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भारत में 2022 से 2024 के बीच रैगिंग से संबंधित 51 मौतें हुईं

MKCG मेडिकल कॉलेज, पंडित जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में सबसे ज्यादा रैंगिग के मामले आए हैं.

51 deaths related to ragging
2022 से 2024 के बीच रैगिंग से संबंधित 51 मौतें हुईं (सांकेतिक तस्वीरें)

By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 25, 2025 at 7:28 PM IST

नई दिल्ली: ओडिशा के ब्रह्मपुर में MKCG मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, छत्तीसगढ़ के रायपुर में पंडित जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और बिहार के पावापुरी में वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को 2022-24 में रैगिंग हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना गया है.

सोसाइटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन (SAVE) द्वारा मंगलवार को प्रकाशित “स्टेट ऑफ रैगिंग इन इंडिया 2022-24” रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया. रिपोर्ट में 2022-2024 की अवधि के दौरान भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में रिपोर्ट की गई रैगिंग की घटनाओं का व्यापक विश्लेषण किया गया है.

रैगिंग की 25 शिकायतों के साथ ब्रह्मपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज इस लिस्ट में टॉप पर है, इसके बाद रायपुर स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज 15 शिकायतों के साथ दूसरे, पावापुरी स्थित वर्धमान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज 14 शिकायतों के साथ तीसरी, लखनऊ स्थित स्टेट तकमील-उत-तिब कॉलेज 12 शिकायतों के साथ चौथे और नई दिल्ली स्थित मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज 11 शिकायतों के साथ पांचवे नंबर है.

राष्ट्रीय रैगिंग विरोधी हेल्पलाइन पर 1,946 कॉलेजों से दर्ज 3,156 शिकायतों के आधार पर रिपोर्ट में प्रमुख प्रवृत्तियों, हाई रिस्कत वाले संस्थानों और रैगिंग से संबंधित मामलों की गंभीरता की पहचान की गई है.

हॉटस्पॉट मेडिकल कॉलेज
मेडिकल कॉलेजों में कुल शिकायतों का 38.6 प्रतिशत, गंभीर शिकायतों का 35.4 प्रतिशत और रैगिंग से संबंधित मौतों का 45.1 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि भारत में कुल छात्रों में से केवल 1.1 प्रतिशत ही मेडिकल कॉलेजों में पढ़ते हैं.

रैगिंग से संबंधित मौतें
रिपोर्ट के मुताबिक 2022 और 2024 के बीच रैगिंग के चलते कुल 51 मौतें हुईं. इनमें से 20 मौतें अकेले 2024 में हुईं, जो उस साल कोटा में छात्रों की आत्महत्याओं से ज़्यादा है. रैगिंग से होने वाली मौतों पर मीडिया का ध्यान और सार्वजनिक चर्चा की कमी इस बात को रेखांकित करती है कि इस पर तुरंत कार्रवाई की जरूरत है.

2024 में सबसे ज़्यादा शिकायतें रिपोर्ट करने वाले कॉलेज
रिपोर्ट में सबसे ज्यादा शिकायतें पाने वाले टॉप पांच कॉलेजेज में लखनऊ विश्वविद्यालयएमकेसीजी मेडिकल कॉलेज, एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर और MGM कॉलेज शामिल हैं.

2024 में सबसे ज़्यादा शिकायतें पाने वाली यूनिवर्सिटीज
सबसे ज़्यादा शिकायतें दर्ज करने वाली यूनिवर्सिटीज मेंअटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी, मौलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, पश्चिम मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी और लखनऊ यूनिवर्सिटीज शामिल हैं.

रैगिंग रोकने के लिए सुझाव
रिपोर्ट में भारत में रैगिंग की समस्या को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा के लिए नेशनल एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन को गुमनाम शिकायतें स्वीकार करनी चाहिए. साथ ही, कॉलेजों को सिक्योरिटी गार्डों का एक एंटी-रैगिंग स्क्वॉड स्थापित करना चाहिए, जिनकी कॉन्टैक्ट डिटेल नए छात्रों के साथ शेयर की जानी चाहिए.

हॉस्टल में सुरक्षा कर्मियों, एंटी-रैगिंग समितियों और अभिभावकों द्वारा सीसीटीवी मॉनिटरिंग की जानी चाहिए. इसके अलावा नए छात्रों को यूजीसी और एनएमसी नियमों के अनुसार अलग-अलग हॉस्टल में ठहराया जाना चाहिए और संस्थानों को गंभीर रैगिंग मामलों के लिए 24 घंटे के भीतर पुलिस शिकायत दर्ज करनी चाहिए.

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय को सभी 700 से अधिक मेडिकल कॉलेजों से एंटी-रैगिंग समिति के प्रमुखों को आमंत्रित करके वार्षिक एंटी-रैगिंग सम्मेलनों का आयोजन करना चाहिए. नए छात्रों और उनके अभिभावकों को वरिष्ठ छात्रों के माता-पिता के संपर्क विवरण तक पहुंच होनी चाहिए, क्योंकि रिपोर्ट में इसे समस्या के लिए रामबाण बताया गया है.

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