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राजस्थान के चार जिलों में NIA की छापेमारी, हरियाणा के व्यापारी की हत्या से जुड़ा है कनेक्शन

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : Mar 12, 2024, 1:26 PM IST

राष्ट्रीय जांच एजेंसी के रडार पर एक बार फिर राजस्थान के चार जिले हैं. कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई गैंग से इन चार जिलों के बदमाशों के जुड़े होने के इनपुट के बाद आज सुबह यह छापेमारी की गई.

चार जिलों में एनआईए की छापेमारी
चार जिलों में एनआईए की छापेमारी

जयपुर. राजस्थान के चार जिले एक बार फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रडार पर हैं. कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई और उसकी गैंग के तार राजस्थान के चार जिलों के बदमाशों से जुड़े होने का इनपुट मिलने के बाद एनआईए की टीमें आज सुबह जोधपुर, चूरू, झुंझुनूं और बीकानेर में दस से ज्यादा ठिकानों पर दबिश देने पहुंची. इन ठिकानों पर बदमाशों के तार लॉरेंस विश्नोई और उसकी गैंग से जुड़े होने के सबूत तलाशे गए हैं. बताया जा रहा है कि एनआईए की टीमों को संदिग्ध दस्तावेज और अन्य सबूत हाथ लगे हैं.

दरअसल, आज एनआईए ने जो छापेमारी की है. उसका कनेक्शन हरियाणा के रोहतक में एक स्क्रैप व्यापारी सचिन की हत्या की वारदात से जुड़े हैं. जयपुर के बाल सुधार गृह से भागे तीन अपचारी इस वारदात में शामिल थे. जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया. अब इन बाल अपचारियों से पूछताछ में लॉरेंस गैंग के बारे में कई अहम जानकारियां मिली है. जिनकी पुष्टि के लिए एनआईए छापेमारी कर रही है. राजस्थान के चार जिलों के अलावा मध्यप्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी कई ठिकानों पर आज छापेमारी की गई है. हालांकि, फिलहाल इसे लेकर एनआईए की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

पढ़ें: विश्नोई और गोदारा गैंग का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, व्यापारी का अपहरण और फायरिंग कर की थी लूट

नाबालिगों को गैंग में जोड़ रहा है लॉरेंस : प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों में बीते दिनों हुई अलग-अलग वारदातों की पड़ताल में सामने आया है कि नाबालिगों से यह वारदातें कार्रवाई गई थी. जयपुर के बाल सुधार गृह से एक महीने में 42 बाल अपचारी भागे हैं. इनके पीछे भी लॉरेंस गैंग का हाथ होने की बात कही जा रही है. रोहतक के सचिन हत्याकांड के आरोप में पुलिस ने जयपुर से भागे तीन बाल अपचारियों को डिटेन कर पूछताछ की तो सामने आया कि लॉरेंस गैंग नाबालिगों पर फोकस कर रही है.

जेल में बंद गुर्गों से भी पूछताछ संभव: बताया जा रहा है कि राजस्थान की अलग-अलग जेलों में बंद लॉरेंस गैंग के गुर्गे बाल सुधार गृह में रहने वाले बाल अपचारियों की जानकारी गैंग के बदमाशों को देते हैं. इसके बाद अपनी गैंग के गुर्गों को बाल सुधार गृह के नाबालिगों को भगवाने का टास्क दिया जाता है और फिर इन्हीं से हत्या या अन्य वारदात कार्रवाई जाती है. जयपुर के G-क्लब पर फायरिंग मामले में भी एक नाबालिग शामिल था. जिसे बाल सुधार गृह भेजा गया. इसी ने दो बार में 42 बाल अपचारियों को बाल सुधार गृह से भगवाया. ऐसे में जेलों में बंद लॉरेंस के गुर्गों और बाल सुधार गृह के बाल अपचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है.

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