पहाड़ का दर्द! मरीज को डंडी कंडी पर लादकर अस्पताल की तरफ निकले, सड़क तक पहुंचने से पहले तोड़ दिया दम - Man Carry On Dandi Kandi Uttarkashi
Patients Carry On Dandi Kandi in Uttarkashi पहाड़ के रहवासी किन मुश्किलों की जूझते हैं, ये शायद आप नहीं जानते होंगे. जहां जिंदगी जीने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है. ऐसे में जद्दोजहद के बीच कब सांस की डोर थम जाए, ये कहा नहीं जा सकता. ऐसी ही एक घटना उत्तरकाशी में हुई है. जहां ग्रामीण मरीज को डंडी कंडी पर लादकर अस्पताल की तरफ निकले, लेकिन सड़क तक पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.
By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : October 3, 2024 at 7:44 PM IST
|Updated : October 3, 2024 at 8:18 PM IST
उत्तरकाशी:भटवाड़ी विकासखंड के मल्ला ग्राम पंचायत का राजस्व गांव सुपारका आज तक सड़क से नहीं जुड़ पाया है. जिसका खामियाजा ग्रामीणों को जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है. बीते बुधवार को भी एक शख्स की तबीयत खराब हो गई. ऐसे में ग्रामीणों उसे सड़क तक लाने, फिर अस्पताल भेजने के लिए डंडी कंडी का इंतजाम किया. इसके बाद उसे लादकर अस्पताल की ओर निकले, लेकिन शख्स ने सड़क तक पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया. इससे ग्रामीणों में भारी रोष है. उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द ही गांव को सड़क से जोड़ने की मांग की है.
ग्रामीण धनीलाल, गोकुल, सुदंर रावत, प्रेम लाल, धमेंद्र, भरोसा ने बताया कि बीती 2 अक्टूबर को धीरज (उम्र 42 वर्ष) की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी. ग्रामीण धीरज को डंडी के सहारे सड़क तक पहुंचाने के लिए निकले. सड़क तक पहुंचते ही धीरज ने दम तोड़ दिया. ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या आज की नहीं बल्कि, सालों से बनी हुई है. सड़क तक पहुंचने के लिए आज भी उन्हें करीब तीन किलोमीटर की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है. गांव के लिए चार किमी की सड़क भी स्वीकृत है, लेकिन उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.
ग्राम प्रधान शैलेंद्री देवी ने लगाई ये गुहार:ग्राम प्रधान शैलेंद्री देवी ने बताया कि सुपारका गांव में मोटर मार्ग समस्या के साथ वहां पर पैदल मार्ग भी आवाजाही के लिए सुगम नहीं है. इसलिए उन्होंने संबंधित विभाग समेत शासन-प्रशासन से मांग की है कि गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए कार्रवाई में तेजी लाई जाए, जिससे ग्रामीणों को इस प्रकार की समस्या से न जूझना पड़े.
सुपारका के लिए चार किलोमीटर सड़क की स्वीकृति को लेकर वन भूमि हस्तांतरण होना है, जिसके लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है. वहां से अनुमति मिलने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी.- धर्मवीर तोमर, एई, लोनिवि
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