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Gen-G को एक मंच पर लाएगा INSO, फीस से लेकर खाली पदों तक उठेगी छात्रों की आवाज, दिग्विजय बोले- "मांगें समान तो मंच भी हो एक"

हरियाणा में INSO सभी छात्र संगठनों को साथ लाकर सामूहिक संघर्ष समिति बनाएगा. जिसमें फीस, भर्ती, परिणाम और छात्र चुनाव जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे.

Student Struggle Committee
छात्र संगठनों की एकजुटता से आंदोलन की तैयारी (ETV Bharat)

By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 13, 2026 at 1:34 PM IST

भिवानी:दिल्ली के जंतर-मंतर और झारखंड में जैन-जी के छात्र आंदोलन से प्रेरित होकर हरियाणा में अब सामूहिक छात्र संघर्ष समिति के गठन की तैयारी है. जननायक जनता पार्टी की छात्र इकाई INSO प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों को एक मंच पर लाने की पहल करेगी. यह जानकारी JJP युवा नेता दिग्विजय चौटाला ने भिवानी में प्रेसवार्ता के दौरान दी.

सभी दलों के छात्र संगठन होंगे साथ:दिग्विजय चौटाला ने कहा कि, "आज देश की दिशा और दशा को जैन-जी या कहें छात्र बदल सकते हैं. INSO, कांग्रेस की NSUI, SFI, ABVP सहित विभिन्न छात्र संगठनों को साथ लेकर सामूहिक छात्र संघर्ष समिति बनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि समिति का नेतृत्व INSO के पास ही रहे, यह जरूरी नहीं है."

फीस से लेकर खाली पदों तक उठेगी छात्रों की आवाज (ETV Bharat)

फीस और खाली पदों का मुद्दा:दिग्विजय चौटाला के अनुसार छात्र संगठनों की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में समान फीस लागू करने के लिए फीस रेगुलेटरी बोर्ड का गठन, शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों को भरना, समय पर परीक्षा परिणाम घोषित करना और विश्वविद्यालयों के “भगवाकरण” को रोकना शामिल है.

नेतृत्व का फैसला डेलीगेट करेंगे:दिग्विजय चौटाला ने कहा कि, "सामूहिक छात्र संघर्ष समिति बनने के बाद इसका नेतृत्व कौन करेगा, इसका फैसला डेलीगेट सदस्य करेंगे. नेतृत्व किसी अन्य दल की छात्र इकाई से जुड़े नेता को भी मिल सकता है. यानी समिति का नेतृत्व किसी एक संगठन तक सीमित नहीं रहेगा. मैं खुद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एमए राजनीति शास्त्र के छात्र हैं. मैं विश्वविद्यालय की हर कक्षा, कैंटीन और प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में जाकर ऐसे लोगों का नेतृत्व तैयार करूंगा, जो छात्र हितों के लिए आगे बढ़ें."

मांगें पूरी होने तक आंदोलन:दिग्विजय चौटाला ने आगे कहा कि, "प्रदेश के जितने भी छात्र संगठन हैं, उनकी मांगें लगभग समान हैं. ऐसे में इन संगठनों को एक मंच पर आकर अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए. जंतर-मंतर पर छात्रों की एकता ने अपनी ताकत दिखाई है और इसी तरह हरियाणा में भी छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर सकते हैं."

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