IIT रुड़की में ₹25 लाख से ज्यादा का छात्रवृत्ति घोटाला, महिला कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
सीनेट कमेटी फॉर स्काॅलरशिप एंड प्राइजेज में 25 लाख 62 हजार 361 रुपये का घोटाला, अपने घरवालों के खातों में जमा करा दिए पैसे

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : November 6, 2024 at 11:07 AM IST
|Updated : November 6, 2024 at 12:36 PM IST
रुड़की: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT रुड़की) के SCSP यानी सीनेट कमेटी फॉर स्काॅलरशिप एंड प्राइजेज (एससीएसपी) प्रकोष्ठ में 25 लाख 62 हजार 361 रुपये का छात्रवृत्ति घोटाले का मामला सामने आया है. घोटाला सामने आने के बाद आईआईटी प्रशासन में हड़कंप मच गया. इस मामले में कुलसचिव ने SCSP प्रकोष्ठ में प्रोजेक्ट पद पर तैनात महिला कर्मचारी के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है. जांच में सामने आया है कि महिला ने अपने परिजनों के खाते में यह रकम जमा कराई थी. पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़तात करने में जुट गई है.
IIT रुड़की में 25 लाख का छात्रवृत्ति घोटाला: रुड़की सिविल लाइन कोतवाली पुलिस को प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT ROORKEE) के कुलसचिव प्रशांत गर्ग ने तहरीर दी है. तहरीर में बताया गया है कि (SCSP) एससीएसपी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने बीते 26 अप्रैल 2024 को उन्हें प्रकोष्ठ में 25 लाख 62 हजार रुपये की धोखाधड़ी के शक में जांच कमेटी गठित करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा था. जिसके बाद मामले की जांच को लेकर 21 अगस्त 2024 को दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई थी.
महिला कर्मचारी पर घोटाले का आरोप: गठित की गई टीम ने मामले की गहनता से जांच की. जांच में सामने आया कि प्रकोष्ठ कार्यालय की ई-मेल से आईआईटी के छात्रों को 23 मई 2023 और 5 अक्टूबर 2023 को मेल भेजकर उनसे स्कॉलरशिप के नॉन रिफंडेबल अमाउंट को वापस करने के लिए बोला गया था. इस ई-मेल का लॉग इन और पासवर्ड प्रकोष्ठ में प्रोजेक्टर पद पर तैनात महिला कर्मचारी के पास था. ई-मेल में छात्रों को भारत सरकार के निर्देशों का भी हवाला दिया गया था. 28 सितंबर को जांच रिपोर्ट अधिकारी को सौंप दी गई थी.
घरवालों के खाते में जमा कर दी छात्रवृत्ति की रकम: आरोप है कि यह रकम प्रोजेक्टर पद पर तैनात महिला कर्मचारी ने अपने परिजनों के बैंक खातों में जमाई कराई थी. जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद महिला कर्मचारी को हटा दिया गया है. उन्होंने बताया कि इस मामले में वित्त अधिकारी के सामने महिला कर्मचारी ने लिखित में बयान देते हुए अपनी गलती भी स्वीकार की थी. उसने पूरी रकम जमा करने की बात कही थी. हालांकि, अभी तक उनके द्वारा मात्र चार लाख की रकम ही जमा की गई है. वहीं, आईआईटी रुड़की प्रशासन की ओर से बताया गया है कि एक एजेंसी द्वारा महिला को रखा गया था. आरोपी महिला आईआईटी रुड़की की स्थायी कर्मचारी नहीं है.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा: आईआईटी रुड़की के कुलसचिव द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है.
हमें आईआईटी रुड़की से तहरीर मिली थी. तहरीर के आधार पर प्रोजेक्टर के पद पर तैनात महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की सघन जांच शुरू कर दी गई है.
-नरेंद्र बिष्ट, कोतवाली प्रभारी, सिविल लाइन-
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