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दिलप्रीत सिंह बने लखनऊ कांग्रेस शहर अध्यक्ष

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Published : Mar 2, 2021, 2:17 AM IST

यूपी कांग्रेस ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस के संगठन में बदलाव कर दिया है. एक साल से कुछ ही ज्यादा समय का कार्यकाल होने के बाद लखनऊ शहर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान को पद से हटा दिया गया. उनकी जगह दिलप्रीत सिंह को शहर अध्यक्ष के रूप में तैनाती दे दी गई.

दिलप्रीत सिंह बने लखनऊ कांग्रेस शहर अध्यक्ष
दिलप्रीत सिंह बने लखनऊ कांग्रेस शहर अध्यक्ष

लखनऊ: कांग्रेस आलाकमान ने सोमवार को बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस के संगठन में बदलाव कर दिया है. एक साल से कुछ ही ज्यादा समय का कार्यकाल होने के बाद शहर अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान को पद से हटा दिया गया. उनकी जगह दिलप्रीत सिंह को शहर अध्यक्ष के रूप में तैनाती दे दी गई. आलाकमान का मानना था कि जिस काम के लिए मुकेश सिंह चौहान को महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी उसका वे निर्वहन नहीं कर पाए. हालांकि कांग्रेस के ही अंदर मुकेश सिंह चौहान को हटाए जाने को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. कई नेताओं का मानना है कि एक साल में मुकेश सिंह चौहान ने कई आंदोलन किए. सड़कों पर उतरकर पार्टी के लिए संघर्ष किया, पार्टी को मजबूती दी है. पार्टी नेता आलाकमान के इस फैसले से हतप्रभ है, वहीं मुकेश सिंह चौहान को भी झटका लगा है.

कांग्रेस पार्टी में महानगर अध्यक्ष को लेकर हुए बदलाव को तमाम नेता और कार्यकर्ता हजम नहीं कर पा रहे हैं. मुकेश सिंह चौहान की जगह दिलप्रीत सिंह को शहर अध्यक्ष बना देना भी उन्हें कम ही रास आ रहा है. हालांकि अध्यक्ष का फैसला है इसलिए सीधे तौर पर कोई उंगली नहीं उठा पा रहा है, लेकिन नाराजगी जरूर बढ़ गई है. एक साल पहले पार्टी हाईकमान ने मुकेश सिंह चौहान को शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी. इसके बाद अभी कुछ ही माह पहले शहर का विभाजन करते हुए दूसरे शहर अध्यक्ष के रूप में अजय कुमार श्रीवास्तव को उत्तर क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. अब पार्टी ने बड़ा फैसला करते हुए मुकेश सिंह चौहान को हटाकर दक्षिण क्षेत्र के शहर अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिलप्रीत सिंह को सौंप दी. दिलप्रीत ने 2017 का विधानसभा चुनाव लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट से लड़ा था.

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सिख समुदाय को साधने की कवायद
शहर अध्यक्ष के रूप में दिलप्रीत सिंह की तैनाती की वजह 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में सिख समुदाय को कांग्रेस पार्टी से जोड़ा जाना माना जा रहा है. दिलप्रीत को अन्य वर्गों के अलावा खासकर सिख समुदाय को कांग्रेस के साथ जोड़ने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

मुकेश सिंह चौहान बन सकते है प्रदेश प्रवक्ता
मुकेश सिंह चौहान की नाराजगी भी साफ तौर पर सामने आ गई है. इसके बाद यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि मुकेश सिंह चौहान को दरकिनार करना भी पार्टी के लिए सही नहीं होगा. ऐसे में प्रवक्ताओं की जो टीम बनी है उसमें मुकेश सिंह चौहान को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया जाए. शहर अध्यक्ष बनने से पहले तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के कार्यकाल में मुकेश सिंह चौहान प्रदेश प्रवक्ता रह भी चुके हैं.

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