HP Assembly Monsoon Session: हिमकेयर और आयुष्मान योजना को नहीं किया जा रहा खत्म: स्वास्थ्य मंत्री शांडिल
By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 26, 2026 at 10:42 AM IST
|Updated : August 26, 2026 at 5:49 PM IST
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र का आज पांचवा दिन है. सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू हो गई है. विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े और आम जनता की समस्याओं से संबंधित कुल 67 प्रश्न सदन में सरकार के सामने रखे हैं, जिनमें 45 तारांकित और 22 अतारांकित सवाल हैं. प्रश्नकाल में पहला ही सवाल करसोग से भाजपा विधायक दीपराज का है, जो आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा है. आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर पहला सवाल आने से यह स्पष्ट है कि विधानसभा में रोजगार, सेवा शर्तों और स्थायी नियुक्ति जैसे मुद्दे फिर से चर्चा के केंद्र में आने वाले हैं.
LIVE FEED
सहारा योजना जारी रहेगी: स्वास्थ्य मंत्री
अब चर्चा में स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल जवाब दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिमकेयर और आयुष्मान योजना को खत्म नहीं किया जा रहा है. मैने किसी सदस्य की बात को पर्सनली नहीं लिया है. जो कमियां है उसकी तरफ हमारा ध्यान रहेगा, इन्हें हम दूर करेंगे. सहारा योजना जारी रहेगी. ये अच्छी योजना है. स्वास्थ्य के विभाग के भवनों पर लाखों रुपए स्वीकृति किए गए हैं.
हिमकेयर और सहारा योजना पर जयराम ने सरकार को घेरा
अब एक वर्ष का समय बचा है. अगर कोई अधिकारी गड़बड़ की तो उसकी भी जांच होगी. जयराम ठाकुर ने ये बात हिमकेयर योजना के जांच के संदर्भ में कही. अगर आपने हिमकेयर योजना को बंद किया, सहारा योजना को बंद किया तो जब भाजपा की सरकार आएगी. इस योजना को पहले ही दिन से शुरू किया जाएगा. पहली कैबिनेट की पहली बैठक में दोनों स्कीमों को बहाल किया जाएगा.
6 बजे तक चलेगा सदन
विधानसभा सदन की कार्यवाही 6 बजे तक के लिए एक्सटेंड. 6 बजे तक चलेगा सदन. नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य मंत्री को दिया साधुवाद. बोले तीन दिन से स्वास्थ्य सुविधा पर चर्चा हो रही हैं. स्वास्थ्य मंत्री अपनी सीट पर बैठकर सभी सदस्यों की बातों को नोट कर रहे हैं. इसलिए स्वास्थ्य सुविधाओं पर जवाब देने के लिए इन्हें पूरा मौका मिलना चाहिए.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने सरकार को घेरा
भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा हॉस्पिटल में रोबोटिक सर्जरी का क्या करना? जब अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं है. जिस मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड का डॉक्टर न हो, टेस्ट भी बाहर कराने पड़ रहे हो, ऐसे मेडिकल कॉलेज का क्या करना?
नेता प्रतिपक्ष के टिप्पणी पर सीएम ने जताई नाराजगी
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन के अंदर सदस्य ने गंभीर टिप्पणी की है. अब बबलू मत रहिए बड़े हो जाइए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सदस्य ने तथ्य पर बात की कड़वी तो लगेगी. उन्होंने कहा कि किसी के नाम पर टिप्पणी न करें. विपक्ष के नेता है इन चीजों से दूर रहे. किसी भी विधायक पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. बबलू से बड़े हो जाए इस टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाया जाएं.
एक बेड पर तीन मरीज रखे जा रहे: डीएस ठाकुर
भाजपा विधायक डीएस ठाकुर ने सदन में कहा चंबा में अस्पताल में एक बेड पर तीन मरीज रखे जा रहे हैं. वहीं, कांग्रेस विधायक सुदर्शन बबलू ने कहा कि हमारी सरकार को अभी साढ़े तीन हुए हैं. क्या ये हालात इसी समय में बिगड़े हैं? पांच साल आपकी सरकार प्रदेश में रही तो उस दौरान आपने क्या किया? पांच साल में स्वास्थ्य पर चर्चा करने वाले कितने गंभीर थे. हमारा कार्यकाल तो साढ़े तीन साल का हुआ है. चीनी की कीमत बढ़ाकर 70 रुपए कर दी. आप हमसे चाहते हैं कि मीठी बातें करें.
भाजपा सरकार में कितने डॉक्टर लगाए? विपक्ष इसका दे जवाब: कांग्रेस विधायक विवेक शर्मा
इसके बाद चर्चा में कांग्रेस विधायक विवेक शर्मा ने लिया भाग. पूर्व सरकार के समय में अगर हेल्थ सेक्टर में काम हुए होते तो आज हमें बोलने की जरूरत नहीं पड़ती. स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार डॉक्टरों की नियुक्तियां हो रही है. तीन साल से पहले जो सरकार थी, उन्होंने कितने डॉक्टर लगाए और कितनी मशीनें लगाए, इसका भी विपक्ष जवाब दे.
स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी, हेल्थ मिनिस्टर आकर देखें स्थिति: BJP
भाजपा विधायक लोकेंद्र कुमार ने कहा मेरे विधानसभा क्षेत्र में डॉक्टरों की भारी कमी है. स्वास्थ्य की स्थिति पूरी तरह से बिगड़ी हुई है. स्वास्थ्य मंत्री आए और दौरा कर स्थिति को देखें. कांग्रेस पार्टी दलित विरोधी है. बदले की भावना से देश आगे नहीं बढ़ेगा. अल्ट्रासाउंड मशीन की बाते की जाती है, लेकिन अस्पताल में पेरासिटामोल की गोली नहीं मिल रही है. डॉक्टरों को डेपुटेशन पर भेजा जाता है. व्यवस्था परिवर्तन की सरकार डॉक्टरों को 34 हजार दे रही है. अस्पतालों में हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड नहीं चल रहे है.
सुखविंदर सरकार में डॉक्टरों की कमी हुई दूर: विधायक मलेंद्र राजन
चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र इंदौरा में सुखविंदर सिंह सरकार के समय में डॉक्टरों की कमी दूर हुई है. सिविल अस्पताल इंदौर में आज 8 डॉक्टर है, जिसमें 5 विशेषज्ञ शामिल हैं. प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की दिशा में काम कर रही है. अब चर्चा में भाग ले रहे भाजपा विधायक प्रकाश राणा. हेल्थ की चर्चा हर बार होती है, हमें बार बार एक बात रखने में शर्म आती है. आपको जनता ने मौका दिया है तो अपनी भूमिका निभाएं. सत्ता पक्ष अपनी विपक्ष की भूमिका न निभाएं. उन्होंने कहा कि जब सरकार ने चार साल पद नहीं भरे तो एक साल और देख लेते हैं.
'एक लाख आबादी पर सिर्फ 12 मेडिकल ऑफिसर, ये है धरातल पर सच्चाई'
चर्चा में भाग लेते हुए सुरेश कुमार ने कहा मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आदर्श चिकित्सा संस्थान का कॉन्सेप्ट लाया. जिससे अस्पतालों में पहली बार विशेषज्ञ ग्रामीण क्षेत्रों में आते हैं. इस कारण लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही है. इसके बाद चर्चा में भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी भाग लिया. उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेवारी बीमारी को पहले रोकना होना चाहिए. इसलिए सरकार को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा पर अधिक ध्यान देना चाहिए. आज आम आदमी छोटी सी दवा के लिए भी परेशान है. अस्पताल में दवा नहीं मिल रही है, उसके लिए रोबोटिक सर्जरी किस काम की है. उसकी पहली जरूरत रोबोटिक सर्जरी नहीं है, उसको अस्पताल में दवाई चाहिए. मेरे विधानसभा क्षेत्र बंजार में एक लाख की आबादी पर 20 बेड लगे हैं और एक लाख आबादी पर 12 मेडिकल ऑफिसर है. ये धरातल पर की सच्चाई है.
अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं: त्रिलोक जम्वाल
नियम 130 के अंतर्गत 24 अगस्त को लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा में विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि पिछले कुछ महीने पहले सांसद को स्वास्थ्य सबंधी परेशानी आ गई थी. जब उन्हें आईजीएमसी ले जाया गया तो वहां लिफ्ट नहीं चल रही थी. सांसद को स्ट्रेचर पर तीन मंजिल तक ले जाना पड़ा. जिस अस्पताल में लिफ्ट तक नहीं चलती, वहां कैसी स्वास्थ्य सुविधा होगी?चमियाना अस्पताल के लिए सड़क तक की सुविधा नहीं है. भूमि का अभी तक अधिग्रहण नहीं कर पाये. अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है. ये हमारे हेल्थ इंफ्रास्ट्रचकर की हालत है.
अपना परिवार सुखी परिवार के लिए गरीब परिवारों का चयन
विधानसभा के मानसून सत्र में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि, हिमाचल में गरीब परिवारों का चयन IRDP के तहत नहीं हो रहा है. यह आवेदन प्रक्रिया मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार के तहत किया जा रहा है. इसमें अति निर्धन परिवारों को शामिल किया जा रहा है. इसके लिए पात्र लोग 20 सितंबर तक नौवें चरण में आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए सरकार ने पहले ही नियम तय किए हैं, जिसके अंतर्गत आवेदन किया जा सकता है. अपात्र व्यक्ति और सिफारशी व्यक्ति अपना परिवार सुखी परिवार की सूची में न आए. इसके लिए डीसी को मंगलवार, 25 अगस्त को सख्त निदेश जारी किए गए हैं.
'राष्ट्रीय गान पर सवाल उठाना ही राष्ट्रीय गान का अपमान'
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, "ये पांच गुटों में बंटे हैं. मुझे सभी को जवाब देने को समय देना होता है. देश को राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत पर मत बांटो. राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान हमारी पहचान है. राष्ट्रीय गान पर सवाल उठाना ही राष्ट्रीय गान का अपमान है. मैं इसके खिलाफ प्रिविलेज लाउंगा. ये जिस कोर्ट में जाना चाहे जाएं. हम लोगों के बीच जाकर बोलेंगे कि इन्होंने राष्ट्रीय गान का अपमान किया है. अगर ये राष्ट्रीय गान के अपमान पर माफी मांगते हैं तो हम इन्हें माफ कर देंगे."
'राष्ट्रगान का कहीं नहीं हुआ अपमान'
राष्ट्र गान के अपमान पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि, "राष्ट्रीय गान को विपक्ष ने पूरे सम्मान के साथ गाया है. कोई अपमान राष्ट्रीय गान का नहीं हुआ है. इसलिए मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाया जाआगा. इस मामले पर हाईकोर्ट में मानहानि का केस भी दर्ज करेंगे. 75 लाख लोगों के सामने झूठ बोला गया है. कहीं पर भी कोई साक्ष्य नहीं है कि राष्ट्रीय गान का कहीं अपमान हुआ है."
वहीं, जगत सिंह नेगी ने कहा कि किस महु से हाईकोर्ट जाएगा. देश की जनता ने सब कुछ देख लिया है. इस पर सदन में विपक्ष की नाराबाजी शुरू हो गई. जगत सिंह नेगी ने कहा कि, बीजेपी नियमों को नहीं मानती है. जगत सिंह नेगी ने कहा कि, BJP वाले झूठ बोलने वाले हैं. ये संविधान और लोगों के विरोधी है. वहीं, विधानसभा अध्यक्ष सदस्यों से बैठने की अपील करते रहे. अध्यक्ष ने कहा कि, कुछ रिकॉर्ड नहीं होगा.
राष्ट्रगान विवाद पर विक्रमादित्य सिंह का भाजपा पर हमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर जारी विवाद के बीच लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है और पिछले तीन दिनों से राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का देश के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है और कांग्रेस के नेताओं का भी इनके साथ जुड़ा योगदान रहा है. कांग्रेस पार्टी दोनों का सम्मान करती है, लेकिन विपक्ष को राजनीतिक मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय प्रदेश के वास्तविक मुद्दों को सदन में उठाना चाहिए.
'विपक्ष के पास चर्चा के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं'
PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि, भाजपा के पास चर्चा के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए लोगों का ध्यान भटकाने के लिए बार-बार ऐसे विषय सामने लाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, चीनी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत जैसे आम जनता से जुड़े मुद्दे हैं, लेकिन इन पर चर्चा करने के बजाय जनता का ध्यान दूसरे विषयों की ओर मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. मंत्री ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान होना चाहिए, लेकिन हर दिन इसी मुद्दे को उठाकर खुद को सबसे बड़ा देशभक्त साबित करने की कोशिश से प्रदेश की जनता का कोई भला नहीं होने वाला. विपक्ष को वास्तविक जनहित के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए.
10 महीनों के लिए टेस्ट देकर टीचर नियुक्त
सदन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधायकों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि, प्रदेश के सभी सीबीएसई स्कूलों में 30 सितंबर तक टीचरों की नियुक्ति कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हम रिजल्ट निकलते ही टीचरों की नियक्ति कर रहे हैं. सीएम ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों के बाद सरकारी स्कूलों में छात्रों की इंस्टॉलमेंट 24 हजार बढ़ी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य को निखारने के लिए है. सीएम ने कहा कि 10 महीनों के लिए टेस्ट देकर टीचर नियुक्त हुए हैं. सरकार इनके भविष्य को लेकर गंभीरता से विचार करेगी.उन्होंने कहा कि सीबीएसई के लिए प्रदेश सरकार पूरा खर्च वहन कर रही है.
चिट्टे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि, चिट्टे के खिलाफ हमारी सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है. चिट्टे में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. चिट्टे में संलिप्त लोगों की संपति को नष्ट किया जा रहा है. इसके लिए पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी की सिफारिश को न माना जाए. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
विभिन्न विषयों के 820 शिक्षकों को नियुक्ति
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि, प्रदेश में सीबीएसई के तहत 147 स्कूलों को पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद मान्यता दी गई है. जिसके लिए पूरे मापदंड अपनाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों के लिए जो टीचरों के पद राज्य चयन आयोग को भेजे गए है, इनको एक महीने में भरा जाएगा. उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों के लिए 3830 टीचर उपलब्ध हैं. इसमें से विभिन्न सब्जेक्ट से 820 टीचरों को नियुक्ति दी जा चुकी है.
रोहित ठाकुर ने सरकारी स्कूलों को सीबीएससी को मान्यता देने के पीछे बड़ा कारण बताया. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या 4 लाख घट चुकी थी. इस दौरान आपकी भी सरकार रही है और हमारी भी सरकार रही है. प्रदेश में प्राइवेट स्कूल सीबीएसई से मान्यता प्राप्त हैं. इसलिए छात्रों का रुझान प्राइवेट स्कूलों की तरफ बच्चों को शिक्षा दिलाने का रहता है. इसको देखते हुए 147 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई की शुरुआती दौर में मान्यता दी गई है.
'पूर्व सरकार के समय से आउटसोर्स पर इम्पैनल्ड करने के नियम'
सीएम सुक्खू ने कहा कि, "कोविड के समय जो नौकरी से निकाले गए थे, उनको फिर से नौकरी पर रखा जाएगा. इसमें कुछ को पहले ही रखा भी जा चुका है. आउटसोर्स पर इम्पैनल्ड करने के नियम पूर्व सरकार के समय से है. आउटसोर्स के लिए कंपनियां को इम्पैनल करने के लिए पूरे नियम अपनाए जाते हैं, जिसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन बकायदा विज्ञापन निकलती है. रिटन में मेरिट पर आने वाले बच्चों को सीधी नौकरी मिलेगी. हमने पर्सनल इंटरव्यू खत्म कर दिए हैं. नौकरियों में किसी की सिफारिश नहीं चलेगी, चाहे वो कोई भी हो."
हिमाचल में अब आउटसोर्स पर नहीं होगी नर्सों की भर्ती
सीएम सुक्खू ने कहा कि, "हिमाचल प्रदेश में अब नर्सों की भर्ती आउटसोर्स पर नहीं होगी. नर्सी की भर्ती राज्य चयन आयोग के माध्यम से टेस्ट के माध्यम से होगी. ताकि लोगों को अस्पतालों में बेहतर सर्विस मिले. अभी 600 नर्सें की भर्ती चल रही है."
सदन में प्रश्नकाल शुरू
भाजपा विधायक दीपराज के आउटसोर्स कर्मचारियों के सवाल पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, "आउटसोर्स पर पूर्व सरकार भी लगाती थी, तब भी कंपनियां थीं." वहीं, दीपराज ने कहा कि, "पूर्व सरकार में जो आउटसोर्स पर लगे थे, सरकार ने उन्हें नौकरी से क्यों हटाया."
सीएम सुक्खू ने कहा, "स्टाफ नर्स के लिए आउटसोर्स सर्विस दी गई है. आउटसोर्स के लिए नीतिगत विचार चल रहा है. इनको कंपनी नौकरी से निकाल भी सकती है और रख भी सकती है. आउट सोर्स एजेंसी पीछे से चली आ रही है. आउटसोर्स के तहत मिनिमम सैलरी रखी गई है. अगर कोई पैसा काटे जाते है तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी. कई बार ऐसा होता है कि मंजूरी अधिक की ली जाती है, और रखे कम जाते हैं. इसका भी ध्यान रखा जाएगा. आउटसोर्स पर एजेंसी के माध्यम से भी रखे जाते है और ठेकेदार के माध्यम से भी रखा जाता है."
सदन में आज का दिन काफी महत्वपूर्ण
सदन में आज का दिन काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. विधानसभा में आज फिर से आम जन की रोजमर्रा की परेशानियों से लेकर प्रदेश के राजस्व हितों तक के अहम मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहने वाले हैं. नियम-62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए सदन का ध्यान उन समस्याओं की ओर आकर्षित किया जाएगा, जो सीधे जनता के जीवन और प्रदेश की कनेक्टिविटी को प्रभावित कर रही हैं. इसके साथ ही नियम-130 के अंतर्गत महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा भी जारी रहेगी, जिसमें युवाओं के रोजगार की गारंटी और जलविद्युत परियोजनाओं से बकाया देयताओं की वसूली जैसे संवेदनशील विषय शामिल हैं. वहीं, नियम-62 के अंतर्गत ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में राम कुमार सदन का ध्यान इस बात की ओर आकर्षित करेंगे कि डिजिटल मीटर लगने के बाद आम जनता को किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.