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कोटद्वार में समान नागरिक संहिता कानून पर हुई परिचर्चा, लोगों ने समिति को दिए अहम सुझाव

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता कानून लागू करने को लेकर समिति द्वारा लोगों से सुझाव मांगे जा रहे हैं. इसी क्रम में कोटद्वार में भी समिति ने लोगों से सुझाव मांगे और इस कानून पर परिचर्चा की गई.

Discussion on Uniform Civil Code Act held in Kotdwar
Discussion on Uniform Civil Code Act held in Kotdwar

Published : November 15, 2022 at 4:02 PM IST

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कोटद्वार: जनपद पौड़ी के कोटद्वार नगर निगम सभागार में उत्तराखंड राज्य में समान नागरिकता संहिता लागू करने वाली समिति द्वारा एक बैठक आहूत की गई. ऐसे में इस बैठक में व्यक्तिगत मामलों को नियंत्रित करने वाले कानूनों की समीक्षा की गई. समिति के विशेषज्ञ सदस्य सेवानिवृत आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह द्वारा मुख्य अतिथि तथा सामाजिक कार्यकर्ता मनू गौड़ द्वारा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता विशेष से संबंधित क्षेत्रिय भ्रमण के दौरान लोगों से इस विषय पर सुझाव तथा प्रतिक्रिया प्राप्त किये गये.

मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए पूर्व मुख्य सचिव उत्तराखंड शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि हमारा मकसद समान नागरिक संहिता के विभिन्न बिदुंओं तथा लैंगिक समानता, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संरक्षण, उत्तरादायित्व, भरण-पोषण इत्यादि के संबंध में लोगों के विचारों को सुनना है, ताकि सभी के सहयोग और विचारों से इस विषय पर आगे बढ़ा जा सके. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद एक बेहतर समान नागरिक संहिता तैयार करना है. जिसमें विविध वर्गों, समूहों के विचारों और भावनाओं को जगह दी जाए तथा एक संतुलित और बेहतर संहिता तैयार की जा सके.

विशेषज्ञ सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता मनू गौड़ द्वारा सभी लोगों से बेहतर समान नागरिक संहिता निर्माण में अच्छे विचार साझा करने का आग्रह किया गया. इस दौरान परिचर्चा में ऑडिटोरियम में उपस्थित लोगों ने अपने विचार व्यक्त किये. लोगों द्वारा 'एक राष्ट्र एक विधान' की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए समान नागरिक संहिता की आवश्यकता पर जोर दिया गया.

वहीं, इस मौके पर उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता प्रस्तावित प्रारुप पर विस्तार से चर्चा की गई. जिसमें कोटद्वार की शमरातं जनता से समिति के पदाधिकारियों ने राय मांगी गई, जिसमें अधिकांश लोगों ने राज्य में एक समान कानून लाने की बात की. अधिवक्ता अमिताभ अग्रवाल ने समिति को बताया की राज्य में सरकारी कर्मचारी व आम नागरिक के लिए भी एक समान नागरिक के तहत प्रावधान होना चाहिए. वहीं, अपराध में भी एक समान नागरिक कानून आना चाहिए.

कोटद्वार पीजी कॉलेज की छात्रा आंचल भारद्वाज ने समिति को बताया कि महिला पुरुष की शादी उम्र एक समान नागरिक कानून के तहत विवाह एक्ट लागू होना चाहिए. समिति के विशेषज्ञ सदस्य ने बताया कि समान नागरिकता कानून लाने के लिए राज्य में अन्य जगहों पर परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा.