उदयपुर: 55 वर्षीय महिला ने दिया 17वीं संतान को जन्म, पिता बोले- रोजगार है नहीं, कर्ज में भी दबे
झाड़ोल सीएचसी में 55 साल की आदिवासी महिला ने 17वीं संतान को जन्म दिया. महिला के पांच बच्चों की शादी हो चुकी है.

Published : August 27, 2025 at 3:43 PM IST
|Updated : August 27, 2025 at 4:11 PM IST
उदयपुर: दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी अंचल झाड़ोल से चौंकाने वाली खबर सामने आई है. झाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 55 वर्षीय रेखा कालबेलिया ने 17वीं संतान को जन्म दिया. हालांकि एक बेटी समेत पांच बच्चे असमय काल का ग्रास बन चुके हैं, वहीं पांच बच्चों की शादी हो चुकी है. रेखा के पोते-पोतियां हैं. हम दो हमारे दो के सरकारी नारे की धज्जियां उड़ाती यह तस्वीर क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. हॉस्पिटल के वार्ड में जब लोगों को रेखा के 17वीं संतान का पता लगने पर हर कोई चौंक गया. प्रसूता रेखा के परिजनों ने अस्पताल में शुरू में चार संतान होने की बात कही थी.
प्रसूता रेखा के पति कवरा कालबेलिया ने बताया कि उसके पास रहने को घर नहीं है. बड़ी मुश्किल से जीवन यापन करता है. ज्यादा बच्चे होने की गलती की सजा भुगत रहा है. बच्चों को खिलाने पिलाने के लिए पैसे नहीं हैं. बच्चों की शादी ओर भोजन के लिए साहूकार से 20% ब्याज पर पैसा लाया. कवरा इसके ब्याज के रूप में अब तक लाखों रुपए चुका चुका है, लेकिन ब्याज पूरा नहीं उतरा.
कवरा भंगार एकत्रित कर आजीविका चलाता है. गरीबी के चलते कवरा के परिवार के किसी भी सदस्य ने स्कूल का मुंह तक नहीं देखा. पीएम आवास से घर बना दिया, लेकिन वह जमीन उनके खातेदारी में नहीं होने के कारण आज तक बेघर हैं. इधर, झाड़ोल सीएचसी की स्त्री रोग विशेषज्ञ रोशन दरांगी ने बताया कि रेखा भर्ती हुई तो परिजनों ने उसके चौथी संतान होने की हिस्ट्री दी, लेकिन बाद में सामने आया कि यह 17वीं संतान है. ऐसे में अब रेखा और उसके पति को नसबंदी के लिए जागरूक करेंगे.

