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डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का दावा...आरपीएससी की गोपनीय शाखा से पेपर हुआ लीक...कहा- दो-तीन दिन में देंगे सबूत

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Published : Dec 24, 2022, 8:02 PM IST

राजस्थान में सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती से जुड़ा पेपर लीक होने के (Kirodi Lal Meena in Ajmer) बाद प्रदेशभर में बवाल मचा हुआ है. विपक्ष जहां गहलोत सरकार को लगातार घेर रहा है. वहीं, इस मामले में राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने बड़ा बयान देकर सभी को चौंका दिया है. उन्होंने कहा है कि पेपर आरपीएससी के गोपनीय शाखा से लीक हुए हैं.

Kirodi Lal Meena in Ajmer
Kirodi Lal Meena in Ajmer

भाजपा सांसद किरोड़ी मीणा का दावा

अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग के वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 22 के (BJP MP Kirori Lal Meena claims) ग्रुप सी के जीके के प्रश्न पत्र के लीक होने के बाद सियासत भी शुरू हो चुकी है. विपक्ष सरकार पर हमले बोल रहा है. वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा ने आरपीएससी पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं. मीणा का आरोप है कि आरपीएससी की गोपनीय शाखा से पेपर लीक हुआ है. दो-तीन दिन बाद वह इस बात के सबूत भी आयोग को देंगे और मामले को सार्वजनिक करेंगे.

भाजपा के वरिष्ठ नेता किरोड़ी लाल मीणा ने शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अजमेर में आरपीएससी चेयरमैन संजय कुमार श्रोत्रिय से मुलाकात (BJP MP Kirodi Lal Meena big allegation) की. मीणा ने बातचीत में कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं की ओर से पेपर लीक प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग आयोग अध्यक्ष से की गई है. कार्यकर्ताओं ने आरपीएससी की गुप्त शाखा से ही पेपर लीक होने की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि आरपीएससी चेयरमैन से आग्रह किया (Rpsc Paper Leak case) गया है कि वह अपने स्तर पर जांच कर दोषी को गिरफ्तार करवाएं. उन्होंने कहा कि आयोग के चेयरमैन ने आश्वासन दिया है कि प्रकरण में निष्पक्ष जांच होगी. मीणा ने कहा कि आरपीएससी में गोपनीय शाखा से पेपर लीक हुआ है इसके वह दो-तीन दिन में सबूत भी देंगे.

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बातचीत में मीणा ने कहा कि आरपीएससी संवैधानिक संस्था है. पेपर लीक प्रकरण में किसी राजनेता या मुख्यमंत्री और मंत्री को इस्तीफा देने का कोई मतलब नहीं है. आयोग कार्यालय से पेपर लीक (Rajasthan Public Service Commission) हुआ है, इसकी जांच आयोग अध्यक्ष करवाएं. आरपीएससी पूरी तरह से संदेह के घेरे में है. मीणा ने पुराने हवाले भी देते हुए कहा कि सन 2018 में एमडीएस यूनिवर्सिटी में पेपर चेक करवाए गए, जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे.

आरपीएससी के चेयरमैन वहां के इनविजिलेटर थे. वहां कॉपियों में गड़बड़ की गई. जिन्होंने नॉट अटेम्प्ट लिखा उनकी कॉपी दोबारा दी गई. ऐसे अभ्यर्थी कोर्ट में गए और कोर्ट से आरएएस बनकर आ गए. सन 2021 में पेपर हुआ. मीणा ने आरोप लगाया कि उस वक्त आयोग के चेयरमैन (paper leaked from secret branch) शिव सिंह राठौड़ थे. राठौड़ ने दो दिन पहले व्हाट्सएप पर एक सवाल का जवाब डाला था. वह सवाल पेपर में आ गया और वह सवाल 10 नंबर का था. मीणा ने कहा कि जिन लोगों ने यह सवाल पढ़ लिया वह लोग आरएएस बन गए. मीणा ने आरोप लगाया कि पेपर लीक करने का आरपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों ने इतिहास रचा है. आरपीएससी कार्यालय में पूर्व में एसीबी के छापे पड़े हैं यह सबको पता है.

आरएलपी कार्यकर्ताओं ने भी दिया ज्ञापनःपेपर लीक प्रकरण में आयोग के चेयरमैन संजय कुमार श्रोत्रिय से आरएलपी के कार्यकर्ताओं ने भी मुलाकात कर प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग की है. जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह रावत के साथ कार्यकर्ताओं ने आयोग चेयरमैन को ज्ञापन सौंपा है.

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