बूढ़ा पहाड़ कैप्चर करने वाली टीम को स्पेशल ऑपरेशन मेडल से किया गया सम्मानित, ऑपरेशन ऑक्टोपस के जरिए हुआ नक्सलियों का सफाया
नक्सल प्रभावित बूढ़ा पहाड़ को कैप्चर करने वाली झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की टीम को स्पेशल ऑपरेशन मेडल से नवाजा जाएगा. इसमें झारखंड पुलिस के 16 जवान और ऑफिसर के साथ सीआरपीएफ के 51 जवान और अधिकारी शामिल हैं. Team that captured Budha Pahad is honored.
रांची: नक्सलियों के सबसे मजबूत गढ़ बूढ़ा पहाड़ में ऑपरेशन ऑक्टोपस चलाकर पहाड़ को नक्सल मुक्त करवाने वाले झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की पूरी टीम को केंद्रीय गृह मंत्री के स्पेशल ऑपरेशन मेडल से नवाजा गया है. झारखंड पुलिस के 16 पदाधिकारी-कर्मियों के साथ-साथ सीआरपीएफ के 51 पदाधिकारियों को मेडल से सम्मानित किया गया है.
झारखंड में भाकपा माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ऑक्टोपस चलाकर उनके कब्जे से 32 सालों बाद बूढ़ा पहाड़ को मुक्त कराने वाली पुलिस और सीआरपीएफ की पूरी टीम को केंद्रीय गृह मंत्री का स्पेशल ऑपरेशन मेडल दिया गया है. केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने मंगलवार को राष्ट्रीय गौरव दिवस के मौके पर मेडलों का ऐलान किया. झारखंड पुलिस के 16 पदाधिकारी और कर्मियों के साथ-साथ सीआरपीएफ के 51 पदाधिकारियों को इस मेडल से सम्मानित किया गया है.
किस किस को किया गया सम्मानित: वर्तमान में मणिपुर के डीजीपी और तत्कालीन सीआरपीएफ आईजी राजीव सिंह और सीआरपीएफ मध्य जोन के एडीजी अमित कुमार को भी मेडल से सम्मानित किया गया है. दोनों पदाधिकारियों ने झारखंड में सेक्टर आईजी रहने के दौरान बूढ़ापहाड़ और बुलबुल जंगल क्षेत्र को माओवाद मुक्त करने में योगदान दिया.
राज्य के इन अधिकारियों को मिला मेडल: एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर, आईजी अभियान और जगुआर आईजी अमोल विनुकांत होमकर, आईजी पलामू राजकुमार लकड़ा, डीआईजी रांची और तत्कालीन डीआईजी जगुआर अनूप बिरथरे, एसपी शिवानी तिवारी, लातेहार एसपी अंजनी अंजन, तत्कालीन गढ़वा एसपी अंजनी कुमार झा, सेकेंड कमांडेंट विवेकानंद सिंह, सहायक कमांडेंट कमलेश कुमार, इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, एसआई गौतम कुमार, जमील अंसारी, मनोहर राम, हवलदार राजकुमार उरांव, आरक्षी रतन कुमार यादव और विष्णु शंकर को स्पेशल ऑपरेशन मेडल मिला है.

