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भारी बारिश ने रोकी श्रद्धालुओं की राह, मणिमहेश यात्रा 25 अगस्त तक स्थगित

श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यात्रा स्थगित रहने के दौरान इस मार्ग पर जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.

MANIMAHESH YATRA 2026
मणिमहेश यात्रा 2026 (FILE@ETVBHARAT)

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : August 23, 2026 at 5:09 PM IST

Updated : August 23, 2026 at 5:25 PM IST

चंबा:हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर फिलहाल रोक दिया गया है. जिला प्रशासन ने भारी बारिश के कारण यात्रा मार्ग के क्षतिग्रस्त हुए कुछ हिस्सों को देखते हुए 25 अगस्त तक यात्रा स्थगित रखने का फैसला लिया है. तोस के गोठ के पास बारिश से क्षतिग्रस्त हुए रास्ते की मरम्मत का काम जारी है. प्रशासन का कहना है कि मौसम और रास्ते की स्थिति ठीक रहने पर 26 अगस्त से यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी.

उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि हाल में हुई भारी बारिश से यात्रा मार्ग पर तोस के गोठ के पास रास्ता खराब हुआ है. ऐसे में श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित नहीं मानी जा रही है. प्रशासन ने रास्ते की मरम्मत का काम शुरू करवा दिया है. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यात्रा स्थगित रहने के दौरान इस मार्ग पर जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.

प्रशासन की ओर से यह निर्णय खास तौर पर उन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जो आधिकारिक यात्रा अवधि शुरू होने से पहले ही मणिमहेश के लिए निकल पड़ते हैं. आधिकारिक तौर पर इस वर्ष श्री मणिमहेश यात्रा 25 अगस्त से 20 सितंबर तक प्रस्तावित है. हालांकि, इससे पहले भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर पहुंचने लगते हैं. ऐसे में प्रशासन ने रास्ते की स्थिति को देखते हुए फिलहाल यात्रा से बचने की सलाह दी है.

यात्रा मार्ग पर सुविधाओं की भी तैयारी

प्रशासन की ओर से यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, ठहरने की व्यवस्था, शौचालय, सुरक्षा और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है. अधिकारियों को रास्तों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरी मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैंय श्रद्धालुओं से यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी लेने और अनिवार्य पंजीकरण करवाने की अपील भी की गई है.

प्लास्टिक और तंबाकू उत्पादों पर भी रोक

यात्रा मार्ग को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए छोटी क्षमता वाली पानी की बोतलों और छोटे नमकीन पैकेटों की बिक्री पर रोक रहेगी. इसके अलावा पूरे यात्रा मार्ग पर बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री भी प्रतिबंधित रहेगी. प्रशासन का उद्देश्य मणिमहेश घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और संवेदनशील पर्यावरण को सुरक्षित रखना है.

श्री मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित भगवान शिव के प्रसिद्ध मणिमहेश धाम तक आयोजित होती है. श्रद्धालु हड़सर से पैदल यात्रा शुरू कर डल झील मणिमहेश तक पहुंचते हैं. समुद्र तल से करीब 4,080 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मणिमहेश झील के पास श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पवित्र स्नान करते हैं. कठिन पहाड़ी रास्ते और ऊंचाई के बावजूद हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.

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Last Updated : August 23, 2026 at 5:25 PM IST