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मध्यप्रदेश राज्य घुड़सवार अकादमी के राजू भदौरिया का हुआ भारतीय टीम में चयन

मध्य प्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ियों ने दिल्ली के आर्मी पोलो क्लब में हुई एफईआई वर्ल्ड ड्रेसाज चैलेन्ज 2020 में भाग लिया. जिसमें प्रदेश के होनहार खिलाड़ी राजू सिंह भदौरिया ने सबसे ज्यादा अंक हासिल कर मध्य प्रदेश को स्वर्ण पदक दिलाया. इसके साथ ही राजू को भारतीय घुड़सवारी टीम के लिए चुना गया है.

Players won medals
खिलाड़ियों ने जीता पदक
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Published : November 6, 2020 at 8:00 AM IST

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भोपाल। कोरोना वायरस के चलते बंद हुई खेल गतिविधियां दोबारा चालू हो गई हैं. धीरे-धीरे सभी खेल गतिविधियों को शुरू किया जा रहा है और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं. मध्य प्रदेश खेल विभाग की ओर से संचालित अकादमियों के खिलाड़ी भी अब प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगे हैं. इसी कड़ी में मध्य प्रदेश राज्य घुड़सवारी अकादमी के खिलाड़ियों ने दिल्ली के आर्मी पोलो क्लब में हुई एफईआई वर्ल्ड ड्रेसाज चैलेन्ज 2020 में भाग लिया. जिसमें प्रदेश के होनहार खिलाड़ी राजू सिंह भदौरिया ने सबसे ज्यादा अंक हासिल कर मध्य प्रदेश को स्वर्ण पदक दिलाया.

Equestrian competition
घुड़सवार प्रतियोगिता
भारतीय टीम में बनाई जगह

खिलाड़ी राजू ने अपने दमदार प्रदर्शन के बल पर भारतीय घुड़सवारी टीम में अपनी जगह बनाई है. राजू सिंह यूथ क्लास में मध्य प्रदेश से चयनित हुए एकमात्र खिलाड़ी हैं. वर्ल्ड रीसेंट की क्वालिफिकेशन ट्रायल में अकादमी के 6 खिलाड़ियों ने भागीदारी की थी. जिसमें से केवल एक खिलाड़ी का चयन हो पाया.

Players won medals
खिलाड़ियों ने जीता पदक
अन्य खिलाड़ियों ने भी जीते पदक

खिलाड़ी राजू सिंह के अलावा अकादमी की अन्य खिलाड़ी, परिधि जोशी ने सीनियर वर्ग की व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा में सिविला अश्व पर प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीता. वही एक और अन्य खिलाड़ी भोलू परमार ने रोकटिर घोड़े पर प्रदर्शन कर यूथ क्लास में रजत पदक जीता. सभी खिलाड़ियों का प्रशिक्षण कोच कैप्टन भगीरथ के मार्गदर्शन में चल रहा है.

खेल और युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने दी बधाई

खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेल और युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और संचालक पवन कुमार जैन ने बधाई दी है. कोरोना वायरस के कारण करीब 6 महीने तक सभी खेल गतिविधियां बन्द थीं. जिसे अगस्त महीने से धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है और केवल ऐसे खिलाड़ियों को एकेडमियों में बुलाया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय-राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले हों.