निर्वाचन विभाग की सख्ती, अब तक 644 करोड़ की हुई जब्ती, टॉप पर जयपुर

निर्वाचन विभाग की सख्ती, अब तक 644 करोड़ की हुई जब्ती, टॉप पर जयपुर
Rajasthan Assembly Election 2023, राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है. अब तक 644 करोड़ की जब्ती हो चुकी है. वहीं, अकेले जयपुर में सर्वाधिक 106 करोड़ के सीजर की कार्रवाई हुई है.
जयपुर. राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर निर्वाचन विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है. इसके परिणाम स्वरुप अब तक 644 करोड़ की जब्ती हो चुकी है. इसमें नकदी के अलावा अवैध शराब, सोना-चांदी और दूसरी कीमती धातुओं के साथ ही ड्रग्स भी शामिल है. निर्वाचन विभाग की एनफोर्समेंट एजेंसियों की ओर से अब तक की गई कार्रवाई ने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जो पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले 920 प्रतिशत अधिक है. अकेले राजधानी जयपुर में सर्वाधिक 106 करोड़ के सीजर की कार्रवाई हुई है.
निर्वाचन विभाग के निर्देश पर प्रदेश में विधानसभा आम चुनाव - 2023 के मद्देनजर विभिन्न एनफोर्समेंट एजेंसियों की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है. आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक 644 करोड़ रुपए की अवैध नकदी और अवैध सामग्री जब्त की जा चुकी है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि प्रदेश के 11 जिलों में अलग-अलग एजेंसियों की ओर से 20 करोड़ रुपए की जब्ती की गई है. सीजर के मामले में सबसे ज्यादा जयपुर में 106 करोड़ अलवर में 36.61 करोड़, जोधपुर में 31.03 करोड़, भीलवाड़ा में 25.27 करोड़, बूंदी में 24.69 करोड़, उदयपुर में 24.09 करोड़, अजमेर में 25.53 करोड़, बीकानेर में 23.38 करोड़, चित्तौड़गढ़ में 23.01 करोड़, नागौर में 23.24 करोड़ और श्रीगंगानगर 20.69 करोड़ के साथ 11 वें स्थान पर है.
उधर, सी-विजिल एप पर प्रदेश में आचार संहिता उल्लंघन की अब तक 15 हजार से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में आचार संहिता उल्लंघन की जो भी शिकायतें मिल रही हैं, उन पर 100 मिनट की तय समय सीमा में ही कार्रवाई की जा रही है. सी विजिल के जरिए रविवार तक 15 हजार 222 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. इनमें से सही पाई गई 5 हजार 757 शिकायतों में ज्यादातर का निस्तारण किया गया है. जबकि 8 शिकायतों पर जांच और फैसले की कार्रवाई की जा रही है. शिकायतों के मामले में भी जयपुर जिले में सबसे ज्यादा 2 हजार 310 शिकायतें प्राप्त हुई हैं.
