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Gwalior Sculptor MP: पत्थर पर तस्वीर बनाने वाले मूर्ती शिल्पकार दीपक, कला के दुबई, पेरिस, स्पेन हो चुके हैं कद्रदान

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Published : Nov 26, 2022, 10:46 PM IST

Updated : Nov 26, 2022, 11:07 PM IST

कहते हैं कुदरत जिसे हुनर दे तो दुनियां की डिग्री और डिप्लोमा कोई मायने नहीं रखते, यह बात ग्वालियर के शिल्पकार दीपक विश्वकर्मा पर बिलकुल सटीक बैठती है. जो काम अच्छे-अच्छे नहीं कर सकते हैं वह काम एक कम पड़े लिखे युवक ने कर दिखाया है, शिल्पकार दीपक विश्वकर्मा ने न केवल देश बल्कि विदेशों में भी अपनी धाक जमा ली है. दीपक विश्वकर्मा की कला का ऐसा जादू है कि वह पत्थर पर किसी भी व्यक्ति की तस्वीर को हूबहू उकेर सकते हैं. यही कारण है कि दीपक विश्वकर्मा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी, सरदार वल्लभभाई पटेल और बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन सहित दर्जनों महापुरुषों की हुबहू मूर्तियां बनाई हैं.

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दीपक विश्वकर्मा को हुनर ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर का रहने वाला एक मूर्ति शिल्पकार पूरी दुनिया में अपना जादू बिखेर रहा है. ग्वालियर के शिल्पकार दीपक विश्वकर्मा (Sculptor Deepak Vishwakarma) का देश ही नहींं बल्कि पेरिस, दुबई स्पेन इसकी कला के कद्रदान हो चुके हैं. दीपक विश्वकर्मा की कला का ऐसा जादू है कि वह पत्थर पर किसी भी व्यक्ति की तस्वीर को हूबहू उकेर सकते हैं. यही कारण है कि दीपक विश्वकर्मा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी, सरदार वल्लभभाई पटेल और बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन सहित दर्जनों महापुरुषों की हुबहू मूर्तियां बनाई हैं, जो देश-विदेश में काफी पसंद आ रही हैं. इसके साथ ही शिल्पकार दीपक विश्वकर्मा पत्थर को तराश कर कई ऐसी मूर्ति बना चुके हैं जिसकी नक्काशी और खूबसूरती विदेशों में अपनी पहचान बना रही है.

दीपक विश्वकर्मा को हुनर ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान

कला के कायल हुए देश- विदेश: ग्वालियर के रहने वाले मूर्ती शिल्पकार दीपक विश्वकर्मा की कला इस समय पूरे विश्व भर में ग्वालियर को एक अलग पहचान दिला रही है. दीपक विश्वकर्मा की इस कला के पीछे उसका संघर्ष भी काफी रोचक है. दीपक विश्वकर्मा को बचपन से मूर्ति बनाने का शौक था. दीपक ने बताया है कि जब स्कूल जाते थे तो ब्लैक बोर्ड पर अक्षरों की जगह किसी की भी तस्वीर बना देते थे. बचपन से ही उनकी पढ़ाई में रूचि नहीं थी, यही कारण है कि वह पढ़ नहीं पाए. दीपक विश्वकर्मा बचपन से ही मूर्ति बनाने का शौक रखते थे, इसलिए धीरे-धीरे यह शौक जुनून और सपना बढ़ गया और उसके बाद दीपक विश्वकर्मा पत्थर को तराश कर मूर्ति बनाने लगे. लेकिन अब दीपक विश्वकर्मा मूर्ति शिल्पकार के ऐसे जादूगर बन गए हैं, वह किसी का चेहरा बिना देखे पत्थर पर हूबहू उकेर सकते हैं. दीपक विश्वकर्मा ने दर्जनों पत्थर की मूर्तियां बनाई है जिनकी तारीफ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी होती है. यही कारण है कि ग्वालियर के मूर्ती शिल्पकार की बनी हुई मूर्तियो की विदेश में काफी डिमांड है और यहां की प्रतिमाएं, फ्रांस, स्पेन पेरिस और दुबई तक जा रही हैं.

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दीपक विश्वकर्मा को विरासत में मिली शिल्पकला: दीपक विश्वकर्मा एक राष्ट्रीय शिल्पकार हैं, इस अद्भुत कला के जरिए वह कई अवार्ड अपने नाम कर चुके हैं. राष्ट्रपति से सम्मानित प्राप्त दीपक विश्वकर्मा ने कई ऐसी मूर्तियां बनाई है जो जोड़ कला और नक्काशी से पूरे विश्व भर में प्रसिद्ध हैं. यही कारण है कि अब देश में किसी भी स्थान पर किसी भी राजनेता या भगवान की मूर्ति बनी है तो वहां पर दीपक विश्वकर्मा का नाम जरूर आता है. दीपक विश्वकर्मा ने बताया है कि उसके परिवार की पांच पीढ़ियों द्वारा मूर्ति शिल्पकार का काम किया जा रहा है. इसलिए कहा जा सकता है की यह कला उसके परिवार में वरदान की तरह साबित हो रही है. दीपक विश्वकर्मा बड़ी मूर्तियों के अलावा छोटी-छोटी मूर्तियां बना रहे हैं जिनकी विदेशों में गार्डन, होटल और घरों में सजाने के लिए और आकर्षित करने के लिए डिमांड है.

पत्थर पर तैरने वाली नाव बनाकर किया हैरान: अभी हाल में ही दीपक विश्वकर्मा ने एक ऐसी अद्भुत कला के जरिए पत्थर (Deepak made boat floating in stone) में तैरने वाली नाव बनाई जिसे देखकर सभी लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली. शिल्पकार दीपक विश्वकर्मा ने साढ़े 4 किलो के पत्थर की ऐसी नाव बनाई है जो पानी में तैरती है. इस नाव में केवट के साथ प्रभु श्री राम, माता जानकी और भगवान लक्ष्मण के साथ केवट विराजमान है. शिल्पकार की इस कला को देखकर हर कोई हैरान हो गया. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस पत्थर की नाव को देखकर हैरत में आ गए थे. यह नाव पूरे देश भर के साथ-साथ विश्व भर में चर्चित हुई थी.

Last Updated :Nov 26, 2022, 11:07 PM IST

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