जयपुर. छोटीकाशी में जन्माष्टमी के पर्व (Krishna Janmashtami 2022) से पहले ही कृष्ण भक्ति की बयार बह रही है. कृष्ण मंदिरों में नंदलाल के स्वागत की तैयारियां की जा रही है. इस बीच जयपुर के आराध्य गोविंद देव जी मंदिर में भी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पूरे मंदिर प्रांगण को सातिया और बधाई हो की पताकाओं से सजाया गया है.
सुरक्षा की दृष्टि से मेटल डिटेक्टर गेट और मेटल डिटेक्टर मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. चूंकि दो साल बाद जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालु ठाकुर जी के साक्षात दर्शन करेंगे. ऐसे में प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर परिसर तक बैरिकेडिंग की गई है ताकि लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को आसानी से भगवान के दर्शन भी हो और कोई असुविधा भी न हो.
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राजधानी वासियों में जन्माष्टमी पर्व (Krishna Janmashtami 2022) का विशेष उत्साह देखने को मिलता है. कई दिन पहले से ही भक्त भगवान को रिझाने के लिए तैयारियां शुरू कर देते हैं. वहीं जन्मोत्सव के दौरान जयपुर के आराध्य गोविंद देव जी मंदिर जाकर भगवान के दर्शन करने को लोग अपना सौभाग्य समझते हैं. दो साल बाद इस बार भक्त और भगवान के बीच कोरोना की दीवार नहीं रहेगी. ऐसे में शहर वासियों का उत्साह पहले से ज्यादा बढ़ गया है. श्रद्धालुओं के इसी उत्साह को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन की ओर से भगवान के दर्शन की विशेष व्यवस्था आते हुए झांकियों का समय भी बढ़ाया गया (Program in Shri Govinddevji Mandir) है. भक्त 19 अगस्त को सुबह 4:30 बजे से मंगला आरती के साथ ठाकुर जी के दर्शन कर सकेंगे और ये दौर रात 12:30 बजे तक जारी रहेगा.
19 अगस्त को गोविंद के दर्शन के लिए झांकियों का समय :
- सुबह 4:30 बजे से 6:45 बजे तक मंगला आरती
- 7:30 बजे से 9:30 बजे तक धूप आरती
- 9:45 से 11:30 तक शृंगार आरती
- 11:45 से 1:30 तक राजभोग झांकी
- शाम 4:00 से 6:30 तक ग्वाल आरती
- शाम 6:45 बजे से 8:30 बजे तक संध्या आरती
- रात 9:15 बजे से 10:30 बजे तक शयन आरती
- रात 11:00 बजे से 11:15 बजे तक अगले दिन की मंगला आरती होगी.
- रात 12:00 बजे से 12:30 बजे तक तिथि पूजा और अभिषेक होगा. इसके लिए ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था भी की गई है.
इस दौरान मंदिर में 1000 स्वयंसेवक व्यवस्था संभालेंगे. मंदिर प्रशासन की ओर से 13 एलईडी और 3 प्लाजमा टीवी भी लगाए गए हैं, जिससे श्रद्धालु लाइव दर्शन कर सकेंगे. सुरक्षा के लिए 10 मेटल डिटेक्टर गेट और बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर की भी व्यवस्था की गई है. उधर, गोविंद देव जी मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं की मानें तो मंदिर प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों से स्पष्ट है कि इस बार कृष्ण जन्माष्टमी भव्यता के साथ मनाया जाएगा.
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खास बात ये है कि इस बार कोरोना भगवान और भक्त के बीच नहीं आएगा. श्रद्धालु ठाकुर जी के साक्षात दर्शन कर सकेंगे. श्रद्धालुओं ने बताया कि मंदिर के अलावा घरों में भी लड्डू गोपाल जी की पूजा अर्चना करने के लिए विशेष तैयारी कर रहे हैं. बता दें कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर असमंजस की स्थिति भी चल रही थी. हालांकि गोविंद देव जी मंदिर में 19 अगस्त को ही कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा. वहीं 31 तोपों की सलामी के साथ जन्माभिषेक होगा. ठाकुर श्रीजी के 425 लीटर दूध, 365 लीटर दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद से जन्माभिषेक किया जाएगा. इस दौरान वेद पाठ भी होगा. वहीं, अगले दिन 2 साल बाद नंदोत्सव के बाद शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी. इसके लिए राज्य सरकार की ओर से जयपुर शहर में आधे दिन की सरकारी छुट्टी की घोषणा भी की गई है.