुख के दर्शन होते हैं. पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में माने जाने वाले रुद्रनाथ मंदिर में शिव ने पांडवों को मुख के दर्शन दिए थे.
अगले 6 महीने श्रद्धालु कर सकें रुद्रनाथ के दर्शन: यहां ग्रीष्मकाल में कपाट खुलने के बाद छह माह तक पूजा अर्चना होती है, जबकि शीतकाल में गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना होती है. शुक्रवार सुबह ब्रह्ममुहूर्त में इस यात्रा के पहले पड़ाव ल्वींटी बुग्याल में पुजारी वेद प्रकाश भट्ट ने भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना कर यात्रा को शुरू किया. दिनभर 11 किमी पैदल चलने के बाद यात्रा शाम को रुद्रनाथ मंदिर पहुंची. रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी वेद प्रकाश भट्ट ने कहा कि रुद्रनाथ मंदिर के कपाट छह माह के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनाथ शनिवार को खोल दिए गए.
20 मई को खुलेंगे द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट: पंच केदारों में से द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. आज द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से अपने मदमहेश्वर धाम के लिये रवाना हो गई है. 20 मई को डोली सुबह के समय अपने धाम पहुंचेगी और इसी दिन कपाट आम भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिये जाएंगे.
धाम के लिए रवाना हुए मदमहेश्वर की डोली: मदमहेश्वर धाम के कपाट खुलने के बाद देश-विदेश के भक्त पंच केदारों के दर्शनों का लाभ अर्जित कर सकते हैं. आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान मदमहेश्वर की डोली का श्रृंगार किया गया. जिसके बाद डोली अपने धाम के लिये रवाना हुई. आज डोली अपना पहला रात्रि प्रवास राकेश्वरी मंदिर रांसी और कल गौंडार गांव में करेगी. 20 मई को गौंडार गांव से डोली अपने धाम के लिये रवाना होगी. डोली के धाम पहुंचने पर इसी दिन द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के भी कपाट खोल दिये जाएंगे.
आज रांसी में रात्रि विश्राम करेगी मदमहेश्वर की डोली: पैदल डोली यात्रा में बड़ी संख्या में भक्त साथ चल रहे हैं. डोली का विभिन्न यात्रा पड़ावों पर भव्य स्वागत किया जा रहा है. भगवान मदमहेश्वर को न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है. मदमहेश्वर धाम में भगवान शिव के मध्य भाग की पूजा होती है. बदरी-केदार मंदिर समिति के वेदपाठी विश्वमोहन जमलोकी ने बताया कि 20 मई को आम भक्तों के लिये भगवान मदमहेश्वर के कपाट खोले जा रहे हैं. आज डोली रांसी और कल गौंडार गांव में रात्रि प्रवास करेगी.
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