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लखनऊ में कश्मीरी युवकों के साथ होता है सौतेला व्यवहार... जानिए क्या है सच्चाई

कश्मीरी युवकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम कर्मचारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. हालांकि लखनऊ नगर निगम आरोपों को खारिज कर रहा है. नगर निगम का कहना है कि नो वेंडिंग जोन में भारत समेत कोई भी नागरिक दुकान नहीं लगा सकता, नियम सभी के लिए एक है. आइए जानते हैं आखिर कश्मीरी युवकों और लखनऊ प्रशासन के बीच वर्षों से चली आ रही तनातनी आखिर क्यों है...

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Published : November 29, 2023 at 5:40 PM IST

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लखनऊ : घूमने को तो पूरी दुनिया है, लेकिन लखनऊ हमारी आदत हो गई है. हम कश्मीर से महज तीन माह के लिए ही धंधे के लिए निकलते हैं तो क्या इन 90 दिनों में हम सुकून से पैसा भी नहीं कमा सकते हैं. कश्मीर में भी रेहड़ी पटरी वाले हैं, जो यूपी से आते हैं और फल सब्जियां बेचते हैं उन्हें तो वहां ऐसे हटाया नहीं जाता और न ही परेशान किया जाता है. ये वार्ता के कुछ वो अंश हैं जो राजधानी में कश्मीर से ड्राई फ्रूट बेचने आए कश्मीरी युवकों और ईटीवी भारत के बीच हुई.

कश्मीरी युवकों पर कार्रवाई पर पुलिस का जवाब.
कश्मीरी युवकों पर कार्रवाई पर पुलिस का जवाब.

जब कश्मीरी युवकों ने किया हंगामा : तीन वर्ष पहले लखनऊ के हजरतगंज में पुलिस चेकिंग के दौरान दारोगा ने कुछ कश्मीरी युवकों से उनकी आईडी मांग ली. इस पर कश्मीरी युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया और आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें शक की नजरों से देख रही है, जबकि वे पैसे कमाने के लिए यूपी आए हैं. दो वर्ष पहले एलडीए के कुछ कर्मचारियों ने गोमती ब्रिज पर ड्राई फ्रूट बेच रहे कश्मीरी युवकों की पिटाई कर दी और उनका ड्राई फ्रूट गोमती नदी में फेंक दिया. दो दिन पहले लखनऊ नगर निगम ने एक दर्जन कश्मीरी युवकों को अपने ट्रक में बैठा लिया. जिसके बाद युवकों और नगर निगम कर्मचारियों के बीच काफी कहासुनी हुई. इन सभी घटनाओं के बीच कश्मीरी युवकों ने हमेशा कहा कि लखनऊ आने पर उन्हें जानबूझ कर टारगेट किया जाता है. जबकि कश्मीर में जब यूपी के लोग घूमने या काम करने आते हैं तब तो हम लोग स्वागत करते हैं.

लखनऊ में ड्राई फ्रूट्स बेचता कश्मीरी युवक.
लखनऊ में ड्राई फ्रूट्स बेचता कश्मीरी युवक.


लखनऊ में हमारे साथ होता है बुरा बर्ताव : जम्मू कश्मीर के कुलग्राम से बीते 10 वर्षों से लखनऊ में ड्राई फ्रूट बेचने आए शाहिद कहते हैं कि उन्हें तो बस लखनऊ की आदत सी हो गई है. शाहिद कहते हैं कि 10 वर्षों से हर वर्ष तीन माह के लिए लखनऊ आते हैं और यहां ड्राई फ्रूट बेच कर कुछ 30-40 हजार रुपये कमा कर वापस अपने घर चले जाते हैं. अब हम कश्मीर से लखनऊ में पैसा कमाने आ रहे हैं तो ऐसी ही जगह दुकान लगाएंगे जहां लोग खरीद भी करें नही तो हम लोग बर्बाद ही हो जाएंगे.

लखनऊ पहुंचे कश्मीरी युवक.
लखनऊ पहुंचे कश्मीरी युवक.


प्रशासन सिर्फ हम पर ही दिखाता है ताकत : कुलग्राम से ही आने वाले रिजवान ने कहा कि नगर निगम बस उन्हें ही हटाने में अपनी ताकत दिखाती है, जबकि जिस कैसरबाग में वो लोग किराए पर रह रहे वहां सड़कों पर सैकड़ों मोटरसाइकिल खड़ी रहती हैं. उन्हें हटाने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता है. हम कमजोर और बाहरी हैं तो कोई भी आकर हम पर अपनी ताकत आजमा लेता है. किराए पर कमरा 10 हजार रुपये में लिया है. जिसमें पांच लोग रहते हैं बाकी खर्चा मिलाकर सात हजार रुपये खर्च हो ही जाते हैं. ऐसे में यदि हम लोगों को हर माह 10 हजार रुपये बचत में लाना है तो ऐसे रिहियासी इलाकों में ही ड्राई फ्रूट बेचना पड़ेगा, लेकिन वहां से भी हम लोगों को आए दिन भगाया जाता है. कभी कभी तो हम लोगों से मारपीट भी होती है.

लखनऊ में ड्राई फ्रूट्स बेचता कश्मीरी युवक.
लखनऊ में ड्राई फ्रूट्स बेचता कश्मीरी युवक.


हमारे साथ बुरा बर्ताव देख अम्मी हो जाती है परेशान : अनंत नाग के हैदर कहते हैं कि जब भी लखनऊ में हमारे साथ नगर निगम और पुलिस कुछ बदतमीजी करती है तो मीडिया में खबरें चलने पर हमारे घरवाले बहुत चिंतित हो जाते हैं. वं तुरंत हमें सब कुछ छोड़ कर कश्मीर आने के लिए कह देते हैं, लेकिन हम बिना पैसे कमाए कैसे वापस जाएं. हैदर कहते हैं कि कश्मीर में भी यूपी के कई लोग फल सब्जी बेचते हैं उन्हें तो कोई नहीं हटाता है. हैदर ने कहा कि बीते दिनों हम लोगों ने मीडिया से बात कर ली तो नगर निगम के कर्मचारी धमकाने आए थे. ऐसे में अब हम लोग कुछ भी नहीं कहेंगे जो होगा देखा जाएगा. अनंतनाग के ही वाहिद ने बताया कि बीते दिनों नगर निगम ने जब हम लोगों को यहां से जबरदस्ती भगाया तो हम दूसरे इलाके में ड्राई फ्रूट बेचने चले गए. वहां बाइक सवारयुवक आए चार हजार के ड्राई फ्रूट्स खरीदे और ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही. जब तो मोबाइल निकाला तब तक युवक भाग गए. ऐसे में बताइए हम कहीं और जाएं तो ठगे जाएं तो यहां लगाएं तो भगाए जाएं.

कश्मीरी युवकों पर कार्रवाई पर नगर निगर का जवाब.
कश्मीरी युवकों पर कार्रवाई पर नगर निगर का जवाब.


कुछ कश्मीरी युवकों को नहीं है किसी से समस्या : ऐसा नहीं है कि लखनऊ आने वाले सभी कश्मीरियों को समस्या है. कुछ ऐसे भी हैं जो लखनऊ प्रशासन की तारीफ भी करते हैं. अनंतनाग के शाहिद ने कहा कि नगर निगम उन्हें कुछ भी नहीं रोकती टोकती है. वीवीआईपी मूमेंट के समय दुकान हटा लेते हैं. अब कुछ लोग उस दौरान भी नगर निगम के बार बार कहने पर दुकान नहीं हटाते हैं तो उन्हें भी मजबूरन कार्रवाई करनी होती है. इसरार ने भी शाहिद की बात को बल देते हुए कहा कि लखनऊ में हमें पुलिस और प्रशासन का पूरा साथ मिलता है, लेकिन कभी कभी हमारे कश्मीरी भाइयों के साथ होने वाली घटनाएं परेशान कर देती हैं.




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